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जहरीले पानी को लेकर बंद कमरे में चर्चा: पीसीसी चीफ ने की पूर्व लोकसभा स्पीकर से अहम मुलाकात

KHULASA FIRST

संवाददाता

16 जनवरी 2026, 9:13 पूर्वाह्न
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जहरीले पानी को लेकर बंद कमरे में चर्चा

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी शुक्रवार को पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन से उनके निवास स्थान पर मुलाकात करने पहुंचे। जानकारी के मुताबिक, यह बैठक केवल शिष्टाचार तक सीमित नहीं थी, बल्कि भागीरथपुरा में दूषित पानी से हो रही मौतों और गंभीर शिकायतों के मद्देनजर बेहद अहम मानी जा रही है।

समाधान निकालना जरूरी
पटवारी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि इंदौर समेत पूरे प्रदेश में शुद्ध पेयजल की स्थिति चिंताजनक है। उन्होंने कहा, “इस मुद्दे पर राजनीति करने की बजाय जमीन पर समाधान निकालना जरूरी है, लेकिन सत्ताधारी दल केवल एक-दूसरे पर आरोप लगाने में व्यस्त है।”

एमपी के बड़े हिस्से में पीने योग्य नहीं पानी
इस मुलाकात में पटवारी के साथ शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे और अन्य कांग्रेस नेता भी मौजूद रहे। बातचीत के बाद उन्होंने बताया कि एनजीटी की रिपोर्ट सरकार के लिए चेतावनी है, जिसमें स्पष्ट कहा गया है कि मध्यप्रदेश के बड़े हिस्से में पानी पीने योग्य नहीं है।

मामले को हल्के में नहीं लिया जा सकता
पटवारी ने भागीरथपुरा में हुई मौतों को गंभीर बताते हुए कहा, “यह किसी राजनीतिक दल का मामला नहीं है, बल्कि आम लोगों की जान से जुड़ा सवाल है, जिसे हल्के में नहीं लिया जा सकता।”

राहुल गांधी की इंदौर यात्रा
जीतू पटवारी ने बताया कि कांग्रेस की प्राथमिकता हर नागरिक तक साफ पानी पहुंचाना है। उन्होंने सरकार से दूषित पानी की समस्या पर तत्काल ठोस कार्रवाई करने की मांग की। इसके अलावा उन्होंने कहा कि कांग्रेस प्रदेशभर में पानी के मुद्दे पर सामाजिक ऑडिट कराएगी।

पटवारी ने यह भी बताया कि राहुल गांधी इंदौर आकर पीड़ित परिवारों से मुलाकात करेंगे और हालात का जायजा लेंगे। उन्होंने प्रशासन पर अनुमति न देने को लेकर भी सवाल उठाए।

सुमित्रा महाजन ने स्वीकारा पानी की खराब स्थिति
पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने कहा कि जीतू पटवारी उनसे पहले भी मिलते रहे हैं और जनहित के मुद्दों को लेकर गंभीर रहते हैं। उन्होंने माना कि शहर के कई इलाकों में खराब पानी की समस्या है, जिसका समाधान मिलकर किया जाना चाहिए।

महाजन ने सुझाव दिया कि आईआईटी, आईआईएम जैसी संस्थाओं के विशेषज्ञों की मदद लेकर तकनीकी सुझाव तैयार किए जाएं और सरकार तक पहुंचाए जाएं। उन्होंने यह भी कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष की मजबूत भूमिका जरूरी है और ऐसे मुद्दों को उठाना उसका अधिकार है।

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