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बालगृह में दिव्यांग बच्चों पर अत्याचार: करवाया जा रहा झाड़ू-पोछा; अधीक्षक ने जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ा

खुलासा फर्स्ट, इंदौर। शहर से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने सरकारी दावों की पोल खोल दी है। 'सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग' के मानसिक रूप से अविकसित बालगृह का एक वीडियो वायरल हो रहा है...

Khulasa First

संवाददाता

20 दिसंबर 2025, 12:01 अपराह्न
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बालगृह में दिव्यांग बच्चों पर अत्याचार

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
शहर से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने सरकारी दावों की पोल खोल दी है। 'सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग' के मानसिक रूप से अविकसित बालगृह का एक वीडियो वायरल हो रहा है।

मासूमों से करवाया जा रहा काम
वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि जिन दिव्यांग बच्चों (उम्र महज 6 से 12 वर्ष) को विशेष देखभाल की जरूरत है, उनसे से झाड़ू-पोंछा करवाया जा रहा है। हद तो तब हो गई जब इन मानसिक रूप से कमजोर बच्चों से गंदे चेंबर साफ करवाए गए और रसोई में उनसे रोटियां बनवाई गईं।

जिम्मेदारों का गैर-जिम्मेदाराना जवाब
परदेशीपुरा स्थित इस संस्थान में कुल 43 बच्चे रहते हैं, जिनकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की है, लेकिन उनसे काम करवाया जा रहा है। जब इस गंभीर लापरवाही पर अधीक्षक नीता कुचरिया से सवाल किया गया, तो उनका जवाब सुनकर आप भी हैरान रह जाएंगे।

उन्होंने पल्ला झाड़ते हुए कहा, "मेरी ड्यूटी शाम 6 बजे तक रहती है, यह वीडियो उसके बाद का होगा।" अब सवाल यह उठता है कि क्या ड्यूटी खत्म होने के बाद अधीक्षक की नैतिक और प्रशासनिक जिम्मेदारी भी खत्म हो जाती है?

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