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देवास पुलिस के निशाने पर ठग गिरोह के अकाउंट और यूएसडीटी सप्लायर: मास्टर माइंड ठग जीतू मनमीत और आनंद से लेता था यूएसडीटी

KHULASA FIRST

संवाददाता

03 फ़रवरी 2026, 10:18 पूर्वाह्न
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देवास पुलिस के निशाने पर ठग गिरोह के अकाउंट और यूएसडीटी सप्लायर

जालसाजी में एक दर्जन से ज्यादा लोग शामिल

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
देवास एसपी पुनीत गहलोद के निर्देश पर औद्योगिक क्षेत्र टीआई शशिकांत चौरसिया ने ‘ऑपरेशन मैट्रिक्स’ के तहत हाई प्रोफाइल सायबर धोखाधड़ी गिरोह के नौ जालसाजो को गिरफ्तार किया। जबकि जांच में मास्टर माइंड जितेंद्र राजपूत उर्फ जीतू लेफ्टी गिरोह में काम करने वाले 15 से ज्यादा संदिग्ध पुलिस के रडार पर हैं।

कल पुलिस ने जीतू से जुड़े प्रीत जाट के घर दबिश दी, लेकिन वह भाग निकला। पुलिस ने गिरोह को यूएसडीटी के जरिए ठगी की रकम देने और लेने वालों की कुंडली तैयार की है। अकाउंट मुहैया कराने वालों के साथ यूएसडीटी सप्लाई करने वाले, हवाला के जरिए पैसों को वाइट करने वाले हर जालसाज जांच के दायरे में है। खुलासा फर्स्ट आज के अंक में फिर ठग जीतू के गिरोह से जुड़े काले धंधे में लिप्त टोपीबाज सदस्यों का खुलासा करने जा रहा है...।

जानकारी के अनुसार आरोपी जितेंद्र उर्फ जीतू लेफ्टी भंवरकुआं थाना क्षेत्र के रहने वाले मनमीत छाबड़ा और आनंद वर्मा से यूएसडीटी खरीदता है। सूत्र बताते हैं कि छाबड़ा का भंवरकुआं स्थित चाय सुट्टा बार कैफे के ऊपर ऑफिस था। गिरोह के लोगों से यहीं पर लेन-देन होता था।

कई बार जीतू का भाई सुमित लेन-देन करने आता-जाता था। मनमीत छाबड़ा की डायरेक्ट लिंक दुबई से है। मनमीत यूएसडीटी का हवाला सीधे दुबई देता था। करीब दो महीनों पहले कनाड़िया पुलिस ने छाबड़ा के शागिर्द को हिरासत में लिया था, लेकिन तोड़बट्टा कर उसे छोड़ दिया गया। इसके बाद से मनमीत छाबड़ा और आनंद वर्मा ऑफिस बंद कर भूमिगत है।

इसके अलावा ठग जितेंद्र राजपूत उर्फ लेफ्टी ने ठगी कर कमाया लाखों रुपया वाइट करने के लिए मनोज लोहार से यूएसडीटी खरीदना शुरू की। पता चला है कि मनोज लोहार पर कई प्रदेशों में भी ठगी के मुकदमे दर्ज हैं। देवास पुलिस की जांच में इसका नाम भी आया है।

सूत्रों का कहना है कि लोहार की भूमिका की भी जांच होगी। पुलिस के अनुसार पूछताछ में खुलासा होने के बाद कल टीम प्रीत जाट को गिरफ्तार करने पहुंची थी, हालांकि वह भाग निकला। पुलिस ने कल रात और भी ठगो के घर दबिश डाली। टीआई का कहना है गिरोह के किसी भी सदस्य को नहीं छोड़ा जाएगा।

जांच के दायरे में ठगो का फाइनेंसर मीणा
सूत्रों ने बताया कि आरोपी जितेंद्र राजपूत उर्फ जीतू और उसके खास गुर्गे सतबीर का फाइनेंसर सुनील मीणा है। जितेंद्र कई बार ठगी का पैसा सुनील के पास रखता है। सुनील दिखाने को कैटरिंग का काम करता है, लेकिन असल में पूरी ठग गैंग का बड़ा फाइनेंसर है। जितेंद्र और उसकी गैंग के गुर्गों के कहीं भी पकड़ाने पर तोड़बट्टा कर उन्हें छुड़वाकर लाने का काम इसी का रहता है। मौके पर लेन-देन तक सुनील मीणा ही करता है। हाल ही में जितेंद्र के देवास में गिरफ्तार होने पर उसके भाई सुमित के साथ भी दो दिन तक वही रुका था। हालांकि सेटिंग न जमने पर वापस लौट आया और जमानत के लिए वकीलों के पास दौड़ लगाई।

नानाखेड़ा थाने से तोड़बट्टा कर छूटे ठग, बाहर आते ही संभाला ठगी का काम

खुलासा फर्स्ट टीम को पता चला है कि उज्जैन के नानाखेड़ा थाने से तोड़बट्टा कर छूटे ठग दोबारा सक्रिय हो गए। आरोपी जीतू लेफ्टी और सतबीर सिंह के साथ नानाखेड़ा में पकड़े जाने के बाद तोड़बट्टा कर छूटने वाला अमन मिश्रा, उसका साथी शुभम रघुवंशी अब जितेंद्र का काम संभाल रहे हैं। इसके अलावा इंदौर का खजराना निवासी अनस शेख खातों की व्यवस्था करता था। ठगी का पैसा खातों में डालने और खातों से निकालने का काम भी इन्हीं के माध्यम से किया जाता था। अमन मिश्रा के बारे में जानकारी लगी है कि उसके मामा इंदौर लोकायुक्त में पुलिसकर्मी हैं। कुछ महीने पहले उज्जैन नानाखेड़ा पुलिस ने अमन मिश्रा, शुभम रघुवंशी और जीतू राजपूत सहित अन्य को पकड़ा था। इस मामले में जीतू के खास गुर्गे सतबीर सिंह उर्फ छोटू और चेतन राजपूत को जेल भेजा गया था। हालांकि, अमन मिश्रा को उसका मामा बचा लाया, जबकि जीतू लेफ्टी पैसों के दम पर गैंग को बचाकर बाहर निकाल लाया।


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