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इंडोकिड्स की मान्यता निरस्त करने की मांग: पीड़ितों ने डीपीसी को सौंपा ज्ञापन

KHULASA FIRST

संवाददाता

08 फ़रवरी 2026, 8:37 पूर्वाह्न
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इंडोकिड्स की मान्यता निरस्त करने की मांग

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
तिलक नगर संस्था के भवन पर कब्जा जमाकर बैठे राजेंद्र नंदलाल महाजन के इंडोकिड्स स्कूल की मान्यता निरस्त करने के लिए एक ज्ञापन पीड़ितों ने डीपीसी को दिया है। इसमें कहा गया है कि स्कूल की समिति का नाम परिवर्तन किया गया, जो पंजीकृत नहीं है।

उल्लेखनीय है कि महाजन पर तीन कर्मचारियों परीक्षित गंगराड़े, विजय पाटीदार और कमलेश गुर्जर ने प्रताड़ने देने और नौकरी से हटाने के आरोप लगाए हैं। उनका बकाया पैसा भी न देने का आरोप लगाते हुए पीड़ितों का कहना है कि 67 वर्षीय राजेंद्र महाजन ने एक कर्मचारी की पत्नी को भी छेड़ा था और विरोध करने पर उसे स्कूल से निकाल दिया था।

उसने खुद को आईपीएस एकेडमी का संचालक भी बता रखा था और वहां भी करीब एक करोड़ रुपए की राशि, जो कि कर्मचारियों के सहकारी बैंक खाते में जमा थी, वो खुद ने निकाल ली और जब कर्मचारियों ने मांगी तो उसने उन्हें धमकाया।

जाली हस्ताक्षर कर एग्रीमेंट बढ़ा लिया
अब ताजा मामला उसके इंडोकिड्स स्कूल का है। इस स्कूल में उसने तिलक नगर संस्था के तत्कालीन अध्यक्ष पं. भवानी कश्यप के निधन के 5 वर्ष बाद जाली हस्ताक्षर कर एग्रीमेंट को मनमाने तरीके से 2012 से 2032 तक बढ़ा लिया, जबकि संस्था के वर्तमान अध्यक्ष अविनाश पचौरी का कहना है कि महाजन ने वर्ष 2017 से किराया नहीं दिया है। उसे चार कमरे दिए गए थे और दो कमरे संस्था के पास ही थे, लेकिन उन पर भी उसने कब्जा कर लिया है।

भ्रामक जानकारी दी
इसी स्कूल की मान्यता निरस्ती का आवेदन डीपीसी कार्यालय पहुंचा है, जिसमें उक्त पीड़ितों ने कहा है कि तिलक नगर में प्लॉट क्र. 15-21 स्थित इंडोकिड्स स्कूल कोड 49661 यूडीआईएसई कोड 23260104712 का संचालन समिति का नाम परिवर्तन प्रस्ताव संदर्भ क्र. 2 के अनुसार नाम जैन एजुकेशन सर्विसेस सोसायटी प्रस्तावित किया गया था,

लेकिन संदर्भ क्र. 1 के अनुसार नवीनीकृत मान्यता आवेदन में समिति का नाम जैन इंडो एजुकेशन एजुकेशन सर्विसेस सोसायटी का उल्लेख किया गया है, जबकि इस नाम की कोई समिति अस्तित्व में ही नहीं है। उन्होंने ज्ञापन में कहा कि मान्यता आवेदन में भ्रामक जानकारी देने के कारण इंडोकिड्स स्कूल की मान्यता निरस्त की जाए।

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