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रक्षा मंत्रालय का अफसर गिरफ्तार: रिश्वत लेने के मामले में हुई कार्रवाई; CBI ने 2.36 करोड़ रुपए किए जब्त

खुलासा फर्स्ट, नई दिल्ली। केंद्रीय जांच ब्यूरो ने भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए रक्षा मंत्रालय में तैनात लेफ्टिनेंट कर्नल को रिश्वत लेने के मामले में गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई

Khulasa First

संवाददाता

21 दिसंबर 2025, 12:51 अपराह्न
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रक्षा मंत्रालय का अफसर गिरफ्तार

खुलासा फर्स्ट, नई दिल्ली।
केंद्रीय जांच ब्यूरो ने भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए रक्षा मंत्रालय में तैनात लेफ्टिनेंट कर्नल को रिश्वत लेने के मामले में गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई ने रक्षा गलियारों में हड़कंप मचा दिया है, क्योंकि अधिकारी के आवास से करोड़ों की बेहिसाब नकदी बरामद हुई है।

रिश्वतकांड का पूरा सच
केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की FIR के मुताबिक, रक्षा उत्पादन विभाग में तैनात लेफ्टिनेंट कर्नल दीपक कुमार शर्मा पर बेंगलुरु की एक निजी कंपनी को अनुचित लाभ पहुंचाने का आरोप है। अधिकारी ने रक्षा उत्पादों के निर्माण और निर्यात में मदद के बदले 3 लाख की रिश्वत स्वीकार की थी।

बिचौलिए की भूमिका
इस सौदे में विनोद कुमार नाम के बिचौलिए को भी गिरफ्तार किया गया है, जिसने दुबई स्थित कंपनी के भारतीय प्रतिनिधियों के कहने पर रिश्वत पहुंचाई थी। CBI की जांच केवल लेफ्टिनेंट कर्नल तक सीमित नहीं रही। दिल्ली, बेंगलुरु, जम्मू और श्रीगंगानगर सहित कई शहरों में एक साथ छापेमारी की गई, जिसमें चौंकाने वाले खुलासे हुए।

करोड़ों का कैश बरामद
अधिकारी के दिल्ली स्थित आवास से 2.36 करोड़ नकद और कई आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किए गए हैं। मामले में कर्नल शर्मा की पत्नी, कर्नल काजल बाली को भी आरोपी बनाया गया है। वह श्रीगंगानगर में 'डिवीजन ऑर्डिनेंस यूनिट' (DOU) की कमांडिंग ऑफिसर हैं। उनके परिसर से भी 10 लाख बरामद हुए हैं।

आरोपियों को कस्टडी में भेजा
कोर्ट ने दोनों मुख्य आरोपियों को 23 दिसंबर तक CBI की कस्टडी में भेज दिया है।दुबई कनेक्शन और 'जीरो टॉलरेंस' नीतिजांच में सामने आया है।

हेरफेर की कोशिश में थे
यह पूरा जाल एक दुबई स्थित कंपनी के लिए बुना गया था, जिसका संचालन भारत में राजीव यादव और रवजीत सिंह कर रहे थे। ये लोग कर्नल शर्मा के जरिए सरकारी टेंडर और नीतियों में हेरफेर करने की कोशिश में थे।

रक्षा मंत्रालय का कड़ा रुख
ANI की रिपोर्ट के अनुसार, रक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने साफ किया है कि यह कार्रवाई केंद्र सरकार की 'भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस' नीति का हिस्सा है।

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