डेटा प्रोटेक्शन नियम डिजिटल अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण: डेटा सुरक्षा और साइबर सुरक्षा जागरूकता शिखर सम्मेलन
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
फेडरेशन ऑफ होटल एंड रेस्टॉरेंट एसोसिएशंस ऑफ इंडिया (फहराई) द्वारा होटल ओमनी रेसीडेंसी में आयोजित डेटा सुरक्षा और साइबर सुरक्षा जागरूकता शिखर सम्मेलन में अध्यक्ष सुरेंद्र जायसवाल ने कहा कि डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन नियम 2025 भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था के लिए मील का पत्थर है। सम्मेलन से सदस्य जिम्मेदारियों को स्पष्ट रूप से समझने और मजबूत डेटा गवर्नेंस और अनुपालन फ्रेमवर्क बनाने में सक्षम हो जाएंगे।
जायसवाल ने कहा कि हॉस्पिटैलिटी सेक्टर के लिए अनुपालन सीधे मेहमानों के विश्वास और दीर्घकालिक स्थिरता से जुड़ा है। एचआरएडब्ल्यूआई (हरावी) के अध्यक्ष जिमी शॉ ने कहा होटल और रेस्टोरेंट के लिए डीपीडीपी यानी रोजमर्रा के ऑपरेशनल बदलाव फ्रंट डेस्क प्रोसेस और ऑनलाइन रिजर्वेशन से लेकर वेंडर मैनेजमेंट और पेमेंट सिस्टम।
यह समिट कंप्लायंस को आसान बनाने और संस्थानों, खासकर छोटे और मध्यम आकार के ऑपरेटर्स को सर्विस डिलीवरी में बिना किसी रुकावट के रूटीन बिजनेस ऑपरेशन में डेटा प्रोटेक्शन को कैसे शामिल किया जाए इस बारे में स्पष्टता देने में खास तौर पर मददगार है।
डेटा संरक्षण अब एक प्रमुख परिचालन
होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन वेस्टर्न इंडिया के सहयोग से आयोजित सम्मेलन का उद्देश्य हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री के लिए भारत के नए डेटा सुरक्षा फ्रेमवर्क की स्पष्टता, सेक्टर-विशिष्ट और तैयारी के प्रति समझ को विकसित करना था। ये सम्मेलन डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन एक्ट 2023 के तहत अधिसूचित डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन नियम 2025 के संदर्भ में आयोजित था, जो डेटा गवर्नेंस के प्रति भारत के दृष्टिकोण में एक महत्वपूर्ण बदलाव का प्रतीक है।
वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि डेटा संरक्षण अब एक प्रमुख परिचालन और रणनीतिक प्राथमिकता बन चुका है। विशेष रूप से आतिथ्य क्षेत्र के लिए, जो अतिथि अनुभव, सेवा वितरण और व्यवसायिक वृद्धि के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म और तकनीक आधारित सेवाओं पर व्यापक रूप से निर्भर करता है।
डेटा लाइफ साइकिल नियंत्रण पर मार्गदर्शन दिया: चर्चा में हॉस्पिटैलिटी सेक्टर द्वारा ऑनलाइन बुकिंग सिस्टम, प्रॉपर्टी मैनेजमेंट प्लेटफॉर्म, लॉयल्टी प्रोग्राम, पेमेंट गेटवे, एआई-इनेबल्ड गेस्ट सर्विस और थर्ड पार्टी एग्रीगेटर के बड़े पैमाने पर इस्तेमाल पर भी बात हुई, जिनमें से सभी में संवेदनशील पर्सनल डेटा की प्रोसेसिंग शामिल है।
साइबर सुरक्षा और डीपीडीपी कंप्लायंस पर तकनीकी सत्र अन्स्र्ट एंड यंग (ईएंडवाय) के विशेषज्ञों द्वारा संचालित किए गए, जिसमें पार्टनर साइबर सुरक्षा अभिजीत पारब और मैनेजर अरविंदर सिंह लायल शामिल थे, जिन्होंने डेटा लाइफ साइकिल नियंत्रण, ऑडिट तैयारी और घटना प्रतिक्रिया पर व्यावहारिक मार्गदर्शन साझा किया।
सम्मेलन एफएचआरएआई की प्रतिबद्धता को दोहराता है: हॉस्पिटैलिटी सेक्टर के लिए डीपीडीपी नियमों के महत्व पर एक पैनल चर्चा के माध्यम से कार्यान्वयन से जुड़ी चुनौतियों और सर्वोत्तम प्रथाओं पर भी सार्थक विचार विमर्श हुआ। नतीजे के तौर पर समिट ने संगठनात्मक जिम्मेदारियों और डेटा गवर्नेस मानकों की समझ को मजबूत करके, सहमति प्रबंधन और उल्लंघन से निपटने की तैयारी में सुधार करके और इंडस्ट्री और रेगुलेटर्स के बीच करीबी सहयोग को बढ़ावा देकर इंडस्ट्री की तैयारी को बढ़ाया। यह शिखर सम्मेलन डीपीडीपी नियम 2025 के प्रभावी और सहज कार्यान्वयन में आतिथ्य उद्योग को समर्थन देने, साथ ही पारदर्शिता, जवाबदेही और उपभोक्ता विश्वास को सुदृढ़ करने के प्रति एफएचआरएआई की प्रतिबद्धता को दोहराता है।
डेटा प्रिंसिपल के अधिकार बताए
सम्मेलन में पर्यटन मंत्री धर्मेंद्रसिंह लोधी विशेष रूप से मौजूद थे। कार्यक्रम में डीपीडीपी नियमों के दायरे और लागू होने के बारे में स्पष्ट जानकारी दी गई, जिसमें सहमति और नोटिस की जरूरतें, डेटा फिड्यूशरी और प्रोसेसर की जिम्मेदारियां, बच्चों के डेटा की सुरक्षा, तैयारी और रिपोर्टिंग, डेटा प्रिंसिपल के अधिकार और महत्वपूर्ण डेटा फिड्यूशरी के लिए अनुपालन आवश्यकताएं शामिल रहीं।
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