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बेटे को खतरा, हम भी डर-डरकर जी रहे: सौदा फैल होने पर परिवार के साथ यह क्या किया; अब धमका भी रहा

KHULASA FIRST

संवाददाता

20 जनवरी 2026, 6:23 पूर्वाह्न
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बेटे को खतरा, हम भी डर-डरकर जी रहे

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
आर्थिक परेशानी के चलते परिवार ने किस्तों पर बनाए अपने मकान का सौदा कर दिया। बयाने की रकम भी ले ली।

कान पर कब्जा कर लिया
खरीदार पक्ष ने एग्रीमेंट के तहत बकाया किस्तें व बचा हुआ लोन नहीं भरा और सौदा निरस्त करने के बाद भी मकान पर कब्जा कर लिया।

कब्जा वापस मांगा
परिवार ने कब्जा वापस मांगा और बयाने की रकम डूबने की बात कही तो खरीदार पक्ष धमकीबाजी पर उतर आया।

आखिरकार मामला थाने पहुंचा तो खरीदार ने परिवार पर गुंडों के साथ मिलकर हमला कर दिया।

अब रोज दे रहे धमकी
आखिरकार पुलिस के हस्तक्षेप के बाद परिवार को कब्जा तो मिल गया लेकिन आरोपी पक्ष रोजाना पीड़ित परिवार को धमका रहा है।

श्रीनाथ टॉउनशिप, ढाबली में गुंजा पति कमल पालीवाल का घर हैं। ट्रांसपोर्ट का काम करने वाले कमल ने लोन लेकर अपना मकान बनाया था, जिसकी किस्त 60 हजार रुपए प्रतिमाह आती थी।

मकान बेचना तय किया
आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण वे लोग समय पर किस्तें नहीं भर पाने के कारण उन्होंने अपना मकान बेचना तय किया। 2 फरवरी 2025 को मकान का सौदा राजश्री पति आनंद द्विवेदी से 8.25 लाख में कर दिया और 3.25 लाख रुपए बयाना भी ले लिया।

58.30 लाख का लोन
एग्रीमेंट में तय हुआ था कि मकान पर बंधन बैंक कनाड़िया रोड शाखा का जो 58.30 लाख का लोन है। उसे खरीदार ही भरेगा। गुंजा पालीवाल का आरोप है कि द्विवेदी परिवार ने लोन चुकाना तो दूर एक भी किस्त तक नहीं भरी।

मकान लेने से किया मना
15 अगस्त 2025 को राजश्री ने मकान लेने से मना कर दिया। बावजूद इसके हमने दस दिनों तक राजश्री का इंतजार किया। इसके बाद मेरे पति कमल ने राजश्री से कहा कि एग्रीमेंट के अनुसार आप सौदा पूरा नहीं कर पा रहे हैं। न तो मकान की किस्तें भर पा रहे हैं और न ही लोन चुका पा रहे हैं।

इसके चलते एग्रीमेंट के दौरान आपने जो बयाना दिया था। वह डूब गया है। इसके बाद हमने मकान पर अपना ताला लगा दिया। इससे गुस्साई राजश्री अपने पति आनंद द्विवेदी और गुंडों को लेकर हमारे घर आई।

बच्चों को जान से मारने की धमकी
आनंद द्विवेदी ने खुद को मिलिट्री का बताते हुए मुझे, मेरे पति और मेरे तीनों बच्चों को जान से मारने की धमकी दी। इसके दो दिन बाद 2 सितंबर को मेरे पति कमल का देहांत हो गया। इस बीच आरोपियों ने मकान पर कब्जा भी कर लिया।

पुलिस में शिकायत की तो धमकाया
हमने 28 सितंबर को पुलिस में शिकायत की तो इसके बाद आरोपी आनंद द्विवेदी, राजश्री और उसके साथी गुंडे आए दिन हमें धमकाने लगे।

जान से मारने की धमकियां
मेरे बेटे 17 वर्षीय नरेश बेटे नरेश को जान से मारने की धमकियां दी जाने लगी। परिवार में एक भी पुरुष मुखिया नहीं होने के चलते आनंद द्विवेदी की गुंडागर्दी बढ़ गई। मारे डर के हमें नरेश को रिश्तेदार के घर भिजवाना पड़ा।

घर में घुसकर बेटी को बेरहमी से पीटा
9 दिसंबर की रात आनंद द्विवेदी, राजश्री, मोहित शर्मा और राहुल हमारे घर आए। इस दौरान मेरी सास मेवाबाई, बड़ी बेटी अंजली, छोटी बेटी आयुषी घर पर थी।

आरोपियों ने हम पर हमला कर दिया। बेटी अंजली को डंडों से बेरहमी से पीटा। सास मेबाबाई को भी डंडे मारे। इससे उनके पैर में भी गंभीर चोट आई।

थाने में केस दर्ज करवाया
बीचबचाव करने पर मुझे और आयुषी को भी पीटा। 10 दिसंबर को हमने अंजली की तरफ से आरोपियों पर लसूड़िया थाने में केस दर्ज कराते हुए पूरा मामला बताया।

इस पर आनंद पुलिस से ही बहसबाजी करने लगा। आखिरकार टीआई तारेश सोनी ने दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर हमें हमारे मकान का कब्जा दिलवा दिया।

अब धमकीबाजी पर उतरा
इससे चलते आनंद अब धमकीबाजी पर उतर आया है। वह आए दिन हमारे घर आकर धमकियां दे रहा है। इसके चलते हम बेटे नरेश को घर नहीं ला रहे हैं। आनंद नरेश के दोस्तों को रोककर उसका पता पूछता है। हमें आनंद और उसके गुंडों से जान का खतरा है।

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