खबर
Top News

सज्जन वर्मा समेत कांग्रेसियों को खदेड़ा, चूड़ियां-चप्पल फेंके: कांग्रेस-भाजपा में आरोप-प्रत्यारोप; पुलिस ने 45 लोगों को जेल भेजा, शाम को मुचलके पर छोड़ा

KHULASA FIRST

संवाददाता

04 जनवरी 2026, 10:47 पूर्वाह्न
121 views
शेयर करें:
सज्जन वर्मा समेत कांग्रेसियों को खदेड़ा, चूड़ियां-चप्पल फेंके

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
भागीरथपुरा कांड ने इंदौर की राजनीति को बुरी तरह गर्मा दिया है। कल प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी द्वारा गठित जांच समिति के सदस्य पूर्व मंत्री सज्जनसिंह वर्मा, विधायक प्रताप ग्रेवाल, महेश परमार, प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष रीना बोरासी, शहर अध्यक्ष चिंटू चौकसे के साथ सैकड़ों कार्यकर्ता पहुंचे।

दो पीड़ित परिवारों के घरों पर उनका सामना भाजपा कार्यकर्ताओं से हो गया, जिन्होंने सज्जन वर्मा सहित अन्य नेताओं पर चप्पल और चूडिय़ां फेंकी। जमकर हंगामा हुआ। बाद में वर्मा समेत 45 पदाधिकारी-कार्यकर्ताओं को पुलिस गिरफ्तार कर जेल ले गई।

दोपहर करीब 2.30 बजे कांग्रेस नेता भागीरथपुरा पुलिस चौकी के पास एकत्र हुए थे। उनके साथ बड़ी संख्या में कार्यकर्ता भी थे। वे पीड़ित परिवार से मिले। उन्हें परिजनों ने बताया कई दिन से गंदा पानी आ रहा था, जिसमें बदबू भी थी। कई शिकायत की, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। आखिरकार जान चली गई।

इसके बाद ये सभी 5 माह के मृत अव्यान के घर पहुंचे। उसके घर से जैसे ही निकले, भाजपा मंडल अध्यक्ष चंदनसिंह बैस के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता सामने आ गए। उन्होंने बाहरी लोग वापस जाओ नारे लगाए तो जवाब में कांगेसियों ने घंटा पार्टी मुर्दाबाद नारे।

दोनों ओर से जोरदार नारेबाजी होने लगी और लगा कार्यकर्ता भिड़ लेंगे। इसी बीच भाजपा कार्यकर्ताओं ने काले झंडे दिखाना शुरू कर दिया और वापस जाओ के नारे लगाए। किसी कार्यकर्ता ने वर्मा की ओर चूडिय़ां फेंकी। इससे माहौल गर्म हो गया और इसी दौरान किसी ने चप्पल भी फेंकी। इसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ता भी आक्रोशित हो गए।

तभी एडि. सीपी अमित सिंह और कई पुलिस अधिकारियों ने मोर्चा संभाला और दोनों पक्षों को दूर किया। इसके बाद कांग्रेस नेता पूर्व मंत्री सज्जनसिंह वर्मा, विधायक महेश परमार, प्रताप ग्रेवाल, महिला कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष रीना बौरासी, शहर अध्यक्ष चिंटू चौकसे, वरिष्ठ नेता राजेश चौकसे, गिरधर नागर, ठाकुर जीतेंद्र सिंह, अमन बजाज, सच सलूजा,प्रेम खडायता, अमित पटेल समेत तमाम कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। उन्हें वाहनों से सेंट्रल जेल ले जाया गया। शाम करीब 45 कार्यकर्ताओं को निजी मुचलके पर छोड़ दिया गया।

काले झंडे, जूते-चप्पल और पुलिस से झड़प... कांग्रेस नेताओं को काले झंडे दिखाए गए और कुछ उपद्रवियों ने जूते-चप्पल भी उछाले। आक्रोशित कांग्रेस कार्यकर्ताओं और भाजपा समर्थकों के बीच पुलिस के साथ भी लगातार झड़प होती रही। करीब एक घंटे तक चले इस घटनाक्रम के बाद पुलिस ने दोनों पक्षों को अलग-अलग किया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त बल बुलाया गया।

सच दबाने की साजिश: कांग्रेस... कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता अमित चौरसिया ने कहा पीडि़त परिवारों से मिलने जा रहे कांग्रेस नेताओं को रोकना और गिरफ्तार करना भाजपा सरकार की सच दबाने की साजिश है। कांग्रेस नेताओं पर सुनियोजित हमला किया गया और ये सब पुलिस संरक्षण में भाजपा कार्यकर्ताओं ने किया। यह सिर्फ कांग्रेस पर नहीं, सच, न्याय और लोकतंत्र पर हमला है। भाजपा सरकार की नाकामी, भ्रष्टाचार और लापरवाही से मरे लोगों के सवालों से घबराकर अब हिंसा का सहारा लिया जा रहा है।

जिन परिवारों ने अपनों को खोया है, कांग्रेस उनके साथ है। युवक कांग्रेस अध्यक्ष अमित पटेल ने नोटशीट सार्वजनिक कर दावा किया भागीरथपुरा से जुड़ी फाइलें महापौर और उनकी परिषद के स्तर पर महीनों जानबूझकर रोकी गईं, ताकि भ्रष्टाचार चलता रहे।

उन्होंने इसे पूरी सत्ता संरचना की मिलीभगत बताया। वरिष्ठ नेता सज्जन सिंह वर्मा ने इस मामले को आपराधिक लापरवाही करार देते हुए कहा जिन लोगों ने फाइलें दबाकर रखीं और जनता को संकट में झोंका, उन सभी पर आपराधिक प्रकरण दर्ज हो। यह केवल प्रशासनिक चूक नहीं बल्कि सुनियोजित अपराध है।

नेताओं के बयान: पुलिस और सरकार पर आरोप... शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने कहा कि आज भाजपा का काला और भ्रष्ट चेहरा इंदौर ही नहीं, पूरे देश ने देख लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस भाजपा की एजेंट बनकर काम कर रही है और पीड़ितों से मिलने जा रहे कांग्रेस नेताओं को रोका जा रहा है।

वरिष्ठ नेता सज्जनसिंह वर्मा ने कहा वे संवेदना व्यक्त करने गए थे, लेकिन भाजपा के लोगों ने हंगामा कर काले झंडे दिखाए ताकि उनके ‘काले चेहरों’ का खुलासा न हों। उन्होंने इस्तीफे की मांग कर कहा नैतिकता छोड़ दो, अपनी गरिमा को पहचान लो( कैलाश भैया, महापौर भार्गव दोनों की नहीं चल रही है इसलिए उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए।

और संबंधित जिम्मेदारों पर नैतिक जिम्मेदारी तय करने की बात कही। जूते चप्पल फेंकने के सवाल पर कहा जूते-चप्पल फेंकने की औकात नहीं है भाजपा की। मीडिया को बोले ये चलाना भी मत, मैं अलग टाइप का आदमी हूं। प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष रीना बौरासी ने कहा विरोध जनता नहीं, बल्कि भाजपा के गुंडे कर रहे थे। 15 लोगों की मौत पर संवेदना व्यक्त करना क्या अपराध है?

जनता ने खुद लौटाया कांग्रेसियों को... शहर भाजपा प्रवक्ता वरुण पाल का कहना है कांग्रेसियों का विरोध जनता ने किया। उनसे यही सवाल पूछ रही थी इतने दिनों से कहां थे? जनता उनसे नाराज थी और नहीं चाहती थी कांग्रेसी क्षेत्र में आएं क्योंकि वो पहले कभी उनके दुख-दर्द जानने नहीं आए। मौत के इतने दिनों बाद केवल राजनीति करने आए।

रहवासी नहीं, बाहर से आए भाजपा समर्थक थे... कांग्रेस नेताओं का आरोप है विरोध करने वाले लोग भागीरथपुरा रहवासी नहीं थे, बल्कि बाणगंगा क्षेत्र के भाजपा समर्थक थे। बताया गया इनमें चंदन सिंह बैस जैसे भाजपा के ब्लॉक पदाधिकारी और पूर्व मंडल अध्यक्ष भी शामिल थे, जिन्होंने वार्ड 17 से चुनाव लड़ा था। भागीरथपुरा के स्थानीय रहवासी सिर्फ यह देख रहे थे भाजपा कार्यकर्ता विरोध क्यों कर रहे हैं?

संबंधित समाचार

टिप्पणियाँ

अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!