पहली बार कांग्रेस अध्यक्ष की वंदेमातरम् विवाद पर प्रतिक्रिया: बोले- मामला अनुशासन समिति के पास, सही समय पर होगा फैसला
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
इंदौर नगर निगम के बजट सत्र के दौरान उठे वंदेमातरम विवाद पर मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने पहली बार खुलकर प्रतिक्रिया दी। शनिवार को इंदौर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने स्पष्ट किया कि पूरा मामला पार्टी की अनुशासन समिति को सौंप दिया गया है और उचित समय पर निर्णय लिया जाएगा। इस दौरान पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा, शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे और पार्टी प्रवक्ता अमित चौरसिया भी मौजूद रहे।
अनुशासन समिति को सौंपा गया मामला
पटवारी ने कहा कि वंदेमातरम राष्ट्रगीत को लेकर कांग्रेस का रुख हमेशा सम्मानजनक रहा है। हालिया विवाद पार्टी के संज्ञान में है और इसे गंभीरता से लेते हुए अनुशासन समिति के पास भेजा गया है। समिति की रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की कार्रवाई तय होगी। हालांकि, कांग्रेस पार्षद फौजिया शेख और रुबीना इकबाल खान पर संभावित कार्रवाई को लेकर पटवारी ने सीधे तौर पर कोई जवाब नहीं दिया और इस मुद्दे पर टिप्पणी से बचते नजर आए।
बीजेपी पर मुद्दे भटकाने का आरोप
प्रेस वार्ता में पटवारी ने सत्तारूढ़ दल पर निशाना साधते हुए कहा कि बीजेपी जानबूझकर मूल मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए ऐसे विवाद खड़े कर रही है। उन्होंने कहा -“राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत कांग्रेस की विचारधारा का हिस्सा रहे हैं। हमें किसी से प्रमाणपत्र लेने की जरूरत नहीं है।” उन्होंने आरोप लगाया कि नगर निगम के बजट सत्र के दौरान लगातार विवाद खड़े कर असल मुद्दों जैसे भ्रष्टाचार, कानून-व्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं से ध्यान हटाया गया।
‘डील’ के आरोपों पर भी प्रतिक्रिया
मीडिया द्वारा पूछे गए सवालों पर, जिसमें कांग्रेस पार्षद राजू भदौरिया द्वारा फौजिया शेख के पति शेख अलीम और महापौर के बीच कथित ‘डील’ के आरोप लगाए गए थे, पटवारी ने कहा कि यह मामला भी पार्टी के संज्ञान में है और इस पर भी उचित समय पर निर्णय लिया जाएगा।
सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप
पटवारी ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि प्रदेश “भ्रष्टाचार के कैंसर” से जूझ रहा है। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि कोई मंत्री सार्वजनिक रूप से खुद को भ्रष्टाचार मुक्त घोषित करे, तो वे उसके खिलाफ प्रमाण सामने लाने को तैयार हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि वल्लभ भवन की पांचवीं मंजिल “भ्रष्टाचार का केंद्र” बन चुकी है, जहां ट्रांसफर-पोस्टिंग तक में पैसे का खेल चल रहा है।
‘मुद्दों को दबाने के लिए रची गई रणनीति’
पटवारी ने दावा किया कि बजट सत्र के दौरान जानबूझकर अलग-अलग विवाद खड़े किए गए। पहले नमाज, फिर औरंगजेब और अब वंदेमातरम ताकि भागीरथपुरा क्षेत्र में हुई हत्याओं, पानी की समस्या और अन्य प्रशासनिक मुद्दों पर जवाब देने से बचा जा सके। उन्होंने आरोप लगाया कि इन मुद्दों को सांप्रदायिक रंग देकर असल समस्याओं को दबाने की कोशिश की जा रही है।
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