पांच हजार से ज्यादा प्रभावित होने का किया गोपनीय दावा: जहारीला जलकांड; नलों से निकले जहर से हुई 16 मौतें
KHULASA FIRST
संवाददाता

ड्रेनेज और नर्मदा लाइन के आपसी संपर्क से फैला प्रदूषण, संकट जारी
खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
भागीरथपुरा क्षेत्र में नर्मदा पाइपलाइन में ड्रेनेज का पानी मिलने से उपजा स्वास्थ्य संकट बेहद गंभीर हो गया है। नलों का दूषित पानी पीने से 16 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि करीब 5 हजार से अधिक प्रभावित होने का गोपनीय दावा पार्षद ने किया है। सैकड़ों मरीजों को उल्टी-दस्त और अन्य लक्षणों के चलते अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। हालात इतने भयावह हैं कि क्षेत्र में दहशत है और लोग अब बीमारी छुपाने लगे हैं।
आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने बच्चों और बुजुर्गों को किया चिह्नित
शनिवार को क्षेत्र में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने चार बच्चों और तीन बुजुर्गों को चिह्नित किया, जिनमें दूषित पानी पीने के लक्षण पाए गए थे। समझाइश देने के बाद सभी को प्राथमिक उपचार के लिए स्वास्थ्य केंद्र लाया गया। चिह्नित मरीजों में हीरालाल वर्मा (65), सोनिया वर्मा (8), रेशम (70), मनीष मकवाना (55), भविष्य (5), शिवांश (2) और दीपक (3) शामिल हैं, जिन्हें आयुष्मान आरोग्य मंदिर शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भागीरथपुरा लाया गया।
मौतों के डर से इलाज छुपा रहे लोग, बच्चों की पहचान सबसे बड़ी चुनौती
क्षेत्र में लगातार हो रही मौतों के चलते मरीजों और उनके परिजनों में भय का माहौल है। कई लोग अपनी बिगड़ती तबीयत छुपा रहे हैं। प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती छोटे बच्चों और गंभीर मरीजों की पहचान कर समय पर इलाज उपलब्ध कराना है।
उप्र के परिवार ने टालना चाहा इलाज
अपने बीमार बच्चों को गोद में लिए एक पिता ने बताया उप्र से रिश्तेदार के यहां भागीरथपुरा आए थे और लौटने की तैयारी कर रहे थे। इसी दौरान बच्चों को उल्टी-दस्त के लक्षण दिखाई देने लगे। मौत की खबर सुन बच्चों का इलाज यहीं कराने से हिचक रहे थे और अपने राज्य जाकर उपचार कराना चाहते थे लेकिन आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और स्वास्थ्य विभाग की टीम की समझाइश पर बच्चों को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले जाने के लिए तैयार हुए।
सामुदायिक भवन में स्वास्थ्य शिविर
जिला प्रशासन, तहसीलदार, नायब तहसीलदार और स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार भागीरथपुरा क्षेत्र में सक्रिय है। सामुदायिक भवन में स्वास्थ्य शिविर लगाया गया है, जहां शिकायत मिलते ही तुरंत कार्रवाई की जा रही है। उल्टी-दस्त या दूषित पानी से संबंधित लक्षण पाए जाने पर मरीजों को तत्काल चिह्नित कर अस्पतालों में भेजा जा रहा है।
नर्मदा और ड्रेनेज लाइन साथ-साथ, गड्ढों में दिखी गंभीर लापरवाही: निरीक्षण के दौरान पाया गया कई स्थानों पर गड्ढे खोदकर नर्मदा जल लाइन और ड्रेनेज लाइन को साथ बिछाया गया है। कहीं ड्रेनेज लाइन एक से तीन फीट नीचे है तो कहीं ऊपर-नीचे, जिससे गंदा पानी सीधे पीने के पानी में मिल गया।
एसीएस के सामने पार्षद का दावा- 5 हजार प्रभावित: एसीएस के सामने क्षेत्रीय पार्षद ने गोपनीय दावा किया लगभग 5 हजार लोग प्रभावित हैं, जबकि आधिकारिक आंकड़ा काफी कम है।
अधिकारियों को गुमराह करने के आरोप: पार्षद पर प्रशासनिक अधिकारियों को भ्रमित करने के आरोप भी लगे हैं। आरोप है जिन स्थानों पर मौतें हुई हैं, वह जानकारी छुपाई गई। एसीएस संजय दुबे के निरीक्षण के दौरान भी यही स्थिति देखने को मिली।
पानी की टंकी से गलियों तक निरीक्षण, ड्रेनेज सफाई कार्य शुरू: एडीएम पवार नवजीवन विजय ने पानी की टंकी से लेकर अत्यधिक प्रभावित पश्चिमी क्षेत्र की गलियों तक निरीक्षण किया। इस दौरान कई स्थानों पर ड्रेनेज लाइन की सफाई नजर आई।
संबंधित समाचार

एमडी ड्रग्स के साथ तस्कर गिरफ्तार:कॉस्मेटिक दुकान के नाम पर बेच रहा था नशा

जहरीले पानी से 21वीं मौत:एक और महिला ने तोड़ा दम

मेट्रो के 16 स्टेशन जल्द पूरे होंगे परीक्षण का कार्य अंतिम चरण में

अनिका को महू से मिली बड़ी मदद, अन्य जगह भी जाएगी:कई संस्थान आए आगे
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!