शहर में फ्लाईओवर का काम जून तक हर हाल में पूरा करें: निरीक्षण में कलेक्टर ने दिए निर्देश; निर्माण एजेंसियों को लगाई फटकार
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
शहर की सड़कों पर विकास की धीमी रफ्तार अब नागरिकों के सब्र का इम्तिहान ले रही है। शहर के चार प्रमुख चौराहों पर निर्माणाधीन फ्लाईओवर के कारण जनता धूल के गुबार और घंटों लंबे ट्रैफिक जाम में फंसकर नारकीय जीवन जीने को मजबूर है।
इसे देखते हुए सोमवार को कलेक्टर शिवम वर्मा एक्शन मोड में दिखे। उन्होंने निर्माणाधीन स्थलों का निरीक्षण करते हुए निर्माण एजेंसियों की कछुआ चाल पर तीखी नाराजगी जाहिर की और स्पष्ट चेतावनी दी कि अब किसी भी तरह की बहानेबाजी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने सख्त लहजे में निर्देश दिए कि जून माह तक हर हाल में शहर में फ्लाईओवर का काम पूरा किया जाए अन्यथा संबंधितों पर कड़ी जवाबदेही तय कर कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर के साथ नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल, एसडीएम प्रदीप सोनी, अपर आयुक्त नगर निगम अभय राजनगांवकर सहित एमपीआरडीसी और ट्रैफिक पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
अधिकारियों के अमले ने देवास नाका, सत्य साईं चौराहा, मूसाखेड़ी और क्रिस्टल आईटी पार्क चौराहे का दौरा कर वर्तमान स्थिति का जायजा लिया। मौके पर सुरक्षा इंतजामों और यातायात प्रबंधन की पोल खुलती देख कलेक्टर ने अधिकारियों को जमकर आड़े हाथों लिया। उन्होंने स्वीकार किया कि निर्माण कार्य अपनी तय समय-सीमा से काफी पिछड़ चुके हैं, जिसके कारण शहर की पूरी यातायात व्यवस्था चरमरा गई है।
छोटे अवरोधों और अतिक्रमणों को बिना देरी किए हटाएं
कलेक्टर ने मौके पर ही अधिकारियों को आदेशित किया कि फ्लाईओवर के मार्ग में आने वाले किसी भी प्रकार के छोटे अवरोधों और अतिक्रमणों को बिना देरी के तत्काल हटाया जाए। जनता को धूल के प्रदूषण से बचाने के लिए निर्माण स्थलों पर अनिवार्य रूप से नेट लगाने और सर्विस रोड की स्थिति सुधारने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि सर्विस रोड पर तत्काल डामरीकरण किया जाए ताकि वाहनों की आवाजाही सुगम हो सके। विशेषकर मूसाखेड़ी जैसे घनी आबादी वाले और व्यस्त क्षेत्रों में पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित कॉरिडोर बनाने तथा रात के समय दुर्घटनाओं को रोकने के लिए पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
निर्माण की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होना चाहिए
प्रशासन की इस सख्ती के बाद अब निर्माण एजेंसियों को अपनी कार्यशैली में बड़ा बदलाव
करना होगा। कलेक्टर ने स्पष्ट रूप से मजदूर बढ़ाने और ट्रैफिक संचालन के लिए विशेष गार्ड तैनात करने के निर्देश दिए हैं ताकि निर्माण के दौरान नागरिकों को कम से कम असुविधा हो।
उन्होंने कड़ा संदेश दिया कि तेजी लाने के चक्कर में निर्माण की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होना चाहिए।
संबंधित समाचार

NEET पीजी काउंसलिंग में इस कोटे पर छात्रों को राहत:हाईकोर्ट की किस खंडपीठ ने क्या कहा; अब किससे मांगा जवाब

पर्दे की आड़ में युवती के साथ क्या किया:किस बहाने ले गया था युवक; पुलिस ने किसे किया गिरफ्तार

युवती ने युवक को ऐसे कैसे पीटा:साथी युवक ने क्या पकड़ रखा था; वायरल वीडियो में क्या दिखाई दे रहा

राज्य पात्रता परीक्षा (सेट) इस दिन होगी:100 परीक्षा केन्द्रों पर इतने हजार परीक्षार्थी होंगे शामिल; इन दिशा-निर्देशों का पालन अनिवार्य
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!