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शहर के गणितज्ञ रवि आसरानी राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस में आठवीं बार आमंत्रित: साइंस सिटी अहमदाबाद में आयोजित राष्ट्रीय गणित सम्मेलन में प्रतिष्ठित रामानुजन अवॉर्ड से सम्मानित भी होंगे

खुलासा फर्स्ट, इंदौर । शहर के ख्यात गणितज्ञ रवि आसरानी को राष्ट्रीय गणित दिवस के उपलक्ष्य में दोहरा सम्मान मिलने जा रहा है। अहमदाबाद में 20 से 22 दिसंबर तक होने वाले राष्ट्रीय गणित सम्मेलन में आसरानी

Khulasa First

संवाददाता

15 दिसंबर 2025, 11:54 पूर्वाह्न
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शहर के गणितज्ञ रवि आसरानी राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस में आठवीं बार आमंत्रित

खुलासा फर्स्ट, इंदौर
शहर के ख्यात गणितज्ञ रवि आसरानी को राष्ट्रीय गणित दिवस के उपलक्ष्य में दोहरा सम्मान मिलने जा रहा है। अहमदाबाद में 20 से 22 दिसंबर तक होने वाले राष्ट्रीय गणित सम्मेलन में आसरानी का चयन रामानुजन अवॉर्ड के लिए किया गया है।

यह सम्मेलन ऑल इंडिया रामानुजन मैथ्स क्लब के सहयोग से साइंस सिटी अहमदाबाद में गुजकोस्ट और डीएसटी के साथ मिलकर किया जा रहा है। रामानुजन अवॉर्ड प्रत्येक वर्ष देश के केवल एक ऐसे व्यक्ति को दिया जाता है, जिसने गणित की सेवा में अपना जीवन समर्पित किया हो।

यही नहीं, भारत सरकार की राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) ने इस वर्ष राष्ट्रीय गणित दिवस (22 दिसंबर) के उपलक्ष्य में आसरानी को 22 से 24 दिसंबर तक आरआई अजमेर में होने वाले राष्ट्रीय गणित सम्मेलन में भी आमंत्रित किया है।

एनसीईआरटी प्रतिवर्ष देश के गणितज्ञों के मौलिक शोध-पत्र आमंत्रित कर उनमें से लगभग 72 शोध-पत्रों का चयन कर उन्हें राष्ट्रीय गणित सम्मेलन में सम्मानित करती है। रवि आसरानी 8 वर्षों से प्राचीन भारतीय वैदिक गणित पर अपने मौलिक शोध-पत्रों के लिए इस कॉन्फ्रेंस में आमंत्रित किए जा रहे हैं, जो किसी भी गणितज्ञ के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जाती है।

आसरानी 7 वर्षों में नई दिल्ली, अजमेर, भोपाल, मैसूर, भुवनेश्वर व शिलांग में एनसीईआरटी द्वारा गणित विषय पर राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस में भी अपने शोध-पत्र प्रस्तुत कर चुके हैं। उनके ये सभी शोध-पत्र एनसीईआरटी के जर्नल में प्रकाशित हो चुके हैं। भारतीय गणित पर गणितज्ञों द्वारा एनसीईआरटी की राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस में प्रस्तुत शोध-पत्रों का ही परिणाम है कि देश में माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक कक्षाओं की गणित की नई किताबों में अतिरिक्त चैप्टर्स के रूप में अब प्राचीन भारतीय गणितज्ञों के योगदान पर भी छात्र पढ़ सकेंगे।

गणित पर अंग्रेजी में लिखी पुस्तक: गणितज्ञ आसरानी 25 वर्षों से स्नातकोत्तर स्तर पर इंदौर में गणित शिक्षण का कार्य कर रहे हैं। सन् 2018 में उन्होंने अपने गुरु महामंडलेश्वर युगपुरुष स्वामी परमानंद गिरि महाराज की आज्ञा और प्रेरणा से वैदिक गणित के प्रचार-प्रसार का काम शुरू किया। इसके बाद से वे राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वैदिक गणित की सेवा करते आ रहे हैं।

उन्होंने वैदिक गणित पर अंग्रेजी में ‘ब्लिसफुल वैदिक मैथ्स’ पुस्तक भी लिखी है। मप्र सरकार के संस्कृत बोर्ड के स्कूली पाठ्यक्रम के लिए पहली से 10वीं तक वैदिक गणित की पुस्तकों का हिंदी में लेखन किया। हाल ही आईआईटी में मप्र विज्ञान सम्मेलन में भारतीय ज्ञान परंपरा पर सर्वश्रेष्ठ प्रस्तुति के लिए भी उन्हें सम्मानित और पुरस्कृत किया जा चुका है।

20 देशों के विद्यार्थियों को दे चुके प्रशिक्षण: करीब 20 देशों के विद्यार्थियों को वे वैदिक गणित का प्रशिक्षण दे चुके हैं। वर्तमान मंर वे देवी अहिल्या विवि के अंतर्गत स्थापित स्कूल ऑफ सोशल साइंसेज में स्नातक पाठ्यक्रम के प्रथम सेमेस्टर में अनिवार्य वैदिक गणित के शिक्षक, अटल बिहारी वाजपेयी हिंदी विवि के इंदौर केंद्र में वैदिक गणित के मुख्य शिक्षक, श्री श्री रविशंकर विद्या मंदिर उषा नगर के ओमनी वैदिक गणित संस्थान के निर्देशक और वैदिक गणित के मेंटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं तथा देवी अहिल्या विवि के आईएमएस विभाग की स्नातकोत्तर कक्षाओं में ऑपरेशन रिसर्च विषय के शिक्षक के रूप में कार्यरत हैं।

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