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चिश्ती मेहरबान तो डॉ. डेंग पहलवान: तिलक नगर में अवैध आशियाने का निर्माण जारी

KHULASA FIRST

संवाददाता

10 फ़रवरी 2026, 12:10 अपराह्न
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चिश्ती मेहरबान तो डॉ. डेंग पहलवान

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
तिलक नगर में अवैध आशियाना तान रहे डॉ. डेंग उर्फ डॉ. सुनील गेहलोत पर नगर निगम जोन क्र. 10 के भवन निरीक्षक जीशान चिश्ती की मेहरबानी है, तभी तो उन पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। औपचारिकता निभाने के लिए डॉ. डेंग को नोटिस दिया गया, जिसका जवाब भी उन्होंने दे दिया है लेकिन इस पर कोई कार्रवाई होगी, चिश्ती के कारण संभव नहीं लगती।

उल्लेखनीय है कि डॉ. डेंग यानी डॉ. सुनील गेहलोत ने 114, तिलक नगर में अपना अवैध और अनियमित आशियाना तान दिया है। इसमें न तो एमओएस छोड़ा गया है और न हवा-पानी के पर्याप्त इंतजाम हैं। इसे इस तरह बनाया जा रहा है कि यदि भविष्य में आग लगने या कोई और हादसे की स्थिति में पीड़ितों तक तुरंत मदद पहुंच पाना मुश्किल हो जाएगा।

अभी ये साफ नहीं है कि डॉ. डेंग यहां लोगों को रहने देंगे या अपना नर्सिंग होम बनाएंगे, लेकिन जो भी हो, वो खतरनाक होगा क्योंकि इस मकान की बनावट ही जानलेवा है। एमओएस न छोड़ने की स्थिति में यहां रहने और आने वाले लोगों के वाहनों की पार्किंग सड़क पर होगी, जिससे पहले से ही संकरी इस सड़क पर दिनभर जाम लगेगा।

दूसरी बात ये है कि नगर निगम जोन क्र. 10 के भवन अधिकारी जीशान चिश्ती की मेहरबानी से डॉ. डेंग ने अपने इस आशियाने का जी+2 का ही नक्शा पास करवाया है, जबकि चार मंजिला बना लिया है और पांचवीं मंजिल पर पेंट हाऊस का निर्माण कर रहे हैं जो अवैध और अनियमित है।

डॉ. डेंग के बारे में उनके भगवती चिकित्सालय आने वाले मरीजों का कहना है कि डॉ. साहब भले ही फीस कम लेते हैं, लेकिन दवाओं और जांचों के नाम पर लूट लेते हैं। जो जांच अन्य पैथॉलाजी में सस्ती दरों पर होती हैं, वो डॉ. डेंग महंगी कीमतों पर करवाते हैं।

अन्य जगह जाओ तो वे स्वीकार नहीं करते। कई बार तो खुद दवा देने के नाम पर सस्ती दवाएं देकर ज्यादा पैसे ले लेते हैं। खुलासा फर्स्ट द्वारा अपनी सचाई का खुलासा करने की प्रतिबद्धता के चलते डॉ. डेंग की कारस्तानियों का खुलासा किया तो वे परेशान हैं और कई लोगों से फोन करवा रहे हैं। वे चाहते हैं कि उनके कारनामे लोगों के सामने न आ पाएं।

नोटिस का जवाब दे दिया
पिछले दिनों नगर निगम के भवन अधिकारी टीना सिसौदिया और भवन निरीक्षक जीशान चिश्ती ने उन्हें नोटिस दिया था, लेकिन उम्मीद के विपरित उन्होंने तीन दिन बाद ही इसका जवाब दे दिया जो शंका के घेरे में आता है क्योंकि कोई भी आरोपी इतनी जल्दी जवाब नहीं देता।

सूत्रों का कहना है कि चिश्ती ने ही नोटिस का जवाब तैयार करवाया और अपने ही कर्मचारी को भेजकर बुलवा भी लिया। जो जवाब आया है वो गोलमाल है और उस पर डॉ. डेंग के खिलाफ कोई कार्रवाई होने की कोई संभावना नहीं है। यानी जीशान चिश्ती ने मेहरबानी कर औपचारिकता निभा ली और डॉ. डेंग को पहलवान बना दिया।

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