मुख्यमंत्री की सलाह- मृत्यु भोज-शादी में पैसा फालतू मत उड़ाना: दिखावे से बचे, शिक्षा पर खर्च करें; मैंने बेटे की शादी सम्मेलन में की
खुलासा फर्स्ट, भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव ने राज्य के विकास और सांस्कृतिक धरोहर को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लिया है। शनिवार को भोपाल-इंदौर स्टेट हाईवे पर, ठ
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संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, भोपाल।
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव ने राज्य के विकास और सांस्कृतिक धरोहर को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लिया है। शनिवार को भोपाल-इंदौर स्टेट हाईवे पर, ठीक उज्जैन के प्रतिष्ठित विक्रमादित्य द्वार की तर्ज पर एक भव्य द्वार बनाने का भूमिपूजन किया गया।
यह द्वार न केवल दोनों प्रमुख शहरों के बीच एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक प्रतीक बनेगा, बल्कि पर्यटकों और स्थानीय निवासियों के लिए आकर्षण का केंद्र भी होगा।
फंदा अब 'हरिहर नगर' के नाम से जाना जाएगा
भूमिपूजन कार्यक्रम के दौरान, मुख्यमंत्री ने एक और महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने भोपाल के निकट स्थित फंदा क्षेत्र का नाम बदलकर 'हरिहर नगर' करने का ऐलान किया।
शादी और मृत्यु भोज में फिजूलखर्ची पर सीएम ने कहा
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस मौके पर समाज में व्याप्त फिजूलखर्ची की प्रथा पर गहरी चिंता व्यक्त की और लोगों को सादा जीवन जीने की नसीहत दी। उन्होंने विशेष रूप से मृत्यु भोज और शादी-समारोहों में अनावश्यक खर्च करने से बचने की अपील की।
सीएम ने कहा, "यदि परिवार में किसी की मृत्यु हो जाए तो बड़ा खर्च मत करना। फालतू कर्जा होता है। बड़ा आदमी करता है तो गरीब जमीन गिरवी रखकर या कर्ज ले लेता है। इसलिए अपनी जमीन बचाकर रखना। ये बुजुर्गों की सौगात है।"
सबसे बड़ा उदाहरण उन्होंने खुद अपने परिवार का दिया। उन्होंने बताया कि उन्होंने अपने डॉक्टर बेटे अभिमन्यु और बहू डॉ. इशिता की शादी भी सामूहिक विवाह सम्मेलन में की।
"शादी में भी फालतू पैसा मत उड़ाना। अपने बच्चों की शादी सामूहिक विवाह सम्मेलन में करें... मैंने भी अपने बेटे की शादी सामूहिक विवाह सम्मेलन में की। बेटा-बेटी (बहू) दोनों ही डॉक्टर हैं। जिस सम्मेलन में शादी की, वहां गरीब का बेटा-बेटी भी थे। हर वर्ग के बच्चे थे। ये सब बोलने से नहीं होगा, हमें करके दिखाना होगा।"
इस सादे समारोह में वरमाला के दौरान बाबा रामदेव ने भी मंत्र पढ़े थे। सीएम ने यह भी याद दिलाया कि पीएम नरेंद्र मोदी का नारा 'सबका साथ-सबका विकास' केवल कहने से नहीं, बल्कि ऐसे कार्यों से करके दिखाना होगा।
दिखावे से बचें, बच्चों की शिक्षा पर खर्च करें
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नागरिकों से दिखावे की संस्कृति से दूर रहने और पैसे को बच्चों को पढ़ाने-लिखाने में खर्च करने का संकल्प लेने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि अनावश्यक खर्च से बचना चाहिए और उस पैसे को गरीब तबके पर भी खर्च करना चाहिए।
विकास की नई रूपरेखा
सीएम ने प्रदेश के शहरी विकास की भी नई रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने घोषणा की कि सीहोर, विदिशा, रायसेन, भोपाल और नर्मदापुरम को मिलाकर एक विशाल मेट्रोपॉलिटन सिटी बनाई जा रही है।
इसी तरह, इंदौर के आसपास धार, उज्जैन, देवास, और शाजापुर को मिलाकर दो बड़े महानगरों का निर्माण किया जाएगा। यह योजना मध्यप्रदेश के भविष्य के आर्थिक और संरचनात्मक विकास की मजबूत नींव रखेगी।
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