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आईबसें मिक्सलेन में चलने से यात्रियों की परेशानी बढ़ी

खुलासा फर्स्ट, इंदौर । बीआरटीएस तोड़ने के कोर्ट के आदेश के बाद इसमें चलने वाली आईबसों को मिक्सलेन में चलाया जा रहा है जिससे न केवल ट्रैफिक बाधित हो गया है बल्कि गंतव्य पर जाने में दुगना समय लग रहा है।

Khulasa First

संवाददाता

07 दिसंबर 2025, 9:46 पूर्वाह्न
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आईबसें मिक्सलेन में चलने से यात्रियों की परेशानी बढ़ी

खुलासा फर्स्ट, इंदौर
बीआरटीएस तोड़ने के कोर्ट के आदेश के बाद इसमें चलने वाली आईबसों को मिक्सलेन में चलाया जा रहा है जिससे न केवल ट्रैफिक बाधित हो गया है बल्कि गंतव्य पर जाने में दुगना समय लग रहा है। जो आई बस निरंजनपुर से राजीव गांधी चौराहा तक 45 मिनट में पहुंचती थी, अब उसे 90 मिनट तक लग रहे हैं।

इससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बीआरटीएस हटाने के साथ ही मिक्स लेन में आई बसें चलाने की शुरुआत हो गई है। मिक्सलेन के चौराहों पर वैसे ही दिन में कई बार जाम लग जाता है और अब आईबसों के भी चलने से स्थिति और बिगड़ रही है।

सफर में देरी होने से कोचिंग संस्थान, कॉलेज, ऑफिस व अन्य कार्यों के लिए अपडाउन करने वालों ने आई बस से दूरी बना ली है। स्थिति ये है कि जहां सवारी दिखे, ड्राइवर गाड़ी रोककर सवारी बैठा रहे हैं। इससे दुर्घटना की भी आशंका बढ़ गई है। पीक ऑवर्स में चौराहों पर ट्रैफिक जाम की स्थिति बन रही।

काउंटर या कोई स्टैंड नहीं होने से सडक़ किनारे ही कुर्सी लगाकर आई बसों के टिकट बनाए जा रहे हैं। खुलासा फर्स्ट को एक यात्री अंकित गोयल ने बताया कि उन्हें एलआईजी चौराहा से नवलखा चौराहा तक जाने में 15 मिनट लगते थे लेकिन अब 30 से 35 मिनट लग रहे हैं।

बस स्टैंड खत्म होने से ड्राइवर बीच सड़क पर वाहनों के बीच ही उतार देता है। जिससे दुर्घटना की आशंका बनी हुई है। बीआरटीएस टूटने से सबसे ज्यादा परेशानी लड़कियों को हो रही है। पहले बस स्टैंड पर बैठने की व्यवस्था होती थी। अब सड़क किनारे इंतजार करना पड़ता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि इससे वाहनों का दबाव बढ़ रहा है। पहले बसों को पहले निकलने दिया जाता था और अब छोटे वाहनों में आगे निकलने की होड़ मचती है। आई बसों को सुगमता से चलाने के लिए बीआरटीएस टूटने के बाद व्यवस्था करना होगी।

बीआरटीएस हटने के बाद स्थिति क्या होगी
चिंता की बात ये है कि बीआरटीएस पूरी तरह टूटने के बाद आईबसें डिवाइडर से सटकर चलेंगी और यात्रियों को बैठाना, उतारना किसी मुसीबत से कम नहीं होगा। इससे दुर्घटनाएं बढ़ेंगी। यात्रियों को बीच सडक़ पर जाकर आईबसों में बैठना-उतरना पड़ेगा।

एक लेन पर ट्रैफिक दबाव बढ़ा
ट्रैफिक एसीपी हिंदू सिंह मुवेल ने बताया, जिस लेन पर बीआरटीएस की रैलिंग तोडक़र सड़क चौड़ी की है, वहां ट्रैफिक दबाव कम हुआ है। रैलिंग के दूसरी ओर जगह कम होने से पीक ऑवर्स में वाहन धीरे चलते हैं। वाहनों के धीमे चलने के कारण जाम की स्थिति बन रही है।

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