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मणिकर्णिका घाट पर टूट-फूट: यशवंतराव होलकर पहुंचे; मूर्तियों की पूजा की

उत्तर प्रदेश के वाराणसी के विश्वप्रसिद्ध मणिकर्णिका घाट के एक हिस्से को तोड़े जाने के दौरान यहां रखी मूर्तियों में भी काफी टूट-फूट हुई है।

KHULASA FIRST

संवाददाता

15 जनवरी 2026, 6:47 पूर्वाह्न
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मणिकर्णिका घाट पर टूट-फूट

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
उत्तर प्रदेश के वाराणसी के विश्वप्रसिद्ध मणिकर्णिका घाट के एक हिस्से को तोड़े जाने के दौरान यहां रखी मूर्तियों में भी काफी टूट-फूट हुई है।

इस बात का पता लगने के बाद खासगी देवी अहिल्याबाई होलकर चैरिटीज ट्रस्ट के प्रेसीडेंट यशवंतराव होलकर तृतीय आज घाट पर पहुंचे। उन्होंने क्षतिग्रस्त प्रतिमाओं की पूजा की और उन्हें सफेद कपड़े से ढंक दिया ताकि उन्हें और नुकसान न पहुंचे।

यशवंतराव होलकर ने वाराणसी के निगमायुक्त, संभागायुक्त और अन्य अधिकारियों से मुलाकात कर वस्तुस्थिति बताई।

क्षतिग्रस्त मूर्तियां सौंपने की मांग
इस दौरान यशवंतराव होलकर ने कहा कि क्षतिग्रस्त मूर्तियां उन्हें सौंप दी जाए, ताकि वे उन्हें यहां फिर से स्थापित कर सकें, जिससे लोगों की श्रद्धा कायम रहे।

वाराणसी के कलेक्टर सत्येंद्र ने इस बारे में स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि घाट की मूर्तियों को नुकसान नहीं पहुंचाया गया है। उन्हें सुरक्षित रखा गया है।

कलेक्टर ने कहा कि कुछ लोग एआई से घाट के गलत वीडियो बनाकर वायरल कर रहे हैं। ऐसे लोगों का पता लगाया जा रहा है।

अंतिम संस्कार के लिए जगह की कमी
उल्लेखनीय है कि मणिकर्णिका घाट पर अंतिम संस्कार के लिए हर साल लाखों लोग आते हैं। जगह की कमी रहती है और सफाई व्यवस्था बनाए रखने में कठिनाई आती है। उन समस्याओं को देखते हुए परियोजनाओं को विकसित किया गया है।

प्रशासन ने इस मामले में स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा कि निर्माण कार्य पूरा होने के बाद मूर्तियों को उसी स्थान पर लगाया जाएगा।

मणिकर्णिका का घाट पर कलाकृतियां को संरक्षित कराया गया है। जो इसे लेकर भ्रम फैला रहे हैं उन्हें चिह्नित किया जा रहा है। आवश्यकता पड़ने पर उन पर कार्रवाई भी की जाएगी।

घटनाक्रम पर वीडियो किया जारी
यशवंतराव होलकर ने वाराणसी से वीडियो जारी कर घटनाक्रम के बारे में बताया और कहा कि स्थानीय प्रशासन से पूरा सहयोग मिल रहा है।

वीडियो में उन्होंने आगे कहा कि वे 'मणिकर्णिका घाट पर मां अहिल्या देवी द्वारा विकसित घाट की तोड़फोड़ के बाद आज मैं यहां काशी आए हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि आज उसकी हालत क्या हो गई है, उनके पीछे देख सकते हैं। स्थानीय प्रशासन संभागायुक्त और निगमायुक्त से मुलाकात कर घटनाक्रम की जानकारी दी है। उनसे मांग की है कि इस घटना की जांच की जाए। जो जिम्मेदार लोग हैं, उन पर कार्रवाई की जाए।

चार प्राचीन प्रतिमा में से दो बची
होलकर ने कहा कि ये सबसे महत्वपूर्ण बात है कि मां साब की चार प्राचीन प्रतिमा जो मां साब ने खुद स्थापित की थी, अब दो बची है। तोड़फोड़ के बाद सरकार ने उन प्रतिमाओं को सुरक्षित कर लिया है।

हमने प्रशासन से मांग की है कि इन प्रतिमाओं को खासगी ट्रस्ट को सौंप दिया जाए। ताकि हम सही ढंग से उन्हें मंदिर में रख सकें। अफसरों ने हरसंभव मदद का आश्वासन दिया है। हम इस प्राचीन घाट को फिर से बनाएं।'

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