एयरपोर्ट की यात्री क्षमता एक करोड़ सालाना करने पर मंथन: सांसद लालवानी की पहल पर अहम बैठक; विकास योजनाओं पर चर्चा
खुलासा फर्स्ट, इंदौर । एयरपोर्ट के विकास की दिशा में सांसद शंकर लालवानी की अगुवाई में सोमवार को एयरपोर्ट परिसर में उच्च स्तरीय बैठक हुई। एजेंडा यात्रियों की बढ़ती असुविधाओं का तत्काल समाधान और एयरपोर्...
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संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
एयरपोर्ट के विकास की दिशा में सांसद शंकर लालवानी की अगुवाई में सोमवार को एयरपोर्ट परिसर में उच्च स्तरीय बैठक हुई। एजेंडा यात्रियों की बढ़ती असुविधाओं का तत्काल समाधान और एयरपोर्ट के दीर्घकालिक विस्तार की रूपरेखा तैयार करना था।
एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआई) के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में हुई चर्चा ने इंदौर को हवाई यातायात के मानचित्र पर मजबूत स्थिति दिलाने की उम्मीद जगाई। दिल्ली से विशेष रूप से पहुंचे एएआई के ऑपरेशन एवं प्लानिंग प्रमुख शरद कुमार और अनुराग मिश्रा ने वर्तमान व्यवस्था, प्रोजेक्ट्स और प्रस्तावित योजनाओं पर विस्तृत समीक्षा की। सांसद लालवानी की हाल में नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू से हुई मुलाकात के बाद यह बैठक बुलाई गई थी, जिसमें बढ़ते यात्री दबाव, पार्किंग संकट और सुरक्षा चुनौतियों पर गहन बातचीत हुई।
मंत्री के निर्देशों पर एएआई I अधिकारियों ने जमीनी हकीकत का आकलन किया। कलेक्टर शिवम वर्मा, अपर कलेक्टर रोशन राय, अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर अमित सिंह, एयरपोर्ट प्रबंधक सुनील मग्गेरवार और सलाहकार समिति के सदस्य बंटी गोयल, कपिल जैन, सावन लड्ढा, तपन अग्रवाल समेत स्थानीय प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।
वर्तमान में इंदौर एयरपोर्ट की वार्षिक यात्री क्षमता 40 लाख है, लेकिन मास्टर प्लान के तहत इसे पहले चरण में एक करोड़ और दूसरे चरण में ढाई करोड़ तक बढ़ाने की योजना है। इसके लिए 89 एकड़ अतिरिक्त भूमि की जरूरत बताई गई। पार्किंग की किल्लत, जो यात्रियों को टर्मिनल पहुंचने-निकलने में परेशान कर रही है, पर विशेष जोर दिया गया।
मल्टी-लेवल कार पार्किंग का निर्माण प्राथमिकता में रखा गया, जिससे पीक आवर्स में ट्रैफिक दबाव कम होगा। इसी तरह, प्री-एंबार्केशन सिक्योरिटी चेक प्वाइंट का विस्तार, नए व्हीकुलर लेन, नया टर्मिनल भवन, प्रशासनिक ब्लॉक, रनवे का 2754 मीटर से 3500 मीटर तक विस्तार और पैरेलल टैक्सीवे जैसे प्रोजेक्ट्स पर सहमति बनी।
सांसद ने दिलाया सिंहस्थ पर ध्यान... सिंहस्थ 2028 को ध्यान में रखते हुए इन दीर्घकालिक परियोजनाओं को अंतिम रूप देने पर फोकस रहा। सुरक्षा जांच की व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए सांसद लालवानी ने व्यावहारिक सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि चार ऊपरी और चार निचले गेट उपलब्ध होने के बावजूद सारा दबाव ऊपरी गेट्स पर पड़ता है।
नीचे आने वाले यात्रियों की जांच नीचे ही करने से भीड़ संतुलित होगी और अव्यवस्था रुकेगी। अन्य मुद्दों में रडार सिस्टम स्थापना, मेट्रो कनेक्टिविटी, अलग एंट्री-एग्जिट सिस्टम, आवारा कुत्तों की समस्या और यात्रियों की सुरक्षा शामिल रहे। वीआईपी मूवमेंट के कारण आम यात्रियों की परेशानी पर भी चर्चा हुई, जिसके लिए अलग टर्मिनल का विकल्प तलाशा गया।
सांसद ने कुछ प्रोजेक्ट्स की धीमी गति, जैसे एटीआर संचालन की तैयारी और रनवे कारपेटिंग, पर नाराजगी जाहिर की। जोर देकर कहा इंदौर का विकास तेज गति से हो रहा है और एयर ट्रैफिक लगातार बढ़ रहा है, इसलिए एयरपोर्ट को अगले 25 वर्षों की जरूरतों के अनुरूप तैयार किया जाए। केंद्र सरकार की गंभीरता का संकेत देते हुए उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द ठोस कदम उठेंगे। एएआई अधिकारियों ने सभी बिंदुओं पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने और राज्य-स्थानीय सहयोग से चरणबद्ध कार्यान्वयन का आश्वासन दिया।
सलाहकार समिति के सावन लड्ढा ने सूरत, कोची, गुवाहाटी और अमृतसर के लिए नई फ्लाइट्स तथा अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी बढ़ाने का सुझाव दिया, जबकि तपन अग्रवाल ने लाउंज सुधार की मांग की।
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