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भाजपा सांसद का सट्टेबाज शहजादा: शंकर लालवानी के बेटे की ‘ करतूत’

3 साल पहले 14 लाख लोन लेकर ऑनलाइन सट्टे में हारा किस्तें चूकीं तो सियासी रसूख से ऊपर उठकर बैंक ने ठोका नोटिस खुलासा फर्स्ट, इंदौर । शहर की पॉश कॉलोनियों में अक्सर अपनी महंगी कारों और नाइट लाइफ के लिए

Khulasa First

संवाददाता

28 नवंबर 2025, 7:23 पूर्वाह्न
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भाजपा सांसद का सट्टेबाज शहजादा

3 साल पहले 14 लाख लोन लेकर ऑनलाइन सट्टे में हारा किस्तें चूकीं तो सियासी रसूख से ऊपर उठकर बैंक ने ठोका नोटिस

खुलासा फर्स्ट, इंदौर
शहर की पॉश कॉलोनियों में अक्सर अपनी महंगी कारों और नाइट लाइफ के लिए सुर्खियों में रहने वाला भाजपा सांसद शंकर लालवानी का बेटा मीत, सट्टेबाजी में ऐसा उलझा कि मामला सीधे 14 लाख की बैंक उधारी और फ्रॉड तक पहुंच गया। देश में सर्वाधिक मतों से जीतने वाले पिता के रसूख और अपने खुराफाती दिमाग को मिलाकर उसने बैंक को ठगने की कोशिश की, लेकिन जब किस्तें बंद हुईं तो बैंकवालों ने भी सियासी चमक-दमक से ऊपर उठकर कानूनी हथौड़ा चलाने की तैयारी कर ली है। इसके लिए मीत लालवानी के नाम से नोटिस जारी कर दिया गया है।

मीत अपनी लाइफस्टाइल को लेकर सुर्खियों में रहता है। कभी पुलिस प्रशासन को चुनौती देते हुए रातभर पार्टी करने पर तो कभी नशे में धुत होकर विवाद करने को लेकर। पिता शंकर लालवानी भी कुछ कम नहीं। वे साल में दो बार जन्मदिन मनाते हैं... क्यों? इसका जवाब उनके पास नहीं है। अब बेटा मीत बैंक से फ्रॉड करने के आरोप में घिरा है।

6 लाख का लोन चुकाने के बाद लिए 14 लाख: मीत ने 2019 में 6 लाख रुपए का लोन लिया था, जिसकी किस्तें बराबर भरी। इसके बाद 2022 में क्रेडिट कार्ड पर 14 लाख रुपए लोन लिया, जिसकी 2024 में किस्तें भरना बंद कर दीं। बैंक द्वारा उससे संपर्क करने के लिए कई बार कॉल किए गए, पत्र-व्यवहार भी किया, लेकिन पिता के रसूख के नशे में चूर मीत ने कोई तवज्जो नहीं दी। बैंक प्रबंधन का दावा है कि मीत के बैंक स्टेटमेंट से पता चलता है कि वह उक्त रुपए ऑनलाइन गेमिंग (सट्टे) में हार गया है। वह पोकर, एक्को और ब्लू बर्ड ऑनलाइन सट्टा खेलता है। ज्यादातर पैसा इसी में खर्च हुआ।

मैंने कोई लोन नहीं लिया: मीत
इधर, मामले में कल मीत लालवानी का बयान भी आया। उसने कहा कि मैंने कभी एचडीएफसी से न तो होम लोन, न बिजनेस लोन लिया। क्रेडिट कार्ड को बंद कराए काफी समय हो चुका है। न मुझे कोई नोटिस मिला, न कोई अन्य सूचना। मंै इस मामले में बैंक पर कानूनी कार्रवाई करूंगा। जो जानकारी फैलाई जा रही वह पूर्ण सत्य नहीं है। क्रेडिट कार्ड से लोन की बात झूठी है। मेरा आईसीआईसीआई बैंक से लोन है, जिसकी किस्तें बराबर भर रहा हूं।

…अब होगी कानूनी कार्रवाई
जब लोन चुकाने को लेकर फोन और पत्र से काम नहीं चला तो बैंक की कलेक्शन टीम के मैनेजर हर्षवर्धन एस. रावत साथियों के साथ मीत के घर 3, मनीषपुरी साकेत पहुंचे, जहां से गार्ड यह कहकर लौटा देते हैं कि भैया नहीं हैं। बैंक मैनेजर और टीम के सदस्य सांसद लालवानी से भी मिले।

उन्होंने आश्वस्त किया था कि मीत से बात करेंगे और आपका पैसा दिलवा देंगे। अब वे भी नहीं मिलते हैं। रावत के मुताबिक लोन की राशि वसूलने के लिए अब बैंक द्वारा कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

मीत के नाम बैंक से नोटिस जारी
एचडीएफसी बैंक का काम कॉन्सेप्ट लॉ एसोसिएट फर्म देखती है। फर्म ने मीत को नोटिस भेजा, जिसमें कहा है कि वह कलेक्शन मैनेजर रावत से उनके मोबाइल (094997-11467) पर बात कर सुबह 10 से 5 बजे के बीच मिलें और बैंक का पैसा जमा करें। इस नोटिस का भी मीत ने कोई जवाब नहीं दिया।

पांच साल की सजा और जुर्माना
बैंक के वकील संतोष शर्मा एवं वरिष्ठ अभिभाषक सूरज उपाध्याय ने बताया अगर मीत ने पैसा जमा नहीं किया तो उसे धारा 316 (2) और धारा 318 (4) बीएनएस के तहत 5 साल की सजा और 25 हजार रुपए तक जुर्माना हो सकता है। उस पर आपराधिक विश्वासघात करने के लिए ये धारा लगेगी।

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