बीजेपी नेता पर साढ़े तीन करोड़ की जालसाजी का केस: क्राइम ब्रांच ने की एफआईआर दर्ज; गुम चेक से किया था फर्जीवाड़ा, बेटा है प्रदेश पदाधिकारी
खुलासा फर्स्ट, इंदौर। क्राइम ब्रांच ने बीजेपी नेता और गो सेवा भारती संस्था के अध्यक्ष के खिलाफ साढ़े तीन करोड़ रुपए की जालसाजी और धोखाधड़ी के आरोप में एफआईआर दर्ज की है। कोर्ट के सख्त आदेश के बाद क्राइ...
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संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
क्राइम ब्रांच ने बीजेपी नेता और गो सेवा भारती संस्था के अध्यक्ष के खिलाफ साढ़े तीन करोड़ रुपए की जालसाजी और धोखाधड़ी के आरोप में एफआईआर दर्ज की है।
कोर्ट के सख्त आदेश के बाद क्राइम ब्रांच ने बीजेपी नेता एवं गो सेवा भारती संस्था के अध्यक्ष सुरेश पिंगले पर यह बड़ी कार्रवाई की है। जानकारी के लिए बता दें कि, बीजेपी नेता का बेटा मयूरेश पिंगले भाजपा सांस्कृतिक प्रकोष्ठ प्रदेश कार्यालय मंत्री है।
दो अन्य लोगों की भूमिका जांच के दायरे में
मामला भोपाल-रायसेन रोड स्थित एक नामी लॉजिस्टिक कंपनी के गुम चेक के जरिए फर्जी भुगतान कराने के प्रयास से जुड़ा हुआ है। इस प्रकरण में दो अन्य लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में है।
लगे हैं ये आरोप
क्राइम ब्रांच ने कनाड़िया थाना क्षेत्र के ग्रेड एक्सोटिका निवासी रमन अरोरा की शिकायत पर सुरेश पिंगले (निवासी मिश्र नगर, अन्नपूर्णा रोड) के खिलाफ केस दर्ज किया है।
शिकायत के अनुसार, आरोप है कि फर्जी तरीके से बैंक के माध्यम से साढ़े तीन करोड़ निकालने का प्रयास किया गया। इस मामले में नरेश नरवानी और शरद दुबे की भूमिका की भी गहन जांच की जा रही है।
गुम चेक से किया गया फर्जी भुगतान का प्रयास
रमन अरोरा की भोपाल-रायसेन रोड पर स्थित सर्च स्मार्ट लॉजिस्टिक नाम की कंपनी है, जिसमें उनकी पत्नी संगीता अरोरा निदेशक हैं। बाद में बेटी की शादी के बाद उनके ससुर को भी कंपनी के निदेशक मंडल में शामिल किया गया था।
कंपनी के खाते से भोपाल स्थित एचडीएफसी बैंक द्वारा कुल 50 चेक जारी किए गए थे, जिनमें से 38 चेक का उपयोग हो चुका था। जून 2022 में कंपनी का बैंक खाता बंद कर दिया गया था।
बैंक रिकॉर्ड जांच में सामने आया चेक गायब होने का मामला
6 जून के आसपास एक कर्मचारी द्वारा बैंक रिकॉर्ड की जांच के दौरान पता चला कि एक चेक गायब है। इस संबंध में तत्काल कनाड़िया थाने में सूचना दी गई थी। कुछ ही दिनों बाद रमन अरोरा को कोर्ट से नोटिस मिला, जिसमें 3.50 करोड़ रुपए के भुगतान नहीं होने पर चेक अनादर का उल्लेख था।
जमीन के नाम पर बनाया गया फर्जी एग्रीमेंट
जांच में सामने आया कि यह गुम चेक सुरेश पिंगले द्वारा दो अलग-अलग बैंक खातों के माध्यम से प्रस्तुत किया गया था। कोर्ट रिकॉर्ड खंगालने पर यह भी खुलासा हुआ कि ग्राम पिपल्याहाना की एक बेशकीमती जमीन को लेकर संगीता अरोरा के नाम से एक एग्रीमेंट तैयार किया गया, जिसमें सुरेश पिंगले के साथ नरेश नरवानी और शरद दुबे के नाम शामिल थे। इस एग्रीमेंट में जमीन के सौदे की रकम 3.50 करोड़ रुपए दर्शाई गई थी।
हस्ताक्षर बताए गए फर्जी
शिकायतकर्ता का दावा है कि एग्रीमेंट और चेक पर किए गए हस्ताक्षर पूरी तरह फर्जी हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों से शिकायत की गई और कोर्ट में याचिका दायर की गई। इसके बाद दस्तावेजों की फॉरेंसिक जांच भी कराई गई।
कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुई FIR
कोर्ट ने 1 दिसंबर को क्राइम ब्रांच इंदौर को सुरेश पिंगले के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए थे। कोर्ट के निर्देशों का पालन करते हुए क्राइम ब्रांच ने शनिवार को औपचारिक रूप से मामला दर्ज कर लिया।
जमीन की जानकारी देकर साजिश रचने का आरोप
रमन अरोरा ने अपने बयान में बताया कि उन्होंने ग्राम पिपल्याहाना में मंगलम रेसिडेंसी निवासी रमेश चौधरी से जमीन खरीदी थी। इस जमीन की जानकारी पहले से नरेश नरवानी और शरद दुबे को थी, जिन्होंने यह जानकारी सुरेश पिंगले को देकर फर्जी एग्रीमेंट तैयार कराने की साजिश रची।
जांच जारी
फिलहाल क्राइम ब्रांच पूरे मामले की हर एंगल से जांच कर रही है। आने वाले दिनों में इस केस में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
पुलिस का बयान
क्राइम ब्रांच के एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया ने बताया कि सुरेश पिंगले के खिलाफ जालसाजी का मामला दर्ज किया गया है। वहीं दो अन्य व्यक्तियों की भूमिका की जांच की जा रही है। मामले में आगे की कार्रवाई जारी है।
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