खबर
Top News

शाम होते ही लगता है शराबियों का जमावड़ा, रोज लगता है जाम: ठेकों के सामने, तो कहीं चाट चौपाटी पर छलकते हैं जाम!

खुलासा फर्स्ट, महू ।   महू छावनी परिषद इलाके में शराब ठेकों के बाहर सड़क पर जहां जाम छलक रहे हैं, तो वहीं शहर की चौक चौपाटी पर खुलेआम शराब खोरी भी  की जा रही है। यहां के दुकानदार सिर्फ खान-प...

Khulasa First

संवाददाता

21 दिसंबर 2025, 11:54 पूर्वाह्न
39,697 views
शेयर करें:
शाम होते ही लगता है शराबियों का जमावड़ा, रोज लगता है जाम

खुलासा फर्स्ट, महू
 
महू छावनी परिषद इलाके में शराब ठेकों के बाहर सड़क पर जहां जाम छलक रहे हैं, तो वहीं शहर की चौक चौपाटी पर खुलेआम शराब खोरी भी  की जा रही है। यहां के दुकानदार सिर्फ खान-पान में दुकानदारी जमाने को लेकर शराब पीने वाले लोगों की खुली चापलूसी करते हुए नजर आ रहे हैं। 

जिम्मेदार छावनी परिषद व रक्षा संपदा विभाग चौपाटी वालों की रसीद काटने के बावजूद भी घेरे में नजर आ रहे हैं। इतना ही नहीं, इन चाट-चौपाटी पर परिवार समेत आने वाले ग्राहकों के बजाय कारों में आने वाले युवाओं के लिए ‘कार-ओ-बार’, ठेका शुरू किया है। 

अधिकतर महू एसबीआई बैंक के पीछे कटार वाला ग्राउंड और अधिकतर जो कर पार्किंग बनी हुई है उसमें भी शराब पीने से नहीं रूकते है। ठेकों के बाहर बिना रोक-टोक लोग शराब पी रहे हैं, जबकि जिम्मेदार मौन हैं।

भैया जी मार्ग से प्रताप बाल मंदिर स्कूल से लगे हुए चिकन वा मछली फ्राई ठेले वाले, स्कूल परिसर से लगे ग्राउंड में शराबियों चिकन फ्राई, अंडा फ्राई, मछली फ्राई देकर खातेदारी इस क्षेत्र में रोज लंबा जाम लगता है। पैदल चलने वालों को भी समस्या होती है,  रोड पर देर शाम होते ही शराबियों का अड्डा बन जाता है।  

एक नजर शराब ठेकों के बाहर..
जब शहर के शराब ठेकों का निरीक्षण किया तो तस्वीरें हैरान करने वाली मिली। ठेकों के बाहर लोग घेरा बनाकर शराब पीते मिले। लगभग ठेकों के बाहर रेहड़ियों पर बिना अनुमति वाले अहाते चलाए हुए हैं। जहां पर शराब पीने वाले को आसानी से पानी व गिलास की सुविधा उपलब्ध करवाई जा रही है। शाम ढलते ही सबसे ज्यादा लोग शराब पीने के लिए ठेकों पर पहुंचना शुरू हो जाते हैं। 

स्कूल चौराहे के पास भी देररात कोई रोकटोक नहीं:  छावनी परिषद इलाके में आने वाले हरी फटक चौराहे से लेकर गर्ल्स स्कूल चौराहे तक लगने वाली चाट चौपाटी इन दिनों सुर्खियों में बनी हुई है। क्योंकि देर रात होते ही यहां पर आने वाली वीआईपी कारे सड़क किनारे रुक जाती हैं और फिर चौपाटी से खान-पान सामग्री लेकर शराब पी रहें है, जबकि यहां आए दिन पुलिसकर्मी आवाजाही करते हैं। बावजूद उनको किसी प्रकार की रोक-टोक नहीं रहती है। जिसकी वजह से परिवार समेत आए लोगों को असहज महसूस होता है।

टैग:

संबंधित समाचार

टिप्पणियाँ

अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!