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खुलेआम शराब, ड्रग्स बेचकर चुनौती दे रहा माफिया अरोरा

खुलासा फर्स्ट, नीमच । यहां का शराब माफिया अशोक अरोरा खुलेआम शराब, ड्रग्स बेच रहा है और उसने जिले के डोडाचूरा और पोस्तादाना के व्यापार पर भी कब्जा कर लिया है। अपना सिंडिकेट बनाकर वो अन्य व्यापारियों को

Khulasa First

संवाददाता

03 दिसंबर 2025, 11:44 पूर्वाह्न
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खुलेआम शराब, ड्रग्स बेचकर चुनौती दे रहा माफिया अरोरा

खुलासा फर्स्ट, नीमच
यहां का शराब माफिया अशोक अरोरा खुलेआम शराब, ड्रग्स बेच रहा है और उसने जिले के डोडाचूरा और पोस्तादाना के व्यापार पर भी कब्जा कर लिया है। अपना सिंडिकेट बनाकर वो अन्य व्यापारियों को धमकाकर या हमले करवाकर बाहर कर रहा है। उसके गुर्गे पूरे जिले में जो मन में आए वो करते हैं और उस पर किसी का कोई वश नहीं है। वो लगातार प्रशासन को चुनौती दे रहा है। अरोरा के आतंक का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि विधायक दिलीपसिंह परिहार ने विधानसभा में प्रश्न लगाया लेकिन सत्र जारी रहने के बावजूद उन्हें इसका जवाब नहीं मिल रहा है।

डोडाचूरा व पोस्तादाना के व्यापार पर भी किया कब्जा, पूरे नीमच में चला रहा समानांतर सत्ता
पूरा जिला अरोरा के आतंक से जूझ रहा है। कोई भी व्यक्ति यहां सुरक्षित नहीं है। न तो लोग और न यहां की व्यवस्था। शराब-ड्रग्स माफिया अशोक अरोरा का आतंक सबके सिर चढक़र बोल रहा है। पूरे जिले में वो गली-गली में अवैध शराब बेच रहा है और उसने अब तो स्कूली बच्चों को ड्रग्स के कामकाज में धकेल दिया है। बच्चे न केवल उसके लिए पैडलर का काम कर रहे हैं बल्कि बच्चों में नशे का जहर भी फैला रहे हैं। पैसों का हवस के भूखे अशोक अरोरा नरपिशाच बनकर बच्चों से शराब बिकवा रहा है और उन्हें ड्रग्स की लत भी लगवा रहा है। नीचता की हद पार कर चुके अशोक अरोरा के जाल में बच्चियां भी फंसी हुई हैं और वो उनके जीवन से खेल रहा है। नीमच में स्थिति ये है कि वो जो चाहता है, वो करता है और उसकी शिकायत की कोई सुनवाई किसी भी स्तर पर नहीं होती।

न तो कोई अधिकारी सुनने को तैयार है और न नेता। नेताओं में दहशत तो ऐसी है कि नीमच में लूटपाट या यूं कहें कि खुलेआम डकैती डाल रहे अशोक अरोरा के खिलाफ कोई कुछ बोलने के लिए तैयार नहीं है। अरोरा के रसूख का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि स्थानीय विधायक दिलीपसिंह परिहार ने खुलासा फर्स्ट को बताया था कि वो उसके खिलाफ विधानसभा सत्र के दौरान प्रश्न पूछेंगे लेकिन कहा जा रहा है कि या तो उनकी प्रश्न पूछने की हिम्मत नहीं हुई या फिर उनके द्वारा लगाए गए प्रश्न पर आबकारी मंत्री जगदीश देवड़ा ने कोई जवाब नहीं देने को तैयार नहीं हैं। खास बात ये है कि देवड़ा उसी मंदसौर जिले से हैं जो नीमच का पड़ौसी जिला है।

इंदौर में आए देवड़ा ने तो पत्रकारों के पूछने पर अरोरा को जानने-पहचानने से ही इंकार कर दिया था। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि अरोरा का रसूख कितना है। अरोरा को जो मन में आता है वो करता है और उसे रोकने की हिम्मत न तो कोई नेता दिखा पाता है और न अधिकारी। उसके गुर्गे जिस मकान-प्लॉट-दुकान पर चाहते हैं, कब्जा कर लेते हैं और कोई कुछ नहीं कर पाता। पूर्व में एक बोहरा महिला के प्लॉट पर कब्जा कर उसने गुमटी रखकर अवैध शराब बेचना शुरू कर दी जो न केवल कलेक्टर हिमांशु चंद्रा के पास गई बल्कि भोपाल जाकर भाजपा प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल से भी मिली लेकिन फिर भी उसेक प्लॉट से कब्जा नहीं हटा।

किसी ने अरोरा के रसूख के आगे उस महिला की कोई मदद नहीं की। ऐसे एक नहीं, सैकड़ों किस्से हैं जो अरोरा के रसूख को बताते हैं और ये भी बताते हैं कि वो नीमच में अपनी समानांतर सत्ता चला रहा है। एक बार कोई अधिकारी आदेश दे तो काम न हो लेकिन अरोरा बोल तो काम हो जाएगा। उसने नगर पालिका की होटल सरोवर पर भी कब्जा जमा रखा है। वो इस तीन मंजिला होटल का मात्र 10,200 रुपए किराया दे रहा है और वो भी कई वर्षों से नहीं दिया है। उसका डर नपा अध्यक्ष स्वाती गौरव चौपड़ा पर भी है। वो ये कहकर पल्ला झाड़ लेती हैं कि उसे होटल देेने का निर्णय उनके कार्यकाल के पूर्व हो चुका था। बहरहाल, नीमच प्रदेश का एकमात्र जिला है जहां एक गुंडा, अवैध शराब व्यवसायी, ड्रग्स कारोबारी की सत्ता चल रही है और सारी व्यवस्था उसके नतमस्तक है।

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