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अनुबंध ताक पर रख वसूल रहे मनमाना किराया: महापौर पुष्यमित्र भार्गव की घोषणा के बाद भी निगम मार्केट के दुकानदार परेशान

खुलासा फर्स्ट, इंदौर । नगर निगम का राजस्व बढ़ाने के फेर में निगम अफसरों ने निगम मार्केट के दुकानदारों से किया गया अनुबंध ताक पर रखकर दस रुपए वर्गफीट के हिसाब से किराया वसूलना शुरू कर दिया है। व्यापारि...

Khulasa First

संवाददाता

21 दिसंबर 2025, 8:54 पूर्वाह्न
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अनुबंध ताक पर रख वसूल रहे मनमाना किराया

खुलासा फर्स्ट, इंदौर
नगर निगम का राजस्व बढ़ाने के फेर में निगम अफसरों ने निगम मार्केट के दुकानदारों से किया गया अनुबंध ताक पर रखकर दस रुपए वर्गफीट के हिसाब से किराया वसूलना शुरू कर दिया है। व्यापारियों की आपत्ति के बाद महापौर ने महीनों पूर्व घोषणा कर दी थी कि अनुबंध के हिसाब से किराया लिया जाए, लेकिन निगम अफसरों की मनमानी से व्यापारी अब तक परेशान हो रहे हैं।

नगर निगम में अफसरों की अफसरशाही हावी है। इसके चलते जो अफसर जिस जगह जमा है उसने वहीं अपनी मनमानी शुरू कर दी है। इसके चलते महापौर पुष्यमित्र भार्गव की घोषणा पर भी अमल नहीं हो रहा है। इससे निगम मार्केट के अधिकतर दुकानदार परेशान हो रहे हैं।

हालांकि कई बार व्यापारियों के प्रतिनिधिमंडल ने महापौर से मुलाकात कर अपनी समस्या बताई कि निगम ने जब दुकानें आवंटित की थीं उस समय अनुबंध किया था। उसके हिसाब से किराया वसूला जाना चाहिए, लेकिन निगम अफसर मनमानी करते हुए दुकानदारों से दस रुपए वर्गफीट के हिसाब से किराया वसूल रहे हैं।

व्यापारियों की इस समस्या को जानने के बाद महापौर ने पिछले बजट में यह प्रावधान किया था कि किसी भी निगम मार्केट के दुकानदार से दस रुपए वर्गफीट के हिसाब से किराया न वसूला जाए, बल्कि अनुबंध के हिसाब से वसूला जाए। महापौर की इस घोषणा को कई महीने बीत गए, लेकिन अब तक निगम मार्केट के दुकानदारों से अनुबंध के हिसाब से किराया वसूलना शुरू नहीं किया गया है। इससे व्यापारी परेशान हो रहे हैं।

कोई कारगर प्रयास नहीं किए
सूत्रों की मानें तो निगम राजस्व विभाग की कमान जिस अफसर को मिलती है वह नहीं चाहता है कि व्यापारियों से की जा रही दस रुपए वर्गफीट के हिसाब से किराया वसूली रोकी जाए। इसके चलते ही तत्कालीन अपर आयुक्त अभिलाष मिश्रा, अपर आयुक्त शृंगार श्रीवास्तव और रोहित सिसोनिया भी इस मामले में कोई कारगर कार्रवाई नहीं कर रहे हैं।

हालांकि कहा यह जाता है कि सूची बनाई जा रही है, लेकिन यह सूची महीनों बाद भी तैयार नहीं हो सकी है। कभी अफसर कहते हैं कि सबकुछ हो गया है महज निगमायुक्त के हस्ताक्षर बाकी हैं, लेकिन हकीकत में व्यापारियों से की जा रही मनमानी वसूली रोकने के लिए अब तक कोई कारगर प्रयास नहीं किए गए।

…तो निगम अफसरों की मनमानी का करेंगे विरोध
नगर निगम राजस्व विभाग के अपर आयुक्त रोहित सिसोनिया सहित मार्केट विभाग के अधिकारी भी निगम मार्केट के दुकानदारों से अनुबंध के हिसाब से किराया वसूली किए जाने के मामले में लापरवाही बरत रहे हैं। सूत्रों की मानें तो अफसर और कर्मचारियों की मिलीभगत से ही जानबूझकर महापौर के आदेश को हवा में उड़ाकर निगम मार्केट के दुकानदारों से जबरिया मनमाना किराया वसूला जा रहा है।

परेशान व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि यदि निगम अफसरों ने महापौर के निर्देश के मुताबिक अनुबंध के हिसाब से किराया वसूलना शुरू नहीं किया तो वह नई रणनीति बनाकर निगम अफसरों की मनमानी का विरोध जताएंगे।

महापौर ने जताई नाराजगी
व्यापारियों के प्रतिनिधिमंडल के अध्यक्ष महेश दम्मानी ने बताया कि वह कई बार प्रतिनिधिमंडल के साथ महापौर पुष्यमित्र भार्गव से मुलाकात कर चुके हैं। इसके चलते महापौर ने मौके पर ही निगम अधिकारियों को बुलाकर नाराजगी जताई और हिदायत दी थी कि निगम मार्केट के दुकानदारों से अनुबंध के हिसाब से किराया वसूला जाए, लेकिन हर बार निगम अधिकारी महापौर के निर्देश को हवा में उड़ा रहे हैं। इससे वर्षों से किराया वसूली से व्यापारी परेशान हो रहे हैं।

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