निगम की लापरवाही की भेंट चढ़ी एक और जिंदगी: भागीरथपुरा में दूषित पानी से 30वीं मौत
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
शहर के भागीरथपुरा क्षेत्र में नगर निगम द्वारा की जा रही शुद्ध जल प्रदाय के दावों की हकीकत का खुलासा एक बार फिर हो गया है। क्षेत्र की लक्ष्मी रजक, जैन दूध वाली गली में दूषित पानी के कहर ने एक और हंसते-खेलते परिवार को मातम में डुबो दिया है।
विडंबना देखिए कि जिस घर के मुखिया डॉक्टर केडी रजक ने जीवन भर दूसरों का इलाज किया, आज उन्हीं की पत्नी दूषित पानी से हुए संक्रमण के कारण जिंदगी की जंग हार गईं।
स्व डॉ. केडी रजक की पत्नी लक्ष्मी रजक को रविवार को घबराहट और पेट में तेज दर्द की शिकायत हुई थी। परिजनों ने उन्हें तत्काल निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां जांच के दौरान जो तथ्य सामने आए वह चौंकाने वाले थे।
सीएचएल अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. अवधेश गुप्ता ने पुष्टि की कि लक्ष्मी की किडनी में भयंकर संक्रमण फैल चुका था। डॉक्टरों के मुताबिक संक्रमण इतना घातक था कि अंगों ने काम करना बंद कर दिया था और बचने की उम्मीद बेहद कम बची थी।
परिजनों और मेडिकल संचालक दिनेश मखीजा ने बताया कि उन्हें बचाने का हर संभव प्रयास किया, लेकिन दूषित पानी का जहर इतना फैल चुका था कि मंगलवार रात उन्होंने अंतिम सांस ली। लक्ष्मी रजक के पति डॉ. के.डी. रजक का निधन भी महज 17 महीने पहले हुआ था, और अब इस दुखद घटना ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया है।
क्षेत्रीय रहवासियों में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश है। स्थानीय लोगों का सीधा आरोप है कि प्रशासन को बार-बार दूषित पानी की शिकायत करने के बावजूद जमीनी स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है।
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