खबर
Indore

इंदौर-उज्जैन मार्ग पर नीनादेवी अग्रवाल की स्मृति में बनेगा प्रवेश द्वार: बालाजी सेवार्थ विनोद अग्रवाल फाउंडेशन एवं इंदौर नगर निगम के बीच हुआ अनुबंध

KHULASA FIRST

संवाददाता

13 फ़रवरी 2026, 10:20 पूर्वाह्न
439 views
शेयर करें:
इंदौर-उज्जैन मार्ग पर नीनादेवी अग्रवाल की स्मृति में बनेगा प्रवेश द्वार

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
बालाजी सेवार्थ विनोद अग्रवाल फाउंडेशन एवं इंदौर नगर निगम के बीच जनभागीदारी से इंदौर-उज्जैन मार्ग पर 8 से 10 करोड़ रुपए की लागत से भव्य द्वार का निर्माण करने पर सहमति बन गई है।

यह प्रवेश द्वार फाउंडेशन के चेयरमैन विनोद अग्रवाल द्वारा उनकी धर्मपत्नी नीना देवी अग्रवाल की स्मृति में उनके संस्थानों एमराल्ड एवं अग्रवाल कोल कॉर्पोरेशन ग्रुप ऑफ कंपनी की ओर से बनवाया जाएगा। यह प्रवेश द्वार इंदौर के लिए गौरव का प्रतीक चिह्न होगा, जो इंदौर-उज्जैन टोल बूथ के पहले बनाया जाएगा।

आगामी सिंहस्थ मेले के पूर्व इसका निर्माण कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने गुरुवार को इंदौर स्मार्ट सिटी कार्यालय पर आयोजित बैठक में फाउंडेशन के चेयरमैन विनोद अग्रवाल और नगर निगम के अन्य अधिकारियों के साथ इस प्रोजेक्ट की योजना पर विचार मंथन कर दोनों पक्षों के बीच इस आशय का अनुबंध भी स्वीकृत कर लिया।

फाउंडेशन एवं नगर निगम के बीच हुई बैठक में निर्णय लिया गया कि प्रवेश द्वार 233 फीट चौड़ा और 61 फीट ऊंचा होगा, जो इंदौर-उज्जैन वासियों के साथ ही सिंहस्थ मेले में आने वाले देश-विदेश के लाखों श्रद्धालुओं के लिए भी आकर्षण का केंद्र बनेगा।

महाकाल द्वार के नाम से जाना जाएगा
इस द्वार का निर्माण कार्य देश-विदेश की प्रतिष्ठित आर्किटेक्चर कंपनियों के माध्यम से कराया जाएगा और प्रवेश द्वार के दोनों ओर अनेक सौंदर्य कलाकृतियां भी बनाई जाएंगी, जो हिंदू देवी-देवताओं के परंपरागत प्रतीक चिह्नों से अलंकृत रहेंगी।

इस प्रवेश द्वार को महाकाल द्वार के नाम से जाना जाएगा। गेट पर देवी अहिल्या की मूर्ति भी स्थापित होगी और द्वार के परिदृश्य में हाई-डेफिनेशन विद्युत उपकरणों और यंत्रों से विद्युत व्यवस्था भी की जाएगी, जिससे रात्रि के समय में भी यह प्रवेश द्वार भव्य आभा और रोशनी से प्रकाशित रहेगा।

फाउंडेशन के चेयरमैन विनोद अग्रवाल और महापौर पुष्यमित्र भार्गव के बीच हुए इस अनुबंध के बाद जल्द ही भव्य प्रवेश द्वार के निर्माण का कार्य शुरू कर दिया जाएगा, जो आगामी सिंहस्थ मेले के पूर्व पूरा कर लिया जाएगा। इसकी अनुमानित लागत लगभग 8 से 10 करोड़ रुपए आंकी गई है।

संबंधित समाचार

टिप्पणियाँ

अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!