इस जल परियोजना में बड़े भ्रष्टाचार का आरोप: पूर्व पार्षद ने नगर निगम को कटघरे में खड़ा किया; सीबीआई जांच की मांग
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
पूर्व पार्षद दिलीप कौशल ने नर्मदा जल परियोजना को लेकर बड़े भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है।
277 करोड़ रुपए अब सवालों के घेरे में
भागीरथपुरा में दूषित पानी से 25 लोगों की मौत के बाद नगर निगम द्वारा 25 करोड़ रुपए प्रतिमाह बिजली बिल बचत के दावे के साथ 2022 में ग्रीन बॉन्ड के माध्यम से जुटाए 277 करोड़ रुपए अब सवालों के घेरे में हैं।
प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को भेजा ई मेल
पूर्व पार्षद दिलीप कौशल ने इस मामले में प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और सीबीआई को प्रमाणों सहित ई-मेल भेजकर मामले की सीबीआई जांच की मांग की है।
परियोजना पर 308 करोड़ रुपए खर्च
कौशल का आरोप है कि नगर निगम ने जलूद सौर ऊर्जा परियोजना पर 308 करोड़ रुपए खर्च किए, इसके बावजूद आज भी पीने के पानी के नाम पर हर माह करोड़ों रुपए का बिजली बिल चुकाया जा रहा है।
निगम को भारी नुकसान
उन्होंने कहा कि ग्रीन बॉन्ड पर 8.25 प्रतिशत की दर से ब्याज भी लगातार दिया जा रहा है, जिससे नगर निगम को भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है।
अधूरा है काम
उनका आरोप है कि ठेकेदार को जुलाई 2025 तक काम पूरा कर लेना था, लेकिन इसके बाद भी पूरा नहीं हुआ है।
ठेकेदार को अवैध रूप से लाभ पहुंचाने का आरोप
कौशल के अनुसार नगर निगम ने भी अनुबंध के अनुसार प्रोजेक्ट में देरी होने पर हर सप्ताह 0.5 प्रतिशत की दर से ब्याज वसूला जाना था, लेकिन नगर निगम ने ठेकेदार को अवैध रूप से लाभ पहुंचाया है।
यह भी आरोप लगाए
इसके साथ ही परियोजना में घटिया निर्माण, निर्धारित शर्तों के अनुरूप समय पर काम पूरा न होना, और स्मार्ट सिटी व नर्मदा परियोजना के अधिकारियों की देखरेख में गुणवत्ता से समझौते का आरोप लगाया गया है।
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