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यातायात की’ प्रयोगशाला’ बना अग्रसेन चौराहा दिनभर धड़ल्ले से हो रही भारी वाहनों की आवाजाही

खुलासा फर्स्ट, इंदौर । अग्रसेन चौराहा यातायात पुलिस की प्रयोगशाला बन गया है। यहां तैनात यातायात पुलिसकर्मियों द्वारा पुलिस कमिनश्नर के आदेश को हवा में उड़ाकर भारी वाहनों को आवाजाही की अनुमति दी जा रही...

Khulasa First

संवाददाता

18 दिसंबर 2025, 9:23 पूर्वाह्न
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यातायात की’ प्रयोगशाला’ बना अग्रसेन चौराहा दिनभर धड़ल्ले से हो रही भारी वाहनों की आवाजाही

खुलासा फर्स्ट, इंदौर
अग्रसेन चौराहा यातायात पुलिस की प्रयोगशाला बन गया है। यहां तैनात यातायात पुलिसकर्मियों द्वारा पुलिस कमिनश्नर के आदेश को हवा में उड़ाकर भारी वाहनों को आवाजाही की अनुमति दी जा रही है। इससे कभी भी बड़ा हादसा होने का खतरा बढ़ गया है। वहीं सड़क पर जाम लगने से शहरवासी भी परेशान हो रहे हैं।

घनी बस्ती में बसी छावनी अनाज मंडी और लोहामंडी में भारी भरकम ट्रकों की आवाजाही से लोग परेशान हैं। कई बार हादसे होने और हर दिन जाम लगने से परेशान रहवासियों और व्यापारियों ने कलेक्टर व पुलिस कमिश्नर से गुहार लगाई कि क्षेत्र में भारी वाहनों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगाया जाए।

इसके चलते पहले कलेक्टर शिवम वर्मा ने भारी वाहनों पर रोक लगाई बाद में पुलिस कमिश्नर संतोष सिंह ने भी आदेश जारी कर सुबह 6 से रात 11 बजे तक अग्रसेन चौराहे से लोहामंडी की ओर जाने वाले भारी वाहनों पर रोक लगा दी। इस आदेश के परिपालन में अग्रसेन चौराहे पर स्टापर पर बैनर भी चस्पा किया गया है, लेकिन मौके पर तैनात यातायात पुलिसकर्मियों ने इस आदेश को हवा में उड़ाकर भारी वाहनों को लोहामंडी की ओर जाने की अनुमति देना शुरू कर दिया है। इसके चलते यातायात की प्रयोगशाला बने अग्रसेन चौराहे पर हर दिनभार वाहनों की आवाजाही हो रही है।

आदेश पर भारी व्यापारी
हाल ही में कलेक्टर शिवम वर्मा ने लोहामंडी में कामकाज करने वाले कारोबारियों को हिदायत दी थी कि जिन व्यापारियों को निरंजनपुर स्थित लोहामंडी में दुकानें मिल गई हैं वह अपना कारोबार वहां शुरू करें, लेकिन कलेक्टर के इस आदेश के बाद भी एक भी व्यापारी ने अपना कारोबार नई लोहामंडी में शुरू नहीं किया है।

वहीं ट्रासपोर्टर के तौर पर काम करने वालों ने प्रशासन व पुलिस पर दबाव बनाकर भारी वाहनों की आवाजाही को अनुमति देने का दबाव बनाना शुरू कर दिया है। ऐसे में यातायात पुलिस से मिलीभगत कर ट्रांसपोर्टरों के ट्रक पूरे दिन धड़ल्ले से आवाजाही कर रहे हैं।

याचिका की तैयारी
बताया जाता है कि यातायात पुलिस द्वारा इंदौर अनाज-तिलहन व्यापारी संघ एवं एसोसिएशन ऑफ पल्सेस मैन्यूफैक्चरर्स के पत्र पर लोहामंडी मार्ग के लिए भारी वाहनों के आवागमन की अनुमति का प्रस्ताव कलेक्टर को प्रस्तुत किया गया। इसके चलते कलेक्टर शिवम वर्मा ने यातायात पुलिस द्वारा दिए गए पत्र पर लोहामंडी मार्ग के लिए भारी वाहनों के आवागमन की अनुमति दे दी।

इससे वाहनों की आवाजाही अधिक हो गई, लेकिन अब कलेक्टर द्वारा यातायात पुलिस के प्रस्ताव पर भारी वाहनों के आवागमन की अनुमति देने के विरुद्ध चितावद, कौशल्यापुरी, शिवमोती नगर, मंगलमूर्ति नगर, साजन नगर, प्रकाश नगर, खंडेलवाल नगर, जानकी नगर, अग्रवाल नगर, स्नेह नगर, पटेल नगर, सर्वोदय नगर के रहवासी अदालत में याचिका दायर करने की तैयारी में जुट गए हैं।

पुलिसकर्मियों की मनमानी शुरू, पूरे क्षेत्र में रहता है ट्रैफिक का भारी दबाव
अग्रसेन चौराहे के स्टापर पर लगाए गए एक अन्य बैनर से सुबह 6 से 12 बजे और शाम 5 बजे से रात तक भारी वाहनों को आने-जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है। जबकि दिन में दोपहर 12 से शाम 5 बजे के बीच भारी वाहनों की आवाजाही धड़ल्ले से जारी है। चौराहे पर यातायात संभालने वाले पुलिसकर्मियों ने इस तरह पुलिस कमिश्नर के आदेश का पालन करने का दिखावा करते हुए अपनी मनमानी शुरू कर दी है।

इससे यह कहा जाने लगा है कि अग्रसेन चौराहा यातायात पुलिस की प्रयोगशाला बन गया है। गौरतलब है कि भारी वाहनों की आवाजाही से दिनभर तीन इमली, नौलखा और अग्रसेन चौराहा पर भारी वाहनों की आवाजाही जारी रहती है। इससे पूरे क्षेत्र में ट्रैफिक का भारी दबाव रहता है।

इसके चलते ही कलेक्टर ने मात्र अनाज वाहनों को छावनी अनाज मंडी आने-जाने की अनुमति देने की मंजूरी दी, लेकिन अग्रसेन चौराहे पर तैनात पुलिसकर्मी अनाज के ट्रकों के नाम पर लोहामंडी में ट्रकों को जाने की छूट दे रहे हैं। इससे यातायात का कचूमर निकल रहा है। हर दिन रहवासी जाम में फंसकर परेशान हो रहे हैं, लेकिन अफसर अपने ही आदेश का पालन हो रहा है या नहीं, इसकी अनदेखी कर रहे हैं।

ट्रांसपोर्टरों ने जमाया कब्जा
ज्ञात रहे कि घनी बस्ती क्षेत्र में स्थित लकड़ी मंडी और लोहामंडी को अन्यत्र शिफ्ट कर दिया गया है। इसके बाद भी लोहामंडी में कई ट्रांसपोर्टरों ने अपना कब्जा जमा लिया है। इसके चलते बड़े पैमाने पर कारोबार कर रहे हैं। इससे हर दिन सैकड़ों ट्रकों में सामान लोहामंडी पहुंचता है।

ट्रांसपोर्टर तक ट्रक आसानी से पहुंच सकें, इसके लिए अधिकतर ट्रांसपोर्टरों ने अनाज के ट्रक बताकर अपने ट्रकों को इंट्री दिलाना शुरू कर दिया है। जबकि ट्रांसपोर्टर के ट्रकों की आवाजाही पर सुबह 6 से रात 11 बजे तक पूरी तरह रोक लगी हुई है। इसके बाद भी लोहामंडी में दिनभर भारी भरकम ट्रकों की आवाजाही बदस्तूर जारी है।

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