सरकारी यात्री बसों में माल ढुलाई प्रतिस्पर्धा के खिलाफ: निजी बस ऑपरेटर, परिवहन विशेषज्ञ और संगठनों ने प्रस्ताव पर उठाए सवाल
Khulasa First
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
मप्र सरकार द्वारा प्रस्तावित सरकारी बसों में सीमित मात्रा में माल व पार्सल ढुलाई अनुमति पर विरोध और आशंका की आवाज तेज हो गई है। इस मुद्दे पर खुलासा फर्स्ट के खुलासे के बाद निजी बस संचालकों, परिवहन से जुड़े विशेषज्ञों और राष्ट्रीय स्तर के संगठनों ने प्रतिक्रिया दी हैं। अधिकांश प्रतिक्रियाओं में यात्रियों की सुरक्षा, समान प्रतिस्पर्धा और नियमों की व्यवहारिकता को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं।
वरिष्ठ बस व्यवसायी और आरटीआई एक्टिविस्ट भूपेंद्रकुमार जैन ने कहा एक ही विषय पर निजी बस संचालकों और राज्य परिवहन उपक्रम के लिए अलग-अलग नियम तर्कसंगत नहीं। इस प्रस्ताव से राज्य परिवहन उपक्रम को विशेष लाभ मिलता है, तो यह ‘साफ-सुथरी प्रतिस्पर्धा’ सिद्धांत के खिलाफ होगा।
उन्होंने यह भी संकेत दिया कि निजी बस मालिक इस अधिसूचना को उच्च न्यायालय में चुनौती दे सकते हैं। एडवोकेट सूरजकुमार अग्रवाल ने नियमों को अव्यवहारिक बताते हुए कहा सरकारी बसों को निजी कंपनियों से चलवाने और पुराने ऑपरेटरों को बाहर करने की मंशा दिखाई देती है।
उन्होंने आरोप लगाया जो व्यवस्था पहले से काम कर रही है, उसके खिलाफ नियम बनाए जा रहे हैं। स्लीपर बसों से जुड़े मुद्दों पर अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है, जबकि एनआईसी का पोर्टल कई दिनों से सर्वर समस्या के कारण ठीक से काम नहीं कर रहा है। उनके अनुसार इस स्थिति से केंद्रीय स्तर तक अवगत कराना जरूरी है।
ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस, नई दिल्ली के चेयरमैन सीएल मुकाती ने यात्री बसों में माल ढुलाई के प्रस्ताव का कड़ा विरोध किया है। कहा लोकसेवा वाहनों की स्पष्ट श्रेणियां निर्धारित हैं—एक यात्री और दूसरी माल परिवहन। ऐसे में बसों को व्यावसायिक माल ढुलाई की अनुमति यात्रियों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा हो सकता है।
इससे न केवल जनसुरक्षा प्रभावित होगी, बल्कि राज्य सरकार को राजस्व हानि भी हो सकती है, क्योंकि माल परिवहन के लिए पहले से ही पर्याप्त संख्या में ट्रक उपलब्ध हैं। उन्होंने सवाल उठाया यदि बसों को माल ढुलाई की अनुमति दी जाती है, तो समानता के सिद्धांत के तहत ट्रकों को यात्री परिवहन की अनुमति क्यों न दी जाए?
कुल मिलाकर, प्रस्तावित संशोधनों को लेकर परिवहन क्षेत्र में असमंजस और असंतोष की स्थिति बन रही है। सरकार ने आपत्तियों और सुझावों के लिए 30 दिन की अवधि तय की है। यह देखना अहम होगा कि इस अवधि में उठे सवालों और प्रतिक्रियाओं को ध्यान में रखते हुए सरकार नियमों में कोई बदलाव करती है या नहीं। फिलहाल, यात्री सुरक्षा, रोजगार और निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा जैसे मुद्दे इस बहस के केंद्र में हैं।
संबंधित समाचार

सिम एक्टिवेशन के नाम पर साइबर ठगी:आईटी कर्मचारी के खाते से लाखों उड़ाए

जहरीले पानी से मरने वालों के घर पहुंची कांग्रेस:मृतकों के परिजन ने कहा- हादसे के दोषियों को सजा मिलना चाहिए

देखिए वीडियो, राजघाट पहुंचा विपक्ष:इन नेताओं को अंदर जाने की अनुमति; बापू को दी श्रद्धांजलि, सीईसी के इस्तीफे पर तीसरे दिन भी प्रदर्शन

देखिए वीडियो, सर्वपितृ अमावस्या पर मुस्लिम महिला करेगी पितृ तर्पण:पूर्वजों के सम्मान का लिया संकल्प

फिटनेस व्यवस्था हुई ठप चालकों की ‘चेकिंग’ तेज:सरकारी वेबसाइट पर फिटनेस सुविधा महीनों से बाधित होने का दावा

एमटी क्लॉथ मार्केट में बंपर अमृत उपहार योजना का मुख्य ड्रॉ संपन्न:व्यापारियों को मिले 251 आकर्षक उपहार; दलालों के लिए रखे गए थे 31 विशेष पुरस्कार

मध्यप्रदेश में निवेश करेगा आरपीजी समूह:ट्रांसमिशन, टायर,आईटी सेक्टर पर सीएम डॉ. मोहन यादव से हर्ष गोयनका की चर्चा

चाचा 420 की साजिश का शिकार आरिफ अली:एक बार एनडीपीएस एक्ट के झूठे केस में फंसा चुका; फिर दे रहा धमकी

बैंक बिल्डिंग के जर्जर छज्जे हटाए:प्लास्टर गिरने के बाद निगम की कार्रवाई; समय-सीमा में नहीं हुआ काम

नकली तंबाकू का नेटवर्क खंगाल रही सराफा पुलिस:आरोपी ने लिया कृष्णा ट्रेडर्स का नाम; पैकिंग रोल और लेबल के स्रोत की भी होगी जांच

कार से टक्कर के बाद बाइक सवार नशेड़ी ने फोड़ा कांच:घटना के बाद दोनों पक्ष को थाने ले गई पुलिस; मारपीट का वीडियो वायरल

गैंगस्टर सतीश भाऊ और उसके गुर्गों के खिलाफ क्राइम ब्रांच में दर्ज हुई शिकायत:लाखों रुपए वसूलने के मामले में; प्रॉपर्टी सेटलमेंट के नाम पर लिए, अब धमका रहे हैं फरियादी को

टूरिज्म फीलिंग नहीं हीलिंग भी:सीएम डॉ. मोहन यादव

जय श्रीकृष्ण या 'जेएसके' या जय श्रीकृष्णा

दोस्तों के साथ ओडिशा गया गणेश लापता:जांच पर उठे सवाल

ड्रग्स तस्करी की 48.50 लाख की कमाई पर सफेमा का शिकंजा:पहले से 13 केस दर्ज; जिनमें से तीन एनडीपीएस एक्ट के

पेट्रोल पंप से की रेकी और रास्ते में लूट लिया:काका तमने जो नोट दिया वी नकली है कहकर रोका था किसान को

बंटी नागर खुदकुशी कांड में बॉबी छाबड़ा की हुई एंट्री:मामला छोटा बांगड़दा हाईराइज बिल्डिंग के 35 करोड़ के लेनदेन का

चंदर की मौत का गुस्सा:कोर्ट में बदमाश सूरज जाट पर बरसीं चप्पलें

तस्कर रेहान गिरफ्तार पुलिस ने आखिरकार दबोचा:नाना के ड्रग्स नेटवर्क की अहम कड़ी
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!