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कुर्की के बाद बैंक की सील में सेंध का लगाया आरोप: बिखरा हुआ था घर के भीतर सारा सामान

नीलाम हो चुके घर का ताला खुला तो दंग रह गया परिवार खुलासा फर्स्ट, इंदौर । शहर के मिर्जापुर स्थित रामजी वाटिका में केनरा बैंक की नौलखा शाखा द्वारा की गई एक नीलामी प्रक्रिया सोमवार को उस समय विवाद और हं

Khulasa First

संवाददाता

30 दिसंबर 2025, 10:33 पूर्वाह्न
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कुर्की के बाद बैंक की सील में सेंध का लगाया आरोप

नीलाम हो चुके घर का ताला खुला तो दंग रह गया परिवार

खुलासा फर्स्ट, इंदौर
शहर के मिर्जापुर स्थित रामजी वाटिका में केनरा बैंक की नौलखा शाखा द्वारा की गई एक नीलामी प्रक्रिया सोमवार को उस समय विवाद और हंगामे में तब्दील हो गई, जब बैंक अधिकारियों और पुलिस की मौजूदगी में सील किए गए मकान का ताला खोला गया। घर के भीतर का नजारा देख कर्जदार सिद्धार्थसिंह राजपूत और उनके परिजन के पैरों तले जमीन खिसक गई। पीड़ित परिवार ने बैंक की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि बैंक की आधिकारिक अभिरक्षा में रहने के बावजूद घर के भीतर सारा सामान बिखरा हुआ था। परिजन ने बैंककर्मियों पर चोरी की शंका जाहिर करते हुए जमकर विरोध प्रदर्शन किया।

इस पूरे प्रकरण की पृष्ठभूमि में सिद्धार्थसिंह राजपूत द्वारा रामजी वाटिका स्थित अपने मकान पर केनरा बैंक से लिया गया ऋण है। मामला जबलपुर स्थित ऋण वसूली अधिकरण (डीआरटी) में विचाराधीन था, जहां कोर्ट के आदेशानुसार 26,43,389 रुपए की लेनदारी के विरुद्ध आंशिक राशि जमा करने की शर्त पर पूर्व के आदेश के निष्पादन को निरस्त किया गया था।

बैंक ने इस बीच प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए संपत्ति की सार्वजनिक ई-नीलामी संपन्न कर दी, जिसमें प्रांजल जायसवाल सफल बोलीदाता के रूप में सामने आईं। विवाद की स्थिति तब निर्मित हुई, जब सोमवार को रिकवरी हेड ललित हिंदू बलवंतराय, राजेश गुप्ता और बैंक के एडवोकेट सचिन बाघ तेजाजी नगर पुलिस बल के साथ घर का कब्जा सौंपने पहुंचे।

जैसे ही मकान की सील खोलकर भीतर प्रवेश किया, सिद्धार्थ सिंह, उनकी पत्नी रेणु सिंह और बच्चों ने घर की स्थिति देख नाराजगी जताई। परिवार का आरोप है कि बैंक की सुरक्षा में होने के बावजूद उनका कीमती सामान सुरक्षित नहीं रहा और जिस अस्त-व्यस्त हालत में मिला, उससे चोरी की शंका है।

पड़ोसी विजय सिंह ने भी बताया कि 23 दिसंबर को जब परिवार यहां मौजूद नहीं था, तब पांच-छह लोगों को मकान के भीतर देखा गया था। फिलहाल पीड़ित परिवार इस मामले में कानूनी कार्रवाई और उच्च स्तरीय जांच की मांग पर अड़ा हुआ है।

बैंक ने रखा अपना पक्ष
केनरा बैंक के रिकवरी अधिकारी ललित हिंदू बलवंत राय ने इन तमाम आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे नियमानुसार की गई कार्रवाई बताया। बैंक प्रबंधन का कहना है मकान के आधिपत्य को लेकर की गई सभी कार्रवाई न्यायालय के निर्देशों के अधीन है।

बैंक ने स्पष्ट किया कि गैर-मौजूदगी में घर में प्रवेश करने से पूर्व थाने को सूचना दी गई थी और प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से इसे सार्वजनिक भी किया गया था। बैंक अधिकारियों के मुताबिक सामान पैकर्स एंड मूवर्स के माध्यम से सुरक्षित तरीके से संबंधित परिवार को सौंपना था, लेकिन परिवार द्वारा सामान लेने नहीं आने के कारण यह स्थिति निर्मित हुई।

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