भागीरथपुरा में दूषित पानी के बाद अब टैक्स का कहर: अपर आयुक्त राजस्व पहुंचे और मकानों के फोटो ग्रुप पर डाले, कर वसूली होगी
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
दूषित पानी पीने से हुई 20 मौतों की त्रासदी से जूझ रहे भागीरथपुरा में अब नगर निगम कर का कहर बरपाने जा रहा है। यहां कल अपर आयुक्त राजस्व शृंगार श्रीवास्तव सदलबल पहुंचे और कई मकानों के फोटो लेकर अपने ग्रुप पर डाले और एआरओ को निर्देशित किया कि इनकी कर की स्थिति का पता लगाएं।
एक और भागीरथपुरा भीषण त्रासदी से गुजर रहा है जहां दूषित पानी पीने से अब तक 20 लोगों की मौतें हो चुकी हैं और सैकड़ों अभी अस्पताल में भर्ती हैं जिनमें से कई ऐसे हैं जो गंभीर हैं। और तो और, यहां लगातार मरीजों को परेशानी हो रही है और वे अस्पताल पहुंच रहे हैं यानी पीड़ितों की संख्या रोजाना बढ़ रही है।
पूरी बस्ती इन दिनों भयंकर संकट में है और कोई भी व्यक्ति ऐसा नहीं जो किसी न किसी प्रकार प्रभावित न हो। किसी ने परिजन को खोया तो किसी के परिजन अब भी जीवन और मृत्यु के बीच संघर्ष कर रहे हैं। ये मामला इंदौर से निकलकर प्रदेश और देश की सीमा पार करता हुआ अंतरराष्ट्रीय हो गया है और पूरी दुनिया के लोग भागीरथपुरा के लोगों को संवेदनाभरी निगाहों से देख रहे हैं। ऐसे में नगर निगम भी बाज नहीं आ रहा है।
नई पाइप लाइन की फाइल दबाते रहे
पहले तो यहां दूषित जल का वितरण किया जाता रहा। तमाम शिकायतों पर ध्यान नहीं दिया और नई पाइपलाइन की फाइल दबाई जाती रही और अब जबकि मौतें हो गई हैं तो सारा का सारा अमला यहां झोंक दिया गया है, लेकिन इसी अमले में नगर का राजस्व विभाग ने भी निर्ममता का प्रमाण पेश किया है।
इतनी कठोरता ऐसे मामलों में कभी नहीं दिखी जैसी कि कल नगर निगम ने भागीरथपुरा मेंं दिखाई। हुआ ये कि नगर निगम के राजस्व अपर आयुक्त शृंगार श्रीवास्तव यहां सदलबल पहुंचे और जिन मकानों पर संपत्ति कर व अन्य कर बकाया है उनकी जांच की।
इस दौरान उन्होंने अपने ग्रुप पर उनके फोटो डाले और एआरओ तरुण जोशी को निर्देशित किया कि इन मकानों की करों की स्थिति का पता लगाएं। इसका मतलब ये है कि भागीरथपुरा के इन मकानों के रहवासियों ने कर नहीं दिया है उन पर वसूली की कार्रवाई की जाए।
ऐसे समय में जबकि पूरा भागीरथपुरा शोक में डूबा है, किसी के चेहरे पर चिंता के अलावा कोई और भाव नहीं है, कोई न ढंग से खा-पी रहा है और न चैन से सो पा रहा है, वहां करों की वसूली के लिए पहुंचना और प्रयास करना प्रशासनिक कठोरता और संवेदनहीनता का उदाहरण नहीं तो और क्या है?
दोपहर में डिलीट कर दिए
सुबह एआरओ के ग्रुप पर फोटो डालने के बाद जब इस पर चर्चा होने लगी तो श्रीवास्तव ने दोपहर में ही फोटो डिलीट कर दिए। इसके लिए कोई कारण नहीं बताया। वो कह रहे हैं कि ये रूटीन काम है तो फिर फोटो डिलीट करने की जरूरत क्या पड़ी? समझ से परे है। रूटीन का काम करने का मतलब भी तो यही है कि जिन मकानों के संपत्ति समेत अन्य कर बकाया हैं, उनकी नकेल कसो।
क्या कहते हैं जिम्मेदार
मकानों के फोटो डालना तो हमारा रूटीन काम निगम के अन्य विभाग भी तो काम कर रहे हैं। सभी विभाग अपना-अपना काम कर रहे हैं। मैंने कल कैंप तो नहीं लगाया था। मकानों के फोटो डालना तो हमारा रूटीन का काम है। - शृंगार श्रीवास्तव, अपर आयुक्त राजस्व
ये काम तो चलता रहता है
ग्रुप पर फोटो डाले जाते हैं, ये रूटीन है। भागीरथपुरा के जो फोटो ग्रुप पर डले, वो तो इसलिए थे कि वहां बोरिंग है या नहीं। साफ पानी मिल रहा है या नहीं, ये देखना था। ये काम तो चलता रहता है। - तरुण जोशी, एआरओ जोन क्र. 4
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