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आखिरकार कालरा के कितने और शिकार: दोगुना किराए के लालच में अब 35वां प्रकरण दर्ज

KHULASA FIRST

संवाददाता

02 फ़रवरी 2026, 10:42 पूर्वाह्न
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आखिरकार कालरा के कितने और शिकार

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
दोगुना किराए का लालच देकर कारें हड़पने वाले शातिर आरोपी कालरा की ठगी का जाल लगातार फैलता जा रहा है। रविवार को अन्नपूर्णा पुलिस ने उसके खिलाफ एक और धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है।

इसके साथ ही अब तक 35 कारों की हेराफेरी को लेकर 35वां प्रकरण दर्ज हो चुका है। लगातार सामने आ रहे मामलों ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर इस ठगी के कितने और शिकार अब भी सामने आना बाकी हैं।

अन्नपूर्णा थाना प्रभारी टीआई अजय नायर के मुताबिक ताजा शिकायत विजय भारती गोस्वामी ने दर्ज कराई है, जो एक सिक्योरिटी एजेंसी के संचालक हैं। फरियादी ने पुलिस को बताया कि आरोपी कालरा ने उनसे संपर्क कर अपनी जरूरत बताते हुए कार किराए पर मांगी थी।

बातचीत के दौरान उसने सामान्य से दोगुना किराया देने का प्रस्ताव रखा, जिससे भरोसा बन गया। शुरुआत में कुछ समय तक किराया भी दिया, लेकिन इसके बाद आरोपी कार लेकर गायब हो गया। पुलिस जांच में सामने आया है कि यही कालरा का पुराना तरीका है।

वह पहले वाहन मालिकों से व्यक्तिगत संपर्क करता, खुद को रसूखदार या किसी कंपनी से जुड़ा व्यक्ति बताता और लंबी अवधि के लिए गाड़ी लेने की बात करता था। दोगुना किराया, समय पर भुगतान और सुरक्षित उपयोग जैसे वादों से वह लोगों को झांसे में लेता था। भरोसा जीतने के बाद आरोपी कार को अपने कब्जे में ले लेता और फिर उसे न तो लौटाता था और न ही संपर्क में रहता था।

और भी पीड़ित आ सकते हैं सामने
अब तक की जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी ने अलग-अलग थाना क्षेत्रों के वाहन मालिकों को अपना शिकार बनाया। कई पीड़ितों को लंबे समय तक यह भरोसा दिलाया कि कार किसी प्रोजेक्ट या ड्यूटी में लगी है। जब महीनों तक गाड़ी वापस नहीं आई और आरोपी से संपर्क टूट गया तब पीड़ितों ने पुलिस थानों के चक्कर लगाने शुरू किए। इसे लेकर पुलिस का मानना है कि अभी और पीड़ित सामने आ सकते हैं।

ठगी का मास्टर माइंड है कालरा
पुलिस रिकॉर्ड खंगालने पर यह भी सामने आया है कि कालरा के खिलाफ पहले से भी धोखाधड़ी से जुड़े मामले दर्ज हैं। पुराने मामलों का पैटर्न वर्तमान प्रकरणों से मेल खा रहा है, जिससे यह साफ होता है कि यह कोई एक-दो घटनाएं नहीं, बल्कि सुनियोजित और संगठित ठगी है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि हड़पी गई कारों को कहां-कहां बेचा गया या किन लोगों के पास उपयोग में हैं।

सहयोगियों और नेटवर्क की भी जांच की जा रही
टीआई अजय नायर के अनुसार आरोपी के संभावित सहयोगियों और नेटवर्क की भी जांच की जा रही है। अलग-अलग इलाकों में छानबीन कर कारों की लोकेशन ट्रेस करने की कोशिश की जा रही है। पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी ने दोगुने किराए के लालच में अपनी कार दी हो और वह वापस नहीं मिली हो, तो तुरंत थाने में शिकायत दर्ज कराएं।

लगातार बढ़ते मामलों के बाद यह साफ हो गया है कि कालरा की ठगी का दायरा बड़ा है और पुलिस अब इस पूरे खेल को जड़ से तोड़ने की तैयारी में है।

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