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26 साल बाद इंदौर का नेता बनेगा सांसद: राज्यसभा सीट के लिए कांग्रेस में जद्दोजहद शुरू

KHULASA FIRST

संवाददाता

31 जनवरी 2026, 11:06 पूर्वाह्न
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26 साल बाद इंदौर का नेता बनेगा सांसद

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
कांग्रेस के वरिष्ठ सांसद दिग्विजय सिंह द्वारा तीसरी बार राज्यसभा जाने से इनकार करने के बाद अब पार्टी में कई नेता टिकट पाने की कोशिश में लग गए हैं। इनमें इंदौर के दो चर्चित नाम प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी और पूर्व मंत्री सज्जनसिंह वर्मा के हैं।

यदि पार्टी ने इंदौर के किसी नेता को मौका दिया तो 26 साल बाद इंदौर का कोई कांग्रेस नेता राज्यसभा पहुंचेगा। अभी इंदौर से भाजपा नेत्री कविता पाटीदार राज्यसभा सांसद हैं।

वर्ष 1982 में तत्कालीन वरिष्ठ कांग्रेस नेता राधाकिशन मालवीय को पार्टी ने राज्यसभा भेजा था। उन्हें राजीव गांधी ने श्रममंत्री भी बनाया था। वे 2000 तक सांसद रहे। इसके बाद से इंदौर से कोई कांग्रेस नेता राज्यसभा सांसद नहीं बन पाया।

अब चूंकि मप्र से एकमात्र कांग्रेस सांसद दिग्विजय सिंह का कार्यकाल 9 अप्रैल को खत्म हो रहा है और खुद सिंह इनकार कर चुके हैं कि अब वे राज्यसभा में नहीं जाएंगे।

हालांकि सूत्रों का कहना है कि राज्यसभा में विभिन्न मुद्दों पर वे भाजपा सरकार को उम्मीद के अनुरूप घेर नहीं सके, इसलिए उन्हें फिर राज्यसभा के लिए मना कर दिया गया है। तीन तलाक, धारा 370, अयोध्या समेत तमाम मामलों में सिंह के बयान उतने जोरदार नहीं रहे, जितनी उम्मीद पार्टी को थी।

बहरहाल, दिग्विजय के इनकार करने के बाद अब कांग्रेस नेताओं में इस सीट के लिए जोर-आजमाइश शुरू हो गई है। इनमें इंदौर से प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी और पूर्व मंत्री सज्जनसिंह वर्मा के नाम चर्चा में हैं। दोनों ही नेता वरिष्ठ हैं और कांग्रेस के राष्ट्रीय नेता राहुल गांधी के नजदीकी भी।

भागीरथपुरा कांड में राहुल को इंदौर बुलवाकर पटवारी ने अपनी ताकत दिखा दी तो राहुल को ज्ञापन सौंपकर वर्मा ने भी नजदीकी दिखाई। हालांकि उनके लिए पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ नेता कमल नाथ भी लॉबिंग कर रहे हैं। यदि इंदौर के नेताओं को मौका मिला तो 26 साल बाद इंदौर का कोई कांग्रेसी नेता राज्यसभा पहुंचेगा।

राधाकिशन मालवीय से पूर्व तत्कालीन मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह ने कलेक्टरी छोड़कर राजनीति में आए अजीत जोगी को राज्यसभा भेजा था। कमल नाथ और पूर्व प्रदेशाध्यक्ष अरुण यादव भी राज्यसभा की जुगाड़ में हैं। वे भी इंदौर के माने जाते हैं, क्योंकि यहां उनका आवास है। विंध्य के वरिष्ठ दलित नेता कमलेश्वर पटेल भी दावेदारी कर रहे हैं।

दिग्विजय संन्यास की ओर
सूत्रों का कहना है दिग्विजय सिंह अब राजनीति से दूरी बनाकर भोपाल में कैरवा डैम के पास बने अपने नए बंगले में आराम करेंगे। हालांकि उन्होंने राज्यसभा से निवृत्त होने के बाद प्रदेशभर में घूम-घूमकर कांग्रेस को मजबूत करने का काम करने की बात कही है।

इसलिए भी इंदौरी नेता का दावा
कांग्रेस के इंदौरी नेता इसलिए भी दावा कर रहे हैं कि भाजपा ने बीते 45 साल से इंदौर के किसी नेता को प्रदेशाध्यक्ष की कुर्सी पर नहीं बैठाया। वहीं 26 साल से कांग्रेस ने भी किसी इंदौरी नेता को राज्यसभा नहीं भेजा है।

इंदौर से कविता पाटीदार राज्यसभा में
उधर, भाजपा ने इंदौर जिले के महू की कविता पाटीदार को राज्यसभा भेजा है। वे प्रदेश विधानसभा के उपाध्यक्ष और वरिष्ठ मंत्री स्व. भेरूलाल पाटीदार की बेटी हैं और अभी प्रदेश भाजपा की उपाध्यक्ष हैं।

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