कलेक्टर और निगमायुक्त ने किया क्षेत्र का निरीक्षण: भागीरथपुरा जल संकट पर प्रशासन अलर्ट
KHULASA FIRST
संवाददाता

प्रभावितों के उपचार से लेकर शुद्ध पेयजल आपूर्ति तक, तीन स्तरों पर निगरानी
खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित जल से उपजे हालात को नियंत्रित करने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। रविवार सुबह कलेक्टर शिवम वर्मा और नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल अमले के साथ मौके पर पहुंचे और रिंग सर्वे में जुटी टीमों को आवश्यक निर्देश दिए। अधिकारियों ने रहवासियों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और समाधान को लेकर भरोसा दिलाया।
सुबह से फील्ड में उतरा प्रशासनिक अमला- कलेक्टर वर्मा एवं निगम आयुक्त सिंघल रविवार सुबह से ही स्वास्थ्य, नगर निगम एवं अन्य विभागों के अमले के साथ भागीरथपुरा क्षेत्र में मौजूद रहे। क्षेत्र में हालात पर नियंत्रण के लिए लगातार सर्वे, निरीक्षण और सुधारात्मक कार्य किए जा रहे हैं।
प्रभावितों के उपचार पर तीन स्तरों पर निगरानी
कलेक्टर ने बताया कि प्रभावित नागरिकों के उपचार को लेकर प्रशासन तीन स्तरों पर लगातार कार्य कर रहा है। पहला-क्षेत्र में जिन व्यक्तियों में किसी भी प्रकार के लक्षण दिखाई दे रहे हैं, उन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया जा रहा है। वर्तमान में स्थिति नियंत्रण में है, फिर भी प्रशासन पूरी सतर्कता बरत रहा है।
दूसरा-जो मरीज पहले से अस्पतालों में भर्ती हैं, उनके उपचार की निरंतर निगरानी की जा रही है, ताकि किसी प्रकार की लापरवाही न हो। तीसरा-जो मरीज उपचार के बाद डिस्चार्ज होकर घर लौट चुके हैं, उनके स्वास्थ्य की जानकारी भी नियमित रूप से ली जा रही है।
नागरिकों से संवाद कर भरोसा दिलाने का प्रयास
कलेक्टर वर्मा ने भागीरथपुरा क्षेत्र का भ्रमण कर नागरिकों से चर्चा की और उन्हें आश्वस्त किया कि स्थिति पर प्रशासन की कड़ी नजर है और किसी भी प्रकार की समस्या होने पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी।
रिंग सर्वे, लीकेज सुधार और शुद्ध जल आपूर्ति पर फोकस
नगर निगम का अमला लगातार क्षेत्र में रिंग सर्वे कर रहा है। जल लाइन में संभावित लीकेज की पहचान कर उन्हें दुरुस्त किया जा रहा है। अब तक कई लीकेज ठीक किए जा चुके हैं। साथ ही क्षेत्र में क्लोरीनेशन के माध्यम से शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है और घर-घर पानी पहुंचाया जा रहा है।
पेयजल और अन्य उपयोग के लिए अलग व्यवस्था
प्रशासन द्वारा स्पष्ट किया गया है कि पेयजल के लिए केवल क्लोरिनेटेड पानी ही उपयोग में लिया जाए। वहीं, जिन बोरवेल के सैंपल जांच में उपयोग योग्य पाए गए हैं, उनका प्रयोग अन्य घरेलू कार्यों के लिए किया जा सकता है।
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