एमओएस पर अपर आयुक्त अकड़े, प्रभारी भड़के
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
नगर निगम में राजस्व विभाग के अपर आयुक्त की मनमानी से मातहत कर्मचारियों की परेशानी बढ़ गई है। अपर आयुक्त ने अपनी अफसरशाही दिखाते हुए सभी एआरओ को निर्देश दिए हैं कि संपत्ति कर में एमओएस को भी शामिल कर टैक्स वसूला जाए।
अफसर द्वारा जारी इस फरमान की जानकारी एमआईसी सदस्य व निगम राजस्व प्रभारी को मिली तो वह अफसर की कार्यप्रणाली पर भड़क गए और दो टूक कहा कि जब तक महापौर कोई आदेश नहीं देंगे तब तक किसी भी संपत्ति कर में एमओएस को जोड़कर संपत्ति कर वसूल नहीं किया जाएगा।
नगर निगम में राजस्व विभाग के अपर आयुक्त और एआरओ के बीच की नूरा-कुश्ती लगातार जारी है। अपर आयुक्त अपनी अफसरशाही के बलबूते अपना प्रभाव जमाने के फेर में बेसिर-पैर के आदेश जारी कर एआरओ पर उनके आदेश के हिसाब से काम करने का दबाव बना रहे हैं, जब कि उनकी मनमानी को लेकर अब एमआईसी सदस्य व राजस्व प्रभारी निरंजन सिंह चौहान गुड्डू ने भी मोर्चा खोल दिया है।
बताया जाता है कि जब राजस्व प्रभारी चौहान को पता चला कि अपर आयुक्त शृंगार श्रीवास्तव ने सभी एआरओ को संपत्ति कर में एमओएस की खाली जमीन को जोड़कर संपत्ति कर वसूलने का आदेश दिया है तो उन्होंने बैठक में ही दो टूक अफसर को लताड़ते हुए कहा कि किसी भी संपत्ति में एमओएस नहीं जोड़ा जाएगा।
जब महापौर पुष्यमित्र भार्गव आदेश देंगे उसके बाद ही कोई कार्रवाई शुरू होगी। प्रभारी ने कहा कि एमआईसी में प्रस्ताव शामिल है कि किसी भी संपत्ति का एमओएस जोड़कर टैक्स वसूल नहीं किया जाएगा। जब तक उस प्रस्ताव पर निर्णय नहीं हो जाता है तब तक किसी तरह की नई कार्रवाई नहीं होनी चाहिए।
इस तरह बैठक में अपर आयुक्त की अफसरशाही पर प्रभारी ने उन्हें हिदायत दी कि वह अफसरशाही न दिखाए। जब तक एमआईसी में कोई निर्णय नहीं होता तब तक इस मामले को होल्ड रखा जाए।
यह है मामला
बताया जाता है कि शासन ने पूर्व में एक आदेश जारी कर सभी नगरीय निकायों को निर्देश दिए हैं कि भवन निर्माण के दौरान एमओएस के नाम पर जो खाली जगह छोड़ी जाती है वह संपत्ति कर में शामिल की जाए। वर्षों पूर्व जारी यह आदेश अब तक राजस्व विभाग में दबाकर रखा गया, लेकिन मौजूदा अपर आयुक्त शृंगार श्रीवास्तव ने इस आदेश की अवमानना का जिम्मेदार सहायक राजस्व अधिकारियों को ठहराते हुए उन्हें संपत्ति कर में हेरफेर करने का जिम्मेदार बताना शुरू कर दिया।
इस बहाने अपर आयुक्त ने एआरओ पर दबाव बनाकर बाले-बाले एमओएस को संपत्ति कर में जोड़कर टैक्स वसूलने का आदेश जारी कर दिया। इसके चलते अधिकतर जोन पर एआरओ इस प्रक्रिया की शुरुआत कर चुके हैं।
ऐसे में एमआईसी सदस्य व निगम राजस्व प्रभारी निरंजन सिंह चौहान गुड्डू को इस आदेश की जानकारी मिली तो वह अफसर पर भड़क गए। अपर आयुक्त पर अफसरशाही के बलबूते मनमानी करने का आरोप लगाते हुए प्रभारी ने अभी किसी भी संपत्तिकर में एमओएस को जोड़ने से इंकार कर दिया।
फेरबदल का इंतजार
निगम राजस्व विभाग में लगातार जारी विवाद से निगम की साख को दाग लगने लगा है। अपर आयुक्त अपनी अफसरशाही के बलबूते अपना प्रभाव जमाने के फेर में मनमानी कर रहे हैं। वहीं उनकी कार्यप्रणाली से राजस्व विभाग की किरकिरी होने लगी है, लेकिन अब जब एमआईसी सदस्य व राजस्व प्रभारी ने अफसर के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है तो ऐसे में यह चर्चा शुरु हो गई है कि अपर आयुक्त के हटने के बाद ही यह विवाद थम सकता है।
इसके चलते अपर आयुक्तों के कार्य विभाजन में निगमायुक्त क्षितिज सिंघल फेरबदल कर अपर आयुक्त से राजस्व विभाग छीन सकते हैं। वहीं यह चर्चा भी हो रही है कि यदि अफसर को हटाया तो वह उससे पहले कई एआरओ को हटाकर उनकी जगह अपने दागी चहेतों को कुर्सी पर बैठाने की कोशिश कर सकता है।
अफसर और प्रभारी अड़े: सूत्रों की मानें तो निगम राजस्व विभाग के अपर आयुक्त अपनी अफसरशाही के बलबूते एमओएस को संपत्ति कर में जोड़ने की जिद पर अड़े हुए हैं। इसके चलते राजस्व प्रभारी ने भी अफसर को मनमानी करने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दे दी है। इससे अपर आयुक्त और एआरओ के बीच का विवाद अब तूल पकड़ गया है। इस मामले में एआरओ बीच में फंस गए हैं। वह अफसर का अदेश मानें की न मानें।
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