स्विमिंग पूल हादसे में 13 दिन बाद की गई कार्रवाई: संचालक के खिलाफ एफआईआर
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, धार।
कथित अंतरराष्ट्रीय उदय रंजन स्विमिंग पूल में बच्चों की जान जोखिम में डालने के मामले में कोतवाली पुलिस ने करीब 13 दिन बाद स्विमिंग पूल संचालक के खिलाफ लापरवाही और विषैली गैस के रख-रखाव में कोताही बरतने की धाराओं में प्रकरण दर्ज किया है।
स्विमिंग पूल शुरुआत से ही विवादों में है। पहले बिना जांचे-परखे ओर बाहरी लोगो को स्विमिंग सिखाने, मारपीट जैसे मामलों की पुलिस ने जांच नहीं की।
20 अप्रैल की शाम 7.30 बजे कई बच्चे पूल में तैराकी का अभ्यास कर रहे थे, अचानक क्लोरीन गैस के पाइप से रिसाव शुरू हो गया। गैस फैलते ही पानी के भीतर बच्चे सांस लेने के लिए छटपटाने लगे। दम घुटने और आंखों में जलन के कारण हड़कंप मच गया।
परिजनों और कोच ने तुरंत बच्चों को बाहर निकाला। 4 वर्षीय प्रकृति और 9 वर्षीय हर्षित की हालत काफी बिगड़ गई थी। निजी अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कर 24 घंटे ऑब्जर्वेशन में रखा गया था।
जांच में लापरवाही मिली
बच्चों के जीवन पर आए संकट को देखते हुए संचालक के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की है। एफआईआर के अनुसार संचालक द्वारा क्लोरीन जैसी विषैली गैस के रख-रखाव और उसके इस्तेमाल में घोर लापरवाही बरती गई।
पुलिस ने संचालक के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 284 जहरीले पदार्थ के संबंध में लापरवाही पूर्ण आचरण और धारा 337 दूसरों के जीवन या व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरे में डालने वाली लापरवाही से चोट पहुँचाना के तहत मामला दर्ज किया है।
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