खबर
Indore

सीएचएल अस्पताल पर कार्रवाई से मचा हड़कंप: वार्ड 45 की पार्षद सोनिला मिमरोट ने संभाला मोर्चा

KHULASA FIRST

संवाददाता

03 फ़रवरी 2026, 11:52 पूर्वाह्न
582 views
शेयर करें:
सीएचएल अस्पताल पर कार्रवाई से मचा हड़कंप

खुलासा फर्स्ट,इंदौर।
एलआईजी स्थित सीएचएल अस्पताल प्रबंधन की मनमानी से बड़े पैमाने पर निर्माण किया जा रहा है। इससे अस्पताल में भर्ती मरीजों की जान को खतरा बढ़ गया है। वहीं अस्पताल में पार्किंग न होने से वाहन सड़क पर खड़े रहते हैं, जिससे आसपास के रहवासी परेशान हो रहे हैं।

कई बार अस्पताल प्रबंधन को चेतावनी देने के बाद भी जब वह नहीं माना तो सोमवार को वार्ड पार्षद निगम अमले के साथ मौके पर पहुंच गईं। उन्होंने निर्माण कार्य बंद कराने के साथ ही सड़कों पर खड़े वाहन हटवाए और दीवार पर खुद ही लिखा कि वाहन खड़े करना मना है।

एलआईजी स्थित सीएचएल अस्पताल प्रबंधन द्वारा मनमाने तरीके से अवैध निर्माण कराया जा रहा है। इस मामले का खुलासा फर्स्ट ने जनहित में खुलासा किया। खुलासा फर्स्ट की खबर का असर है कि सोमवार को निगम ने कार्रवाई कर वाहन और गुमटियां हटवा दीं। इस मौके पर वार्ड पार्षद सोनिला मिमरोट निगम अमले के साथ पहुंचीं और अस्पताल प्रबंधन की मनमानी के खिलाफ खड़े रहकर कार्रवाई कराई।

निर्माण को रिनोवेशन बताकर पल्ला झाड़ लिया
ज्ञात रहे कि तत्कालीन निगमायुक्त दिलीप कुमार यादव ने निर्माण पर रोक लगाते हुए जांच के निर्देश दिए, लेकिन निगम जोन 9 के अफसरों ने मिलीभगत कर निर्माण को रिनोवेशन बताकर पल्ला झाड़ लिया।

इससे निर्माण कार्य फिर शुरू हो गया। मामला सीएमएचओ डॉ. माधव हासानी के पास पहुंचा तो उन्होंने पंद्रह दिन का समय दिया, लेकिन वह समय सीमा भी बीत गई, लेकिन निर्माण कार्य बंद नही हुआ।

हाल ही में खुलासा फर्स्ट ने नियम विरुद्ध किए जा रहे निर्माण का मामला फिर प्रकाशित किया तो महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने अस्पताल प्रबंधन को चेतावनी देते हुए निर्माण कार्य तत्काल रोकने के निर्देश दिए। इसके बाद अस्पताल प्रबंधन ने कुछ दिन काम बंद रखा, लेकिन फिर शुरू कर दिया।

इस बीच वार्ड 45 की पार्षद सोनिला मिमरोट ने भी निगमायुक्त से शिकायत की। वहीं बड़ी संख्या में रहवासियों ने पार्षद से कॉलोनी की सड़कों पर वाहन खड़े रहने से आने-जाने में परेशानी और गंदगी की शिकायत की।

इससे नाराज पार्षद मिमरोट सोमवार को निगम अमला साथ लेकर सीएचएल अस्पताल पहुंच गईं और सड़कों पर खड़े वाहन हटवाना शुरू कर दिए। निगम की कार्रवाई होती देख अस्पताल में हड़कंप मच गया।

वाहन और गुमटियां: वार्ड 45 की पार्षद सोनिला मिमरोट ने बताया कि सड़क पर दो और चार पहिया वाहनों के खड़े होने से आवाजाही भी मुश्किल हो जाती है। अस्पताल प्रबंधन ने मनमानी करते हुए पार्किंग की जगह टीनशेड लगाकर उस पर अपने कार्यालय बना लिए हैं।

इससे अस्पताल पहुंचने वाले परेशान होते हैं। इसके चलते अस्पताल प्रबंधन को चेतावनी दी गई है कि अब सड़क पर वाहन खड़े नहीं होना चाहिए। यदि दोबारा सड़क पर पार्किंग बनाई तो वाहन जब्त करने की कार्रवाई की जाएगी। इसी तरह अस्पताल के सामने लगी गुमटियां भी पार्षद ने हटवा दीं। वहीं मौके पर पार्षद ने खुद ही दीवार पर लिखा कि यहां वाहन खड़े करना मना है।

जमकर हंगामा हुआ: सीएचएल अस्पताल के आसपास खड़े वाहनों को हटाने की कार्रवाई के दौरान जमकर हंगामा हुआ। अस्पताल के सुरक्षा गार्डों ने कार्रवाई रोकने का प्रयास किया, लेकिन निगम के अमले के साथ मौजूद पार्षद सोनिला मिमरोट के आगे किसी की नहीं चली।

पार्षद ने सड़कें खाली कराईं और अस्पताल प्रबंधन को भी चेतावनी दे दी कि निगम की अनुमति के बिना किसी तरह का निर्माण किया गया, जिससे मरीजो को परेशानी हो तो खैर नहीं होगी।

पार्किंग की जगह निर्माण: पार्षद सोनिला मिमरोट ने बताया कि अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही का आलम यह है कि अस्पताल में सैकड़ों मरीज भर्ती हैं इसके बाद भी भारीभरकम मशीनों से वह दीवारों में ड्रिल करा रहा है।

इससे पूरी बिल्डिंग थरथराती है। करीब 60 साल पुरानी बिल्डिंग में निर्माण करने के लिए निगम से अनुमति भी नहीं ली गई है। जिससे कभी भी कोई बड़ा हादसा होने का खतरा बढ़ गया है।

गंदगी और बदबू: पार्षद मिमरोट ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि चिकित्सकीय कचरे की बदबू हर तरफ फैलती रहती है। इससे आसपास के रहवासी परेशान हो रहे हैं।

अस्पताल में गंदगी बढ़ती जा रही है। लोग परेशान होकर शिकायत करते हैं, लेकिन अस्पताल प्रबंधन कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। इससे निगम टीम बुलाकर खुद ही कार्रवाई कराई।

तत्काल काम बंद करने की चेतावनी दी: गौरतलब है कि सीएचएल अस्पताल में अधिकतर मरीज हार्ट पेशेंट पहुंचते हैं। ऐसे में तेज आवाज के साथ चलने वाली मशीनों से होने वाले शोर से वह परेशान होकर शिकायत करते हैं, लेकिन मरीज व परिजन की शिकायतों को अनसुना कर दिया जाता है।

अस्पताल की बिल्डिंग के भीतरी भाग में भी तोड़फोड़ के साथ निर्माण कार्य जारी हैं। इससे यह माना जा रहा है कि अब अस्पताल प्रबंधन द्वारा अवैध निर्माण कराना आसान नही होगा।

संबंधित समाचार

टिप्पणियाँ

अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!