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झलकारीबाई की प्रतिमा को लेकर अपनों में ही छिड़ी जंग

KHULASA FIRST

संवाददाता

13 फ़रवरी 2026, 11:30 पूर्वाह्न
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झलकारीबाई की प्रतिमा को लेकर अपनों में ही छिड़ी जंग

राजेंद्र खंडेलवाल 98931-90781 खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
शहर में सवा लाख की आबादी वाले कोली-कोरी समाज की आराध्य और झांसी की रानी लक्ष्मीबाई की सहयोगी रही स्वतंत्रता संग्राम सेनानी झलकारीबाई की प्रतिमा को लेकर आपस में ही जंग शुरू हो गई है। नगर निगम दशहरा मैदान पर प्रतिमा स्थापना की मंजूरी दे चुका है, जबकि दूसरे धड़े ने विधायक रमेश मेंदोला से मुलाकात कर परदेशीपुरा चौराहा के पास मैदान में प्रतिमा स्थापना की मांग रख दी। इस तरह अब ये श्रद्धा का कम और श्रेय की राजनीति का ज्यादा हो गया है।

शहर में वीरांगना झलकारी महासंघ है, जिसके राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रकाश महावर कोली 29 वर्षों से प्रतिमा स्थापना को लेकर संघर्ष करते आ रहे हैं, जबकि कोली समाज के बावलिया गुट के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष पूर्व पार्षद घनश्याम शेर भी प्रतिमा स्थापना के लिए प्रयासरत हैं।

इससे समाज में विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई। प्रकाश महावर ने 1997 में महासंघ का गठन दिनेश वर्मा, कैलाश संभरवाल, रानू मलोरिया ओर योगेश रामपुरिया के साथ किया और जयंती-अलंकरण समारोह की शुरुआत की। पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, पूर्व सांसद सत्यनारायण पंवार और वर्तमान राष्ट्रीय अध्यक्ष वीरेंद्र कश्यप एवं गुजरात के मंत्री कोली समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष कुंवरजी भाई बावलिया जैसे दिग्गज भी इस कार्य की सराहना कर चुके हैं।

समाज के 14 समूहों के संयुक्त संगठन कोरी/कोली समाज महापंचायत के पंचों के साथ अप्रैल 2025 में महापौर से मिले और दशहरा मैदान पर प्रतिमा स्थापना की मांग की। पार्षद योगेश गेंदर के प्रयासों से महापौर ने इस पर सहमति दे दी। बाद में निगम से पत्राचार भी हुआ और प्रतिमा स्थापना तय हो गया। उधर, बावलिया गुट के घनश्याम शेर ने भी मैदान संभाल लिया और महावर द्वारा सुझाए स्थान व मांग को अपना बताया।

श्रेय की इस जंग में अब एक और नाम जेपी टिकरिया का भी आ जुड़ा है, जो कोरी समाज सामूहिक विवाह समिति के अध्यक्ष हैं। उन्होंने विधायक मेंदोला को आवेदन सौंपकर परदेशीपुरा क्षेत्र के केशव कनक गार्डन में प्रतिमा लगाने की मांग रख दी है।

एक ही समाज के तीन गुटों द्वारा मांग रखने से प्रतिमा स्थापना को लेकर भारी असमंजस पैदा हो गया है। पूरे प्रदेश में समाज के करीब 65 लाख लोग हैं और भोपाल, ग्वालियर व दतिया में उनकी प्रतिमा लगी हैं। इंदौर में प्रतिमा लगाने को लेकर राजनीति हो रही है।

घनश्याम शेर कह रहे- प्रकाश महावर तो कांग्रेसी…
समाज की जाजम पर पूर्व पार्षद घनश्याम शेर ने प्रकाश महावर को कांग्रेसी बताकर प्रतिमा स्थापना का श्रेय खुद लेने की कोशिश शुरू कर दी है। उन्होंने महापौर से कहा है कि महापौर चुनाव में आपके खिलाफ चुनाव लड़कर महावर ने समाज के 10 हजार वोट काटे थे।

स्थिति ये है कि पूरा समाज दो-फाड़ हो गया है। समाज के लोग पूछ रहे हैं कि वीरांगना का सम्मान क्या पार्टी आधार पर तय होगा? उधर, महावर ने शेर को चुनौती देते हुए कहा है कि झलकारीबाई समाज की आदर्श हैं। 29 साल से उनकी प्रतिमा स्थापना के लिए संघर्ष कर रहा हूं।

14 साल से बलिदान दिवस का कार्यक्रम और अब तक समाज की 62 उत्कृष्ट महिलाओं का सम्मान कर चुका हूं। मेरे कार्यक्रमों पर शेर बलात् कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं। महावर का आरोप है कि शेर ने कोली समाज द्वारा आयोजित चेतना रैली में झांकी को रुकवाने की कोशिश की थी। उल्लेखनीय है महावर प्रतिमा स्थापना तक दाढ़ी-कटिंग न बनाने का संकल्प ले चुके हैं। सूत्रों का कहना है कि इस सियासत और श्रेय की लड़ाई से समाज के लोगों में रोष है।

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