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भीम जन्मभूमि को बदनाम करने की बड़ी साजिश: डॉ. बाबा साहब अंबेडकर मेमोरियल सोसायटी फर्जी; पुलिस कमिश्नर से की शिकायत

खुलासा फर्स्ट, महू । डॉ. बाबा साहेब अंबेडकर मेमोरियल सोसायटी भीम जन्मभूमि स्मारक को लेकर धोखाधड़ी का आरोप लगा है। पुलिस कमिश्नर को की गई शिकायत में डॉ. अंबेडकर मेमोरियल सोसायटी को फर्जी करार दिया गया ह

Khulasa First

संवाददाता

13 दिसंबर 2025, 10:41 पूर्वाह्न
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भीम जन्मभूमि को बदनाम करने की बड़ी साजिश

खुलासा फर्स्ट, महू
डॉ. बाबा साहेब अंबेडकर मेमोरियल सोसायटी भीम जन्मभूमि स्मारक को लेकर धोखाधड़ी का आरोप लगा है। पुलिस कमिश्नर को की गई शिकायत में डॉ. अंबेडकर मेमोरियल सोसायटी को फर्जी करार दिया गया है।

डॉ. अंबेडकर मेमोरियल सोसायटी भीम जन्मभूमि स्मारक का प्रबंधन करती है, जिसके संस्थापक अध्यक्ष भंते धर्मशील थे। उक्त संस्था में भंते ही अध्यक्ष होते हैं। धर्मशील ने डॉ. अंबेडकर का जन्मस्थान खोजा और उस पर स्मारक बनाया।

सोसायटी में यूं तो विवाद होते आए हैं, लेकिन वर्तमान विवाद काफी गंभीर है। आरोप लगा है भारतीय बौद्ध महासभा, जो डॉ. बाबा साहब के घराने से संबंधित बताई जा रही है, ने सोसायटी से निष्कासित सदस्यों को अपने साथ शामिल किया और उनके संरक्षण में नकली संस्था डॉ. बाबा साहब अंबेडकर मेमोरियल सोसायटी बनाई। निष्कासित प्रकाश वानखेड़े को अवैध रूप से बौद्ध भिक्षु घोषित किया गया।

इसके साथ ही नकली सोसायटी का लेटरहेड बनाया गया, जिस पर अध्यक्ष प्रज्ञाशील, उपाध्यक्ष राजेंद्र वाघमारे, सचिव राजूकुमार अंबोरे, कोषाध्यक्ष सुनील खंडेराव सहित प्रबंधकारिणी सदस्य राहुल हिवरे और कुणाल प्रकाश निकड़े (अधिवक्ता) के नाम दर्शाए गए।

इनके खिलाफ बार में भी शिकायत की जाएगी। लेटरहेड पर संस्था का पंजीयन नंबर भी अवैध है। इस तरह के लेटरहेड का उपयोग शासकीय कार्यालयों में किया जा रहा है, जो पूर्ण रूप से जालसाजी है।

इन सभी के खिलाफ पुलिस कमिश्नर को धोखाधड़ी की शिकायत कर की गई है। वैध संस्था वही होती है, जिसको 1973 सोसायटी एक्ट के तहत धारा 29 के तहत कार्यकारणी की सूची सहायक पंजीयक के द्वारा जारी की जाती है।

प्रकाश वानखेड़े पर धर्मांतरण का आरोप लग चुका है
प्राप्त जानकारी अनुसार, पूर्व में प्रकाश वानखेड़े पर हाई कोर्ट ने धर्मांतरण की जांच के आदेश दिए थे। प्रकाश वानखेड़े ने खुद को भिक्षु बताकर भीमराव अंबेडकर की जन्मभूमि स्थित उनकी प्रतिमा पर दूध चढ़ाने जैसे गैर-बौद्ध कर्म किए हैं।

जन्मभूमि परिसर पर कब्ज़ा करने का प्रयास, विवाद खड़ा करना, मारपीट, धमकी और ऑफिस के ताले तोड़ने जैसी आपराधिक हरकतें की हैं।

ये सभी आरोपी जमानत पर होने के बावजूद समाज में अशांति फैला रहे हैं। कोर्ट में जमानत निरस्तीकरण की मांग की जाएगी।

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