उमा भारती का अपनी ही सरकार पर हल्ला बोल: कहा- 2 लाख में मत तौलिए जान की कीमत
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
दूषित पानी से 15 मौतों ने न केवल सिस्टम को कटघरे में खड़ा किया है, बल्कि भाजपा के भीतर भी दरारें खुलासा कर दी हैं। पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने ट्विट कर इस त्रासदी को सरकार के माथे पर कलंक बताते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और महापौर पुष्यमित्र भार्गव के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। महापौर को खरी-खरी अक्षम थे तो इस्तीफा क्यों नहीं दिया?
उमा भारती ने महापौर पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि जब जनता जहर पीने को मजबूर थी, तब जिम्मेदार पदों पर बैठे लोग बिसलेरी पीकर समय काट रहे थे। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि प्रशासन पर पकड़ नहीं थी, तो पद छोड़कर जनता के दुख में शामिल क्यों नहीं हुए? उमा भारती ने दो टूक शब्दों में कहा कि 2 लाख रुपये का मुआवजा किसी के जीवन की भरपाई नहीं कर सकता।
उन्होंने इसे सीएम यादव के लिए परीक्षा की घड़ी करार देते हुए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। 2025 के अंत में हुई इस घटना ने इंदौर के स्वच्छ शहर के तमगे पर गहरा दाग लगा दिया है।
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