कुएं पर स्लैब, गली में कब्जा, बन रही बिल्डिंग: मामला निगम जोन 11 का
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
नगर निगम के बिल्डिंग अधिकारियों की मिलीभगत से महारानी रोड पर अवैध निर्माण किया जा रहा है। इसके लिए नगर निगम से भवन अनुज्ञा भी नहीं ली गई हैजबकि निर्माणकर्ता ने एक कुएं पर स्लैब डालकर उसे बंद कर दिया और उसके उपर निर्माण शुरू करा दिया। इसी तरह बिल्डिंग के पास में गली पर भी कब्जा जमाकर वहां भी अपनी दीवार बना ली है। इस मामले की शिकायत के बाद भी निगम अफसर मूक दर्शक बने हुए हैं।
नगर निगम ज़ोन-11 वार्ड 60 में निगम अफसरों की मिलीभगत से अवैध निर्माण हो रहा है। इसके लिए निर्माणकर्ता ने नक्शा भी पास नहीं कराया है। बताया जाता है कि निर्माणकर्ता ने निगम जोन 11 के भवन निरीक्षक से मिलीभगत कर बाले-बाले निर्माण शुरू करा दिया है।
इससे आसपास के लोग परेशान होकर कई बार निगमायुक्त तक शिकायत कर चुके हैं, लेकिन निगम की ओर से अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। इससे निर्माणकर्ता के हौसले बढ़े हुए हैं।
खुलासा फर्स्ट की पड़ताल में खुलासा हुआ कि अपर आयुक्त रोहित सिसोनिया, भवन अधिकारी गीतेश तिवारी, भवन निरीक्षक जीशान चिश्ती और उनके सहायक महेश जोशी की मिलीभगत से बिना नक्शा पास कराए करीब ढाई हजार वर्गफीट में अवैध निर्माण धड़ल्ले से कराया जा रहा है।
सूत्रों की माने तो इस मामले में निगम अफसरों और निर्माणकर्ता के बीच शुभ-लाभ होने से मामले में अफसर मौन साधे बैठे हैं। जबकि निर्माणकर्ता महेंद्र जैन के द्वारा नियमों की अनदेखी कर निर्माण किया जा रहा है।
कुएं को दबाया
महारानी रोड में जिस जगह यह निर्माण किया जा रहा है, उस जगह वर्षों पुराना कुआं है। इसके चलते कुएं पर कब्जा कर निर्माण करना अवैधानिक है, लेकिन निर्माणकर्ता के निगम अफसरों से मिलीभगत होने के बाद हौसले बढ़े होने से उसने नियमों को ताक पर रखकर कुएं पर सीमेंट कांक्रीट की स्लैब डालकर निर्माण शुरू कर दिया है।
इसके अलावा निर्माणकर्ता को निगम नियमों के तहत ऐसे स्थान पर कम से कम 30 फीट खुला क्षेत्र छोड़ना और सौंदर्यीकरण करना अनिवार्य है, लेकिन यहां कुएं को पूरी तरह कांक्रीट से पैक कर उसके ऊपर बाउंड्रीवॉल और निर्माण तान दिया है। इससे शहर के प्रमुख जलस्त्रोत कुएं पर भी कब्जा कर नियमों का उल्लंघन किया है। इस मामले में निगम आपराधिक कार्रवाई कर सकता है।
भवन अनुज्ञा नहीं
सूत्रों की माने तो बिल्डिंग का निर्माण करने वाले महेंद्र जैन ने निर्माण के लिए नगर निगम से नक्शा पास नहीं कराया और न ही किसी रजिस्टर्ड सिविल इंजीनियर को जिम्मेदारी सौंपी। इसके बाद भी बिल्डिंग अधिकारियों द्वारा कोई रोक-टोक नहीं की गई।
खास यह है कि इस निर्माण को लेकर निगम जोन 11 के भवन निरीक्षक जीशान चिस्ती पर मिलीभगत के आरोप लग रहे हैं। सूत्रों का दावा है कि भवन निरीक्षक चिस्ती कई शिकायतों के बाद भी निर्माण का निरीक्षण करने नहीं गए है। इससे निर्माणकर्ता के हौसले बढ़ गए हैं जिससे वह लगातार निर्माण कर रहा है।
गली पर कब्जा
बताया जाता है कि निर्माणकर्ता महेंद्र जैन के द्वारा बिल्डिंग का निर्माण करते समय आसपास की गलियों पर भी अवैध रुप से हैंगिंग डालकर कब्जा कर निर्माण किया जा रहा है। इसके चलते आसपास के रहवासियों के द्वारा सेंट्रल कोतवाली में शिकायत की गई, लेकिन निर्माणकर्ता ने पुलिस थाने में भी अपनी मिलीभगत कर मामले को लिखा-पढ़ी में बदलवा दिया।
खुलासा फर्स्ट की टीम ने मौके पर जाकर देखा कि आसपास की गलियों और पीछे के रास्तों पर निर्माणकर्ता महेंद्र जैन के द्वारा जानबूझकर अवैध कब्ज़ा किया गया है। इस तरह करीब 5 से 5.5 फीट तक की हैंगिंग डालकर सरकारी रास्तों और गलियारों पर कब्जा जमा लिया है।
प्लॉटों का संयुक्तीकरण
सूत्रों के मुताबिक इस अवैध निर्माण का ठेका राजनीतिक दलों से जुड़े दलालों के हाथ में है। इन्हीं के जरिए यह प्रचारित किया जा रहा है कि रजिस्ट्री में कुआं शामिल है। अपने इस दावे को पुख्ता करने के लिए ही बिल्डिंग अफसरों से मिलीभगत का खेल रचा गया है।
सूत्रों की माने तो बिल्डिंग परमिशन विभाग का सहायक महेश जोशी निर्माणकर्ता से वसूली के लिए वहां कई बार आते-जाते देखा गया है। इस तरह निगम अफसर अपनी कमाई कर कार्रवाई से आंखें मूंदे हुए हैं।
नगर्माणकर्ता पर आरोप लग रहे है कि उसने 40-60 वर्गफीट के तीन प्लॉट जोड़कर चार मंजिल अवैध बिल्डिंग बनाई जा रही है। इसमें दुकानें भी बन रही है। इसके तहत 12-40 वर्गफीट के सरकारी गलियारे पर कब्ज़ा कर लिया गया, पीछे के हिस्से में 6-10 वर्गफीट का सरकारी रास्ता निर्माण में शामिल कर लिया। इसके अलावा सरकारी कुएं पर कांक्रीट डालकर कब्ज़ा किए जाने का भी आरोप है।
जल्द कार्रवाई संभव
नगर निगम जोन 11 में निगम अफसरों की मिलीभगत से किए जा रहे अवैध निर्माण को लेकर अब तक कई शिकायतें की गई, लेकिन मिलीभगत के इस खेल में अफसरों ने हर बार मामले को दबा दिया। लेकिन अब दस्तावेजों सहित पूरी शिकायत उच्च अधिकारियों से की जाएगी, इसके बाद निगम की कार्रवाई होना तय है।
ऐसा माना जा रहा है कि भले ही निगम जोन के बिल्डिंग अफसरों से मिलीभगत कर आला अफसरों के नाम लेकर निर्माणकर्ता अपना प्रभाव जमाने का प्रयास कर रहा है। मामला तत्कालीन निगमायुक्त दिलीप कुमार यादव और अपर आयुक्त रोहित सिसोनिया के पास पहुंचने के बाद भी कार्रवाई नहीं की गई।
कार्रवाई की जाएगी...
नियम विरुद्ध निर्माण होने की शिकायत मिली है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी। - जीशान चिस्ती, भवन निरीक्षक जोन 11
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