जहरीले पानी मामले पर सियासी घमासान: कांग्रेस–भाजपा आमने-सामने; जांच समिति का विरोध कर रहे बीजेपी कार्यकर्ता
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी से हुई मौतों को लेकर सियासी माहौल गरमा गया है। कांग्रेस और भाजपा कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए है, जिसके बाद इलाके में तनाव की स्थिति बन गई है। दोनों पक्षों की ओर से जमकर नारेबाजी की जा रही है।
भाजपा कार्यकर्ता जहां “बाहरी लोग वापस जाओ” के नारे लगा रहे, वहीं कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने “घंटा पार्टी मुर्दाबाद” के नारे लगाए। हालात बिगड़ते देख मौके पर मौजूद पुलिस लगातार दोनों पक्षों को समझाइश देती रही और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया जा रहा है।
कांग्रेस द्वारा जांच कमेटी गठन की गई
भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से हुई मौतों के बाद कांग्रेस के द्वारा जांच कमेटी गठन की गई थी, जिसके बाद कमेटी भागीरथपुरा में मृतकों के घर पहुंची थी। मौत के करनी का पता लगाया जा रहा था। जिसकी जानकारी बीजेपी को लगी तो भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा विरोध किया गया।
जिसमें पुलिस ने हस्तक्षेप करते हुए दोनों पक्षों को अलग किया है अभी भी विरोध जारी है। बीजेपी के कार्यकर्ता कांग्रेस कार्यकर्ताओं और गठित कमेटी के सामने आ रहे हैं। पुलिस बीच बचाव कर रही है। बीजेपी की ओर से कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर जूते चप्पल फेंके गए है।
दूषित पानी से 16 मौतों की पुष्टि
गौरतलब है कि इंदौर में दूषित पानी पीने से मरने वालों की संख्या बढ़कर 16 हो गई है। इनमें हीरालाल (65) की मौत 31 दिसंबर को हुई थी। भागीरथपुरा स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के अनुसार, हीरालाल शीतल नगर–लक्ष्मी नगर निवासी एक परिचित से मिलने आए थे, तभी उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। बाद में उनकी मौत कार्डियक अरेस्ट से होने की जानकारी सामने आई।
सरकार की बड़ी कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने शुक्रवार को इंदौर नगर निगम कमिश्नर दिलीप यादव को पद से हटा दिया। उनकी जगह आईएएस क्षितिज सिंघल को नया नगर निगम आयुक्त नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही एडिशनल कमिश्नर रोहित सिसोनिया और एग्जीक्यूटिव इंजीनियर संजीव श्रीवास्तव को भी निलंबित कर दिया गया है।
हाईकोर्ट में पेश हुई स्टेटस रिपोर्ट
इसी दिन राज्य सरकार ने हाईकोर्ट में स्टेटस रिपोर्ट पेश करते हुए दावा किया कि इंदौर में दूषित पानी से सिर्फ 4 मौतें हुई हैं। यह रिपोर्ट ऐसे समय सामने आई है, जब मृतकों के परिजन और अस्पतालों के रिकॉर्ड के अनुसार 15 से अधिक मौतों की जानकारी पहले ही सामने आ चुकी है।
6 जनवरी को अगली सुनवाई
हाईकोर्ट इस मामले में 6 जनवरी को अगली सुनवाई करेगा। दूषित पानी से मौतों का मामला अब प्रशासनिक ही नहीं, बल्कि बड़ा राजनीतिक और कानूनी मुद्दा बन चुका है।
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