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निर्दोष पटवारियों के निलंबन पर भड़का मप्र पटवारी संघ: कलेक्टर को सौंपा बहाली की मांग का ज्ञापन; सात दिन में समाधान नहीं तो होगा आंदोलन

KHULASA FIRST

संवाददाता

03 जनवरी 2026, 11:37 पूर्वाह्न
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निर्दोष पटवारियों के निलंबन पर भड़का मप्र पटवारी संघ

तकनीकी और सॉफ्टवेयर खामियों का ठीकरा पटवारियों पर फोड़े जाने का आरोप

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।

नियमों की अनदेखी कर पटवारियों को निलंबित किए जाने पर मप्र पटवारी संघ, जिला शाखा इंदौर ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर कड़ा विरोध जताया है। संघ का आरोप है कि बिना पक्ष सुने, तकनीकी त्रुटियों एवं सॉफ्टवेयर संबंधी खामियों के लिए निर्दोष पटवारियों को निलंबित कर प्रताड़ित किया जा रहा है। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि सात दिन में निलंबित पटवारियों की बहाली नहीं हुई तो चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा।

संघ का कहना है प्रशासनिक अधिकारी जब कार्य करवाना होता है, तब पटवारियों को शासन की रीढ़ की हड्डी, आंख और कान बताते हैं, लेकिन जब अधिकारों की बात आती है तो उन्हीं पटवारियों का शोषण किया जाता है। वर्तमान में जिले के कई पटवारी बिना विधिवत जांच और बिना पक्ष सुने निलंबित हैं।

तीन मामलों पर उठे सवाल- संघ ने डॉ. आंबेडकर नगर (महू) तहसील के तीन पटवारियों के निलंबन को पूर्णतः अन्यायपूर्ण बताया। संघ के अनुसार पटवारी अनीता चौहान को वर्ष 2014-15 की एनआईसी सॉफ्टवेयर त्रुटियों के कारण निलंबित किया गया, जबकि उस समय सॉफ्टवेयर ऑनलाइन नहीं था और तहसील स्तर पर ऑपरेटर द्वारा संचालित होता था। इन त्रुटियों की जानकारी पूर्व में शासन को दी जा चुकी थी।

पटवारी आशीष कटारे पर हाई कोर्ट के आदेश पर अमल न करने का आरोप लगाया गया, जबकि 2019 में जिस खसरा नंबर का उल्लेख किया गया, वह अस्तित्व में ही नहीं था। आदेश में वर्णित सर्वे नंबरों पर नियमानुसार अमल किया गया था। पटवारी मेघा शर्मा के मामले में वर्ष 2021-22 में एनआईसी/जीआईएस सॉफ्टवेयर की तकनीकी त्रुटियों के सुधार को आधार बनाकर निलंबन किया गया, जबकि यह कार्य तत्कालीन अनुविभागीय अधिकारी के आदेश पर पूरे प्रदेश में किया गया था।

अन्य पटवारियों के मामलों में भी अनियमितताएं
पटवारी अनीस मोहम्मद (तहसील खुड़ैल) को सीएम हेल्पलाइन पर हुई शिकायत के आधार पर निलंबित किया गया, जबकि संबंधित आदेश तकनीकी रूप से त्रुटिपूर्ण था और उसका अमल जीआईएस सॉफ्टवेयर में संभव नहीं था।

पटवारी चेतन उपाध्याय (तहसील राऊ) को 8-9 माह पूर्व निलंबित किया गया, लेकिन 45 दिन के भीतर आरोप-पत्र नहीं दिया गया। आज तक बहाली नहीं होने से वे 50 प्रतिशत निर्वाह भत्ते पर परिवार का पालन कर रहे हैं।

पटवारी मनोज खरे (तहसील मल्हारगंज) लगभग पांच वर्ष से निलंबित हैं। आरोप-पत्र में जिस शिकायत का उल्लेख है, वह आज तक उन्हें उपलब्ध नहीं कराई गई। बहाली की फाइल पिछले डेढ़ वर्ष से लंबित है।

पटवारी अलकेश गुप्ता (तहसील देपालपुर) को सीमांकन व कब्जा प्रकरण में निलंबित किया wभी प्रस्तुत नहीं किया गया था।

नियमों की अवहेलना का आरोप
संघ का कहना है कि मप्र सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1966 के नियम 9 तथा सामान्य प्रशासन विभाग के निर्देशों की अनदेखी कर निलंबन किए गए हैं। इससे जिले के पटवारियों में भारी रोष व्याप्त है।

…तो करेंगे चरणबद्ध आंदोलन
पटवारी संघ ने ज्ञापन में मांग की है कि सभी निर्दोष निलंबित पटवारियों को शीघ्र बहाल किया जाए। मांगें पूरी नहीं होने पर चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया जाएगा, जिसमें 12 से 14 जनवरी 2026 तक काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन, 15 से 18 तक सभी शासकीय वाट्सएप ग्रुप से बाहर रहकर असहयोग, 19 से 21 तक सामूहिक अवकाश तथा 22 जनवरी से जिले के समस्त पटवारी कार्य का पूर्ण बहिष्कार करेंगे।

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