नर्मदा लाइन के ऊपर बने ड्रेनेज चैंबर तोड़े: जांच में सामने आई चौंकाने वाली खामियां
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी की समस्या के बाद अब नगर निगम ने सुधार कार्य तेज कर दिए हैं। पिछले तीन दिनों से निगम की टीमें नर्मदा जल लाइन के ऊपर बने ड्रेनेज चैंबरों को तोड़ने में जुटी हैं।
नए चैंबर बनाए गए
अब तक एक दर्जन से अधिक पुराने और गलत चैंबर हटाए जा चुके हैं, जिनकी जगह नए चैंबर बनाए गए हैं। इसके साथ ही ड्रेनेज लाइन को सुव्यवस्थित तरीके से नए चैंबरों से जोड़ा जा रहा है।
अभी और चैंबर तोड़े जाएंगे
नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, क्षेत्र में अब भी कई ऐसे चैंबर मौजूद हैं जो नर्मदा लाइन के ठीक ऊपर बने हुए हैं और जिनके पास से ड्रेनेज लाइन गुजर रही है। ऐसे सभी चैंबरों को अगले चार से पांच दिनों में तोड़कर दोबारा बनाया जाएगा, ताकि भविष्य में इस तरह की समस्या दोबारा न हो।
लीकेज ठीक किया
इस बीच भागीरथपुरा की पानी की टंकी के पास बने शौचालय को भी तोड़ा गया है। साथ ही नर्मदा लाइन में पाए गए लीकेज को ठीक किया गया, हालांकि इसके बावजूद शुक्रवार को भी कुछ घरों में दूषित पानी पहुंचने की शिकायतें सामने आईं।
जांच में मिलीं चौंकाने वाली खामियां
नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि समस्या की मुख्य वजह गलियों में नर्मदा और ड्रेनेज लाइनों का अव्यवस्थित ढंग से बिछाया जाना है। जांच के दौरान कई गंभीर इंजीनियरिंग खामियां सामने आईं।
कई स्थानों पर नर्मदा जल सप्लाई लाइन के ठीक ऊपर ड्रेनेज लाइन बिछी हुई मिली, जो नियमों के खिलाफ है। मंगलवार से ऐसे गलत चैंबरों को तोड़ने का अभियान लगातार जारी है और अब तक 12 से ज्यादा नए चैंबर बनाए जा चुके हैं।
गलियों में बदले गए चैंबर
गली नंबर-2 में गलत चैंबर पर तत्कालीन कार्यपालन यंत्री संजीव श्रीवास्तव की आपत्ति के बाद नया चैंबर बनाया गया। इसी तरह गली नंबर-4 और गली नंबर-6 में भी पुराने चैंबर हटाकर नए चैंबर तैयार किए गए हैं।
पार्षद पर लगाए आरोप
स्थानीय रहवासियों ने आरोप लगाया है कि नर्मदा और ड्रेनेज लाइन का काम पार्षद कमल बाघेला ने अपने करीबियों से करवाया, जो इस कार्य के विशेषज्ञ नहीं थे। हालांकि पार्षद ने सफाई देते हुए कहा है कि करीबियों से केवल 10 प्रतिशत काम ही करवाया गया था।
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