दूषित पानी मामले में एक्शन: दो अफसरों को हटाया; अगली सुनवाई 6 जनवरी को
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
दूषित पानी से हुई मौतों के मामले में प्रशासन पर शिकंजा कसना शुरू हो गया है। सरकार ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नगर निगम कमिश्नर दिलीप यादव और एडिशनल कमिश्नर रोहित सिसोनिया को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
इसके साथ ही एडिशनल कमिश्नर सिसोनिया को इंदौर से हटाकर प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। इतना ही नहीं, इंचार्ज सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर संजीव श्रीवास्तव से जल वितरण विभाग का प्रभार भी वापस ले लिया गया है, जिससे साफ संकेत मिलते हैं कि सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है।
मुख्यमंत्री के सख्त निर्देश
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर नगर निगम में मौजूद सभी आवश्यक खाली पदों को तत्काल भरने के निर्देश दिए हैं। माना जा रहा है कि स्टाफ की कमी भी इस गंभीर लापरवाही की एक बड़ी वजह रही है।
हाईकोर्ट में सरकार की रिपोर्ट पर उठा विवाद
इससे पहले मध्य प्रदेश सरकार ने शुक्रवार को हाईकोर्ट में स्टेटस रिपोर्ट पेश की, जिसमें दावा किया गया कि दूषित पानी से केवल 4 मौतें हुई हैं। हालांकि, मृतकों के परिजन और अस्पताल रिकॉर्ड के अनुसार अब तक 15 लोगों की मौत की जानकारी सामने आ चुकी है।
सभी मरीजों को उल्टी-दस्त, पेट दर्द और बुखार की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इनमें 5 महीने का मासूम बच्चा से लेकर वरिष्ठ नागरिक तक शामिल हैं।
पानी में सीवेज और खतरनाक बैक्टीरिया
महात्मा गांधी मेमोरियल मेडिकल कॉलेज की लैब रिपोर्ट में पानी में सीवेज मिलने और जानलेवा बैक्टीरिया की पुष्टि हो चुकी है। कलेक्टर शिवम वर्मा और सीएमएचओ डॉ. माधव हसानी ने माना कि पानी में बैक्टीरिया पाए गए हैं, हालांकि पूरी कल्चर रिपोर्ट अभी आना बाकी है।
पाइपलाइन लीकेज की पुष्टि
मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और सांसद शंकर लालवानी भी यह स्वीकार कर चुके हैं कि पाइपलाइन लीकेज के कारण पानी में सीवेज मिला। भागीरथपुरा में हालात सबसे गंभीर हैं, जहां 16 बच्चों समेत 200 लोग अब भी अस्पताल में भर्ती हैं।
हाईकोर्ट, NHRC और जनहित याचिका
हाईकोर्ट ने इस मामले में दाखिल जनहित याचिका की अगली सुनवाई 6 जनवरी को तय की है। इंटरवीनर गोविंद सिंह बैस की ओर से मीडिया रिपोर्टिंग पर रोक की मांग की गई, लेकिन कोर्ट ने इस पर कोई टिप्पणी नहीं की।
उधर, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने भी मामले का संज्ञान लेते हुए मुख्य सचिव से दो सप्ताह में विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।
राजनीतिक हलचल तेज
पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने इसे मुख्यमंत्री मोहन यादव के लिए परीक्षा की घड़ी” बताया है।।
राहुल गांधी का हमला
साफ पानी कोई अहसान नहीं, बल्कि जीवन का अधिकार है। इस अधिकार की हत्या के लिए BJP का डबल इंजन, लापरवाह प्रशासन और संवेदनहीन नेतृत्व जिम्मेदार है।
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