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जहरीले पानी मामले में सीएम का एक्शन: बड़े अफसरों पर गिरी गाज

KHULASA FIRST

संवाददाता

02 जनवरी 2026, 4:48 अपराह्न
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जहरीले पानी मामले में सीएम का एक्शन

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
शहर के भागीरथपुरा में दूषित पानी के मामले ने मध्य प्रदेश की सियासत में भूचाल ला दिया है। 15 मौतों और सैकड़ों लोगों के बीमार होने की घटना को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बेहद गंभीरता से लिया है।

सीएम ने अपना 'रौद्र रूप' दिखाते हुए न केवल नगर निगम आयुक्त दिलीप कुमार यादव को पद से हटा दिया, बल्कि दो वरिष्ठ अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है।

लापरवाही पर सीएम का कड़ा प्रहार
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्पष्ट संदेश दिया है कि जनता की जान से खिलवाड़ करने वाली किसी भी लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सस्पेंड होने वाले अधिकारियों में अपर आयुक्त रोहित सिसोनिया और पीएचई (PHE) के प्रभारी अधीक्षण यंत्री संजीव श्रीवास्तव शामिल हैं।

सीएम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर जानकारी देते हुए बताया कि उन्होंने मुख्य सचिव और अन्य उच्चाधिकारियों के साथ इस पूरे प्रकरण की समीक्षा की। अपर मुख्य सचिव की रिपोर्ट के आधार पर यह सख्त कदम उठाए गए हैं। इसके साथ ही, इंदौर नगर निगम में खाली पड़े महत्वपूर्ण पदों को तत्काल भरने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।

मेडिकल रिपोर्ट में बड़ा खुलासा
सिस्टम की संवेदनहीनता तब और उजागर हो गई जब महात्मा गांधी मेमोरियल मेडिकल कॉलेज की लैब रिपोर्ट सामने आई। रिपोर्ट में आधिकारिक तौर पर पुष्टि हुई है कि पाइपलाइन के पानी में सीवेज (गंदगी) मिला हुआ था। कलेक्टर शिवम वर्मा और CMHO डॉ. माधव हसानी ने स्वीकार किया है कि पानी में घातक बैक्टीरिया पाए गए हैं।

अधिकारियों में मचा हड़कंप
इंदौर जैसे 'स्वच्छ' शहर में इस तरह की घटना ने बुनियादी सुविधाओं पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि सीएम के इस 'सर्जिकल स्ट्राइक' जैसे एक्शन से अधिकारियों में हड़कंप है, लेकिन भागीरथपुरा के निवासियों का कहना है कि यह कार्रवाई अगर शिकायतों के वक्त हुई होती, तो आज कई मासूम जानें बच सकती थीं।

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