खबर
टॉप न्यूज

अभ्यास मंडल की 65वीं व्याख्यानमाला में वरिष्ठ पत्रकार एवं चिंतक अवधेश कुमार बोले: एनजीओ की संस्कृति ने हमारे देश में पैदा की विकृति

खुलासा फर्स्ट, इंदौर । भारत आने वाले समय में इस पूरे विश्व का नेतृत्व करेगा। इस समय विश्व में जो स्थिति है उसे देखते हुए यह समय समाजवाद, वामवाद, उदारवाद जैसे विचारों से ऊपर उठकर काम करने का है। समाजवा

Khulasa First

संवाददाता

25 नवंबर 2025, 8:51 पूर्वाह्न
2 views
शेयर करें:
अभ्यास मंडल की 65वीं व्याख्यानमाला में वरिष्ठ पत्रकार एवं चिंतक अवधेश कुमार बोले

खुलासा फर्स्ट, इंदौर
भारत आने वाले समय में इस पूरे विश्व का नेतृत्व करेगा। इस समय विश्व में जो स्थिति है उसे देखते हुए यह समय समाजवाद, वामवाद, उदारवाद जैसे विचारों से ऊपर उठकर काम करने का है। समाजवाद भारत की आत्मा था।

हजारों साल से हमारे यहां हर इंसान समाज का अभिन्न अंग रहा। आज हर परिवार और इंसान अकेला होता जा रहा है। अंग्रेजों ने इस व्यवस्था को खत्म किया। अब फिर से दुनिया भारत की उसी आत्मा की तरफ देख रही है, ताकि विश्व का भला हो सके।

यह बात वरिष्ठ पत्रकार एवं चिंतक अवधेश कुमार कल शाम अभ्यास मंडल की 65वीं व्याख्यान माला में ‘समाजवाद का स्वप्न और संभावनाएं’ विषय पर संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि एनजीओ की संस्कृति ने हमारे देश में विकृति पैदा की है।

हर विचार देश, काल और परिस्थिति से पैदा होता है और समय उसका परीक्षण करता है। समाजवाद का विचार भी एक राजनीतिक विचार है। वंचितों के कल्याण का काम निश्चित तौर पर राजनीति का विचार है। राजनीति भी सेवा का उत्कृष्ट माध्यम है।

यह एक अलग बात है कि देश की आजादी के बाद जिन लोगों को राजनीति में आना चाहिए था वे लोग नहीं आए और जिन लोगों को नहीं आना चाहिए था वे आ गए।

विश्व में इस तरह के सारे विचार यूरोप से ही आए हैं। जब वहां पर औद्योगिक क्रांति हुई और नई समस्याएं पैदा होने लगीं तो इस तरह के समाजवाद के विचार सामने आने लगे।

आज का व्याख्यान
अभ्यास मंडल की व्याख्यान माला में आज पद्मश्री जगदीश जोशीला का व्याख्यान होगा। उनके व्याख्यान का विषय है ‘लोक भाषा संरक्षण की अनूठी पहल’। यह व्याख्यान शाम 6:00 बजे जाल सभागृह में होगा।

दुनियाभर में आतंकी हमले हो रहे
उन्होंने कहा कि हाल ही में दिल्ली में हुआ विस्फोट आज के विश्व के सामने सबसे बड़ी चुनौती है। अच्छे परिवार के पढ़े-लिखे डॉक्टर जब इस तरह से काम करने लगें तो निश्चित तौर पर समाज के सामने एक सवाल पैदा होता है। इस स्थिति से केवल भारत नहीं बल्कि विश्व के कई देश पीड़ित है।

आज पाकिस्तान के पेशावर में भी विस्फोट हुआ है। हमें सच्चाई को स्वीकारना होगा। इस समय विश्व के सामने नव वामवादी के रूप में एक नया विचार लाया गया है। आज एक शक्तिशाली देश दूसरे देश पर हमला करता है तो पूरा विश्व उसकी निंदा करता है, लेकिन उस देश को बचाने के लिए कोई आगे नहीं आता है। हमारे देश में इस समय यह फैशन चल गया है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना करें। वामपंथ ही एक वह विचार है जो प्रतिक्रिया के परिणाम स्वरूप पैदा हुआ है।

देश की संस्कृति पूरे विश्व में क्रांति लाएगी
अवधेश कुमार ने कहा कि हमारे देश के समाजवादियों ने पश्चिम की नकल की है। जातिवाद और वंशवाद को यदि हमारे देश में कांग्रेस के अलावा किसी ने सबसे ज्यादा प्रश्रय दिया है तो वह समाजवादियों ने दिया है। भारत एकमात्र ऐसा देश है जिसमें आंतरिक और बाहरी शक्ति मिलकर काम कर रही है।

यह देश आने वाले समय में पूरे विश्व का नेतृत्व करेगा। वह समय आने वाला है जब विश्व के किसी भी देश में गड़बड़ी होगी तो कहा जाएगा कि किसी भारतीय को बुलाओ। हमारे देश की सभ्यता और संस्कृति पूरे विश्व में क्रांति लाएगी। यह क्रांति अहिंसक होगी। वैसे भी यह मान्यता है कि हिंसा वाला विचार मानवीय नहीं होता है।

कार्यक्रम के प्रारंभ में अतिथि स्वागत किशन सोमानी और मनीष भालेराव ने किया। कार्यक्रम का संचालन मयंक शर्मा ने किया। अतिथि को स्मृति चिह्न अशोक जायसवाल ने भेंट किया। आभार प्रदर्शन इंदौर प्रेस क्लब के पूर्व अध्यक्ष अरविंद तिवारी ने किया।

सत्ता के निर्माण के विरुद्ध पैदा हुआ विचार ही वामवाद
उन्होंने कहा कि इस विश्व में कोई ऐसा देश हो जो कि समाजवाद के नाम पर खड़ा होकर आदर्श प्रस्तुत कर रहा हो तो बताएं? वर्ष 1917 की क्रांति में रूस पहले सोशलिस्ट फिर वामपंथी देश बना। चीन में भी फिर वामवाद आया। पूंजी के माध्यम से सत्ता के निर्माण के विरुद्ध पैदा हुआ विचार ही वामवाद है।

उन्होंने कहा कि हमारे देश में समाजवाद के लिए काम करने वाले नेता कभी एक नहीं हो पाए। कभी एक-दूसरे का सम्मान नहीं कर पाए और कभी एक दूसरे के साथ संवाद भी नहीं कर पाए। उनका जीवन चरित्र संघर्ष का रहा। वे समाज के साथ आपस में भी लड़ते रहे।

टैग:

संबंधित समाचार

टिप्पणियाँ

अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!