दुर्गम पहाड़ियों की 60 स्कूलों में अचानक पहुंचे अधिकारी: दो स्कूलों पर ताले मिले; अनुपस्थित अतिथि शिक्षकों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई
खुलासा फर्स्ट, इंदौर । बड़वानी जिले की विकासखंड पाटी की दुर्गम पहाड़ियों में संचालित स्कूलों और वहां के शैक्षणिक स्तर की जमीनी असली हकीकत जांचने के लिए कलेक्टर जयति सिंह की योजना कारगर साबित हो सकती है।
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संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
बड़वानी जिले की विकासखंड पाटी की दुर्गम पहाड़ियों में संचालित स्कूलों और वहां के शैक्षणिक स्तर की जमीनी असली हकीकत जांचने के लिए कलेक्टर जयति सिंह की योजना कारगर साबित हो सकती है। यहां जिला शिक्षा अधिकारी के नेतृत्व में 24 अधिकारी बिना किसी को भनक लगे छापामार शैली में 60 स्कूलों का औचक निरीक्षण करने पहुंचे। इस दौरान के दो शालाओं में शिक्षक और छात्रों की जगह ताले मिलने पर अधिकारियों ने विभागीय कार्रवाई की।
शिक्षा का स्तर मतलब शैक्षणिक गुणवत्ता, प्राथमिक और माध्यमिक शालाओं में शिक्षकों एवं छात्रों की उपस्थिति के लिए शाला भवनों के रख रखाव के अलावा संबंधित अन्य तथ्यों की जांच के लिए विकासखंड शिक्षा अधिकारी राजश्री पवार ने सर्व शिक्षा अभियान के सुबह 9 बजे आकस्मिक बैठक बुलाकर दुर्गम इलाके की 60 शालाओं सहित 4 आश्रम शालाओं का एक साथ निरीक्षण करने के लिए अपने 24 अधिकारियों की टीम को 10 बजे रवाना किया।
50 में से 48 विद्यार्थी उपस्थित पाए गए
पवार द्वारा दूरस्थ हाईस्कूल चौरवी एवं अन्य 7 शालाओं एवं 4 आश्रम शालाओं का अवलोकन किया गया। सभी आश्रम शालाओं में दर्ज 50 में से 48 विद्यार्थी उपस्थित पाए गए और शिक्षा गुणवत्ता भी संतोषजनक थी। सभी अधीक्षक उपस्थित पाए गए।
विद्यार्थियों को नियमित शाला भेजने के लिए कहा
प्रफुल्ल पुरोहित प्रभारी प्राचार्य, मुकेश बघेल प्रभारी प्राचार्य, धर्मेन्द्र भावसार प्रभारी प्राचार्य को भी दायित्व सौंपा गया था। इनके द्वारा भी सागबारा, बोरकुण्ड जैसे दुरस्थ शालाओ का अवलोकन किया गया। इस आकस्मिक अवलोकन में शासकीय बोरफल्या लाईझापी एवं रिजवानियाफल्या चौरवी दो शाला जनशिक्षक रमेश वास्कले एवं संजय बरड़े को बंद मिली तथा उक्त अवलोकन में विशेष तथ्य यह पाया गया कि विकासखंड के सबसे दुर्गम क्षेत्र संकुल की शालाएं खुली हुई थीं, किंतु विधार्थियों की उपस्थिति दर्ज के अनुपात में अत्यंत कम थी।
ग्रामीणों से एवं निकटस्थ पालकों से इस विषय पर चर्चा कर विद्यार्थियों को नियमित शाला भेजने के लिए कहा गया, साथ ही जिले की कलेक्टर जयति सिंह के निर्देशानुसार शालाओं में साप्ताहिक पाठ्यक्रम का विभाजन चस्पा करने, साप्ताहिक टेस्ट की जांच तथा वर्क बुक में कराने वाले पाठ्यक्रम पर विशेष जांच के निर्देश दिए गए।
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