अब तक 56: भ्रष्ट कारकूनों पर लोकायुक्त पुलिस का शिकंजा
KHULASA FIRST
संवाददाता

2017 से 2025 के बीच नौ साल में कार्रवाई का तोड़ा रिकॉर्ड
रिश्वत लेते 47 दबोचे, चार छापे मारे, पद के दुरुपयोग के भी पांच केस दर्ज
मुकेश मुवाल 98934-39951 खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार किस कदर फैला है, इसका अंदाजा लोकायुक्त पुलिस की कार्रवाई से सहज ही लगाया जा सकता है। बात अगर बीते साल की करें तो लोकायुक्त पुलिस ने कार्रवाई के ऐसे झंडे गाड़े कि नौ साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया।
2017 में कार्रवाई का जो आंकड़ा 48 था, साल 2025 में बढ़कर वह 56 हो गया है। बीते साल लोकायुक्त एसपी डॉ. राजेश सहाय के कार्यकाल में सबसे ज्यादा 47 भ्रष्ट कारकूनों को रिश्वत लेते दबोचा गया।
चार भ्रष्ट अधिकारियों के यहां छापे मारे गए तो पद के दुरुपयोग के पांच केस भी दर्ज किए। प्रस्तुत है लोकायुक्त पुलिस का सालभर का लेखा-जोखा-
जानकारी के अनुसार बात अगर रिश्वत लेते पकड़ने की करें तो पुलिस विभाग (गृह विभाग) और पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग में सात-सात कारकूनों को रंगे हाथों दबोचा गया। इसके बाद क्रमश: स्कूल एवं शिक्षा विभाग, राजस्व विभाग में छह-छह, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग, वन विभाग, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग में तीन-तीन, ऊर्जा विभाग, स्वास्थ्य विभाग में दो-दो, महिला एवं बाल विकास विभाग, आदिम जाति कल्याण विकास विभाग, जनजातीय कार्य विभाग, परिवहन विभाग, मत्स्य विभाग, सामाजिक न्याय एवं नि:शक्तजन कल्याण विभाग, केनरा बैंक, भारतीय स्टेट बैंक में एक-एक मुलाजिम रिश्वतखोरी करते रंगे हाथों धरे गए। यानी कुल 47 रिश्वतखोर पकड़ाए।
वहीं बात करें छापों की तो वाणिज्यकर, आबकारी, ऊर्जा और सहकारिता विभाग के एक अधिकारी के यहां छापा मारकर करोड़ों की आय से अधिक संपत्ति का खुलासा लोकायुक्त पुलिस ने किया।
इतना ही नहीं अपने पद पर रहते हुए सरकार को नुकसान पहुंचाने, भ्रष्टाचार कर अपनों को फायदा पहुंचाने यानी अपने पद का दुपयोग करने वाले नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के तीन, वन और खनिज विभाग के एक-एक कारकून पर भी केस दर्ज किया गया।
इस तरह कुल 56 कार्रवाई डॉ. राजेश सहाय के कार्यकाल में भ्रष्टों के खिलाफ की गई। हालांकि साल 2023 और 2024 में पंचायत व ग्रामीण विकास विभाग के कारकूनों पर पद के दुरुपयोग के 16-16 केस दर्ज हुए थे, जबकि बीते साल इस विभाग में ट्रेप की कार्रवाई तो हुई, लेकिन पद के दुरुपयोग का एक भी केस दर्ज नहीं हुआ।
खुलकर करें भ्रष्टाचारियों की शिकायत
सरकारी मुलाजिम या अफसर द्वारा अवैध रुपयों की मांग करने पर पीड़ित खुलकर शिकायत करें। संबंधित भ्रष्टाचारी पर कार्रवाई की जाएगी। शिकायतकर्ता कार्यालय, पुलिस अधीक्षक, विशेष पुलिस स्थापना, लोकायुक्त इंदौर संभाग (इंदौर), मोती बंगला, एमजी रोड, इंदौर-452 007, दूरभाष : 0731-2533160, 0731-2430100, ई-मेल : spelokind@mp.gov.in और splokindore@gmail.com पर शिकायत कर सकता है। -डॉ. राजेश सहाय (एसपी लोकायुक्त पुलिस, इंदौर संभाग)
बीते नौ साल में लोकायुक्त पुलिस (इंदौर संभाग) की कार्रवाई
वर्ष 2017 से 2025 तक दर्ज अपराधों की संख्यात्मक जानकारी
वर्ष ट्रेप छापा पद का दुरुपयोग कुल योग
2017 42 03 03 48
2018 34 06 11 51
2019 34 06 15 55
2020 24 01 02 27
2021 33 04 16 53
2022 30 02 10 42
2023 20 04 18 42
2024 34 03 16 53
2025 47 04 05 56
भ्रष्टाचारियों के खिलाफ युवाओं ने खोला मोर्चा
लोकायुक्त डीएसपी सुनील तालान के अनुसार बीते वर्ष हुई ट्रेप कार्रवाई में सबसे ज्यादा युवाओं ने भ्रष्टाचारियों के खिलाफ मोर्चा खोला और शिकायतें की। करीब 37 मामलों में शिकायतकर्ता युवा वर्ग है।
उन्होंने न केवल भ्रष्टाचारियों के खिलाफ सबूत जुटाए, बल्कि उनकी बातों को रिकॉर्ड कर बतौर सबूत पेश किया। बीते साल 34 मामलों में चालान भी पेश किया गया। सबसे बड़ा चालान करीब दस साल पुराने पैरामेडिकल घोटाले का है।
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