कैबिनेट बैठक के 5 बड़े फैसले: भोपाल-इंदौर मेट्रो को बड़ी सौगात; सरकारी कर्मचारियों के लिए खुशखबरी
खुलासा फर्स्ट, भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई मंत्रिमंडल (कैबिनेट) की बैठक में मध्यप्रदेश के विकास और सरकारी कर्मचारियों के हित में कई अहम और ऐतिहासिक निर्णय लिए गए।
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संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, भोपाल।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई मंत्रिमंडल (कैबिनेट) की बैठक में मध्यप्रदेश के विकास और सरकारी कर्मचारियों के हित में कई अहम और ऐतिहासिक निर्णय लिए गए।
इन फैसलों में सबसे महत्वपूर्ण है, भोपाल और इंदौर मेट्रो रेल परियोजना के लिए वित्तीय मंजूरी और राज्य शासन के कर्मचारियों के स्थायी एवं अस्थायी पदों से संबंधित बड़ा बदलाव।
मेट्रो परियोजना को मिली हरी झंडी
प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर और भोपाल में तेजी से आकार ले रही मेट्रो रेल परियोजना को सरकार ने बड़ी वित्तीय सौगात दी है। कैबिनेट ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए भोपाल और इंदौर मेट्रो के विस्तार और निर्माण कार्य हेतु ₹90.67 करोड़ के बजट प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस राशि से दोनों शहरों में मेट्रो का काम तय समय सीमा में आगे बढ़ सकेगा।
सरकारी कर्मचारियों के पदों का अंतर समाप्त
राज्य शासन में कार्यरत लाखों कर्मचारियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। मंत्री परिषद ने स्थायी और अस्थायी पदों के विभेदीकरण को पूरी तरह समाप्त करने का ऐतिहासिक फैसला लिया है।
बदलाव
अब तक मौजूद 10 प्रकार के वर्गीकरण को घटाकर केवल 5 श्रेणियां ही रखी जाएंगी।
लाभ
वर्तमान में स्वीकृत सभी अस्थायी पदों को स्थायी पदों में परिवर्तित करने की स्वीकृति दी गई है, जिससे कर्मचारियों की सेवा शर्तों में स्थिरता आएगी।
अन्य निर्णय
कार्यभारित और आकस्मिक स्थापना के सभी पदों को अब सांख्येतर घोषित कर दिया गया है, और इन पदों पर कोई नई नियुक्ति नहीं की जाएगी।
1782 करोड़ की राघवपुर परियोजना को मंजूरी
डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला ने बताया कि कैबिनेट ने राघवपुर बहुउद्देश्यीय परियोजना के लिए 1782 करोड़ की राशि को हरी झंडी दी है। यह परियोजना अनूपपुर, मंडला और डिंडोरी जैसे तीन जिलों की कृषि अर्थव्यवस्था के लिए गेमचेंजर साबित होगी।
सिंचाई क्षमता
इस परियोजना से इन तीन जिलों की 71,967 हेक्टेयर भूमि की सिंचाई हो सकेगी।
बिजली उत्पादन
इसके साथ ही, परियोजना से 125 मेगावॉट बिजली का उत्पादन भी किया जाएगा।
रोजगार और उद्यम को प्रोत्साहन
युवाओं के बीच स्वरोजगार को बढ़ावा देने वाली उद्यम क्रांति योजना को भी कैबिनेट ने बड़ी मंजूरी दी है।
विस्तार अवधि
इस योजना को अब 2026-27 से लेकर 2030-31 तक लगातार जारी रखने का फैसला लिया गया है।
प्रावधान
इसके लिए सरकार ने 905 करोड़ का वित्तीय प्रावधान सुनिश्चित किया है।
6 नए वन विज्ञान केंद्र की स्थापना
कृषि क्षेत्र में विज्ञान केंद्र (KVK) की तर्ज पर अब राज्य में वन संपदा और रिसर्च को बढ़ावा देने के लिए नए केंद्र स्थापित किए जाएंगे।
संख्या और लागत
प्रदेश में 48 करोड़ की लागत से 6 नए वन विज्ञान केंद्र स्थापित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। इन फैसलों से मध्यप्रदेश में बुनियादी ढांचे, कृषि और सरकारी व्यवस्था में बड़े सुधार की उम्मीद है।
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