31 किलो एमडी ड्रग्स जब्त: 600 किलो रॉ मटेरियल भी मिला; नारकोटिक्स विभाग की बड़ी कार्रवाई, नर्सरी की आड़ में चल रही थी फैक्ट्री, खुलासा फर्स्ट की खबर पर लगी मुहर, आज ही किया था प्रमुखता से खुलासा
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, आगर-मालवा।
नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ नारकोटिक्स विभाग द्वारा एक बड़ी कार्रवाई की गई है। शनिवार सुबह नारकोटिक्स विभाग की संयुक्त टीम ने आमला स्थित तीर्थ नर्सरी पर अचानक छापा मारकर एमडी (MD) ड्रग्स बनाने वाली एक विशाल फैक्ट्री को खुलासा किया है।
खुलासा फर्स्ट ने पहले ही कर दिया था खुलासा
खुलासा फर्स्ट ने शनिवार के अंक में ही प्रमुखता से खुलासा कर दिया था कि आगर-मालवा इलाका ड्रग्स तस्करी का नया अड्डा बन रहा है। अब इस बड़ी कार्रवाई के बाद खुलासा फर्स्ट की खबर पर एक बार फिर मुहर लग गई है।
इलाके में मचा हड़कंप
इस हाई-प्रोफाइल कार्रवाई ने न केवल इलाके में हड़कंप मचा दिया है, बल्कि ड्रग्स माफियाओं के उस बड़े नेटवर्क का भी खुलासा किया है जो एक नर्सरी के पीछे फल-फूल रहा था।
नर्सरी में चल रहा था काला खेल
जिला मुख्यालय से महज 20 किलोमीटर दूर, जहाँ लोग फूल और पौधे खरीदने की उम्मीद करते थे, वहां अंतरराष्ट्रीय स्तर का ड्रग्स सिंडिकेट चल रहा था। केंद्रीय नारकोटिक्स विभाग की कार्रवाई में अब तक जो बरामदगी हुई है, वह चौंकाने वाली है।
31 किलो एमडी ड्रग की जब्त
जानकारी के मुताबिक, इस कार्रवाई के दौरान 31 किलो एमडी ड्रग्स जब्त की गई है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 450 करोड़ रुपए आंकी जा रही है।
इतना ही नहीं 600 किलो रॉ मटेरियल भी जब्त किया गया है, जिससे भारी मात्रा में और ड्रग्स तैयार किया जाना था। इस दौरान फैक्ट्री स्तर की मशीनें और रसायन भी बरामद हुए हैं।
स्थानीय पुलिस को भी भनक नहीं लगी
नारकोटिक्स विभाग को इस बात का अंदेशा था कि ड्रग्स माफियाओं के तार बहुत गहरे जुड़े हैं। इसीलिए इस ऑपरेशन को 'टॉप सीक्रेट' रखा गया। उज्जैन और अन्य जिलों की संयुक्त टीम ने तड़के 4 बजे ऑपरेशन शुरू किया। सुरक्षा और गोपनीयता बनाए रखने के लिए स्थानीय पुलिस को पूरी तरह दूर रखा गया। टीम 5 लग्जरी चारपहिया वाहनों में पहुंची थी ताकि किसी को शक न हो।
मीडिया और बाहरी लोगों की एंट्री बैन
छापेमारी के दौरान नर्सरी परिसर को छावनी में तब्दील कर दिया गया। किसी भी बाहरी व्यक्ति या मीडियाकर्मी को अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई। सुरक्षाकर्मियों ने नर्सरी को चारों ओर से घेर लिया है और वर्तमान में वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में तलाशी अभियान जारी है।
बड़े खुलासे की उम्मीद
सूत्रों के अनुसार, यह केवल एक शुरुआत है। इस फैक्ट्री के तार बड़े शहरों और अंतरराष्ट्रीय तस्करों से जुड़े हो सकते हैं। अभी यह जांच की जा रही है कि इस नर्सरी का मालिक कौन है और किसके संरक्षण में यह करोड़ों का अवैध धंधा चल रहा था। जल्द ही बड़ी गिरफ्तारियों की संभावना है।
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