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लिट चौक के दूसरे दिन विकास, संस्कृति और सुरक्षा पर गहन विमर्श, महापौर पुष्यमित्र भार्गव बोले- 2045 में इंदौर जितना पानी चाहिए, अभी से इंतजाम कर दिया

खुलासा फर्स्ट, इंदौर । महापौर ने बताया कि इंदौर को डिजिटल और आधुनिक शहर के रूप में विकसित किया जा रहा है। वर्तमान में शहर की बिजली खपत 900 मेगावाट से अधिक है, लेकिन आने वाले समय में सोलर ऊर्जा के माध्

Khulasa First

संवाददाता

21 दिसंबर 2025, 12:22 अपराह्न
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लिट चौक के दूसरे दिन विकास, संस्कृति और सुरक्षा पर गहन विमर्श, महापौर पुष्यमित्र भार्गव बोले- 2045 में इंदौर जितना पानी चाहिए, अभी से इंतजाम कर दिया

खुलासा फर्स्ट, इंदौर
महापौर ने बताया कि इंदौर को डिजिटल और आधुनिक शहर के रूप में विकसित किया जा रहा है। वर्तमान में शहर की बिजली खपत 900 मेगावाट से अधिक है, लेकिन आने वाले समय में सोलर ऊर्जा के माध्यम से इस खर्च में उल्लेखनीय कमी लाई जाएगी।

उन्होंने कहा कि नीतियां जनप्रतिनिधि बनाते हैं, लेकिन उनका सफल क्रियान्वयन जनता के सहयोग से ही संभव होता है। अतिक्रमण को उन्होंने एक भावनात्मक विषय बताया, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि यदि समय रहते इससे नहीं निपटा गया, तो यह समस्या और गंभीर रूप ले सकती है।

महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि राजनीति में आने का उनका उद्देश्य समाज की मानसिकता में परिवर्तन लाना है। पढ़े-लिखे होने के कारण ही वे राजनीति की ओर प्रेरित हुए। प्रधानमंत्री द्वारा शुरू किए गए गति शक्ति मंत्रालय की तर्ज पर इंदौर में भी नियमों के तहत विकास कार्य किए जा रहे हैं।

उन्होंने जानकारी दी कि खान और सरस्वती नदियों की एक साथ सफाई की योजना है, हालांकि इसके लिए अधिक बजट की आवश्यकता होगी। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि भारत में महापौर के पास विदेशों की तुलना में कम शक्तियां हैं और शहरों के बेहतर संचालन के लिए और अधिकारों की जरूरत है।

आज इंदौर की छवि पूरी दुनिया में उजली है और यहां का सफाई मॉडल वैश्विक स्तर पर प्रेरणा बन रहा है। इंदौर सभी प्रकार के अपशिष्ट का रीसाइक्लिंग कर रहा है, जिससे शहर की समृद्धि बढ़ेगी। इस सत्र का संचालन पत्रकार जितेंद्र व्यास ने किया।

अभिनेत्री अंजुम शर्मा ने थिएटर और अभिनय के अनुभव साझा किए
दूसरे सत्र में अभिनेत्री अंजुम शर्मा ने थिएटर और अभिनय के अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि थिएटर जीवन जीने जैसा है, क्योंकि यह न केवल अभिनय सिखाता है बल्कि यह भी बताता है कि कौन सा किरदार आपके व्यक्तित्व पर गहरा प्रभाव डालता है।

मिर्जापुर वेब सीरीज के अनुभव साझा करते हुए उन्होंने बताया कि शरद शुक्ला का किरदार उनके स्वयं के सोच-विचार और प्रस्तुति से विकसित हुआ। उन्होंने इंदौर के स्वाद की भी प्रशंसा की और कहा कि छप्पन और सराफा का स्वाद हमेशा यादों में रहता है।

बहुचर्चित बॉम्बे बाजार ऑपरेशन को याद किया
तीसरे सत्र में इंदौर के तत्कालीन एसपी और पूर्व रॉ चीफ अनिल धस्माना ने वरिष्ठ पत्रकार जयदीप कार्णिक से बातचीत में बहुचर्चित बॉम्बे बाजार ऑपरेशन को याद किया। उन्होंने बताया कि कैसे एक हिंसक घटना के दौरान उनके गनमैन की शहादत हुई और पूरे शहर ने पुलिस के साथ एकजुटता दिखाई।

उन्होंने अपने करियर के अनुभव साझा करते हुए कहा कि खुफिया सेवाओं में काम पूरी तरह गुमनामी में होता है और इसके लिए विशेष मानसिकता की आवश्यकता होती है। उन्होंने युवाओं को सलाह दी कि न तो अहंकार रखें और न ही वहम।

अगर कुछ सीखना है तो साहित्य की ओर लौटना होगा: सौरभ द्विवेदी
अंतिम सत्र साहित्य और संस्कृति पर केंद्रित रहा। इंडिया टुडे हिंदी और ‘द लल्लनटॉप’ के संपादक सौरभ द्विवेदी ने कहा कि अगर कुछ सीखना है तो साहित्य की ओर लौटना होगा। किताबों को मित्र बनाकर आत्मविकास संभव है।

उन्होंने युवाओं से मोबाइल और रील्स की दुनिया से बाहर निकलकर पढ़ने, प्रकृति के निकट जाने और भारतीय परंपराओं को समझने की अपील की। सभी सत्रों में बड़ी संख्या में युवाओं की उपस्थिति ने लिट चौक की सार्थकता को और मजबूत किया।

पूर्व रॉ चीफ और लेखक विक्रम सूद ने वैश्विक राजनीति और आंतरिक सुरक्षा पर की चर्चा
चौथे सत्र में पूर्व रॉ चीफ और लेखक विक्रम सूद ने वैश्विक राजनीति और आंतरिक सुरक्षा पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि आज की लड़ाइयां केवल सीमाओं तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि तकनीक और कूटनीति का स्वरूप बदल चुका है। उन्होंने अमेरिका की वैश्विक भूमिका पर भी टिप्पणी की और कहा कि भारत को अपनी खुफिया क्षमताओं को और मजबूत करना चाहिए।

तीन दिवसीय लिट चौक के दूसरे दिन शहर के विकास, कला-संस्कृति, पत्रकारिता और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श हुआ। कार्यक्रम के पहले सत्र में महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने इंदौर के भविष्य को लेकर अपनी योजनाओं और सोच को बेबाकी से रखा। उन्होंने कहा कि वर्ष 2045 में इंदौर को जितने पानी की आवश्यकता होगी, उसकी व्यवस्था अभी से कर ली गई है।

उन्होंने स्वीकार किया कि वर्तमान में सड़कों और नालियों के कारण लोगों को कुछ असुविधा हो रही है, लेकिन यह सब भविष्य की मजबूत राहें तैयार करने के लिए जरूरी है। उन्होंने कहा- ‘जहां काम होगा, वहां खुदाई भी होगी, लेकिन यही इंदौर को आगे ले जाएगी’।

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